
** संवाद 24 नई दिल्ली।** पश्चिम एशिया में तनाव और संघर्ष एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुँच चुका है। सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए एक बड़े और विनाशकारी मिसाइल हमले ने पूरी दुनिया को सन्न कर दिया है। इस भयानक हमले में 12 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई, जबकि 309 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे जैसे अति-संवेदनशील और नागरिक ठिकाने पर हुए इस हमले के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में खलबली मच गई है और युद्ध की आशंकाएं और गहरा गई हैं।
कई देशों के नागरिकों की गई जान, मची चीख-पुकार
सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (GACA/CACA) द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, मरने वालों में सऊदी अरब के 4 नागरिकों के अलावा कई अन्य देशों के लोग शामिल हैं। मृतकों में 2 बांग्लादेशी नागरिक, 1 अमेरिकी, 1 मिस्री, 1 जॉर्डनियन, 1 सीरियाई, 1 फलस्तीनी और 1 सूडानी नागरिक की पुष्टि हुई है। मिसाइल गिरने के तुरंत बाद टर्मिनल परिसर में भारी अफरा-तफरी मच गई। धुआं, मलबे का गुबार और सायरन की गूंज के बीच यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। सैकड़ों घायलों को तुरंत राजधानी रियाद के विभिन्न सैन्य और नागरिक अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहाँ कई लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है।
एयरपोर्ट का बुनियादी ढांचा तबाह, उड़ानों पर भारी ब्रेक
हमले के तुरंत बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत एयरपोर्ट से सभी उड़ानों का संचालन रोक दिया गया। पिछले 24 घंटों में 225 से अधिक उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं, जबकि रियाद आने वाली दर्जनों अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को पड़ोसी सुरक्षित हवाई अड्डों की ओर मोड़ दिया गया। फ्लाइटअवेयर के आंकड़ों के अनुसार, इस हमले के बाद वैश्विक विमानन कंपनियों ने सऊदी अरब के लिए अपनी सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी हैं। लुफ्थांसा ग्रुप, फ्लाईदुबई और पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस समेत प्रमुख एयरलाइनों ने सुरक्षा समीक्षा पूरी होने तक अपनी उड़ानों को रोक दिया है।
भारतीय एयरलाइंस ने भी बढ़ाया निलंबन
इस अचानक उपजे संकट का असर भारत से सऊदी अरब के हवाई रूट पर भी पड़ा है। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस ने अपनी उड़ानों को रद्द करने की समयसीमा आगे बढ़ा दी है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, एअर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानें 14 अक्टूबर तक और एअर इंडिया की सेवाएं 15 अक्टूबर तक स्थगित कर दी गई हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले हजारों भारतीय प्रवासी और उनके परिवार इस अप्रत्याशित व्यवधान के चलते असमंजस और चिंता में हैं।
लगातार बढ़ते हमलों से सुरक्षा पर बड़ा सवाल
यह हमला कोई अकेली घटना नहीं है। पिछले एक सप्ताह में किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को लगातार निशाना बनाया गया है। यमन में सक्रिय ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन द्वारा शुरू किए गए अभियानों के बाद से यह संघर्ष बेहद आक्रामक हो गया है। इससे पहले 6 और 7 अक्टूबर को भी रियाद हवाई अड्डे को निशाना बनाकर हमले किए गए थे, जिसमें एक विमान कैप्टन सहित 3 सऊदी नागरिकों की जान गई थी और कई लोग घायल हुए थे। हूती गुटों द्वारा लगातार अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों को चेतावनियां दी जा रही थीं, और अब इस भीषण हमले ने साबित कर दिया है कि खाड़ी क्षेत्र का सुरक्षा संतुलन गंभीर खतरे में है।
वैश्विक स्तर पर कड़ी निंदा और अलर्ट
नागरिक बुनियादी ढांचे और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को निशाना बनाने की इस कार्रवाई पर दुनिया भर में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। भारत सहित कई वैश्विक शक्तियों ने नागरिक ठिकानों पर हुए इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे अस्वीकार्य और अंतरराष्ट्रीय नियमों का घोर उल्लंघन करार दिया है। वहीं, अमेरिका ने एक सुरक्षा परामर्श जारी कर अपने सभी नागरिकों को रियाद हवाई अड्डे और उसके आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है। सऊदी सेना और रक्षा विशेषज्ञ अब नुकसान का आकलन करने के साथ-साथ अपनी वायु रक्षा प्रणाली की समीक्षा में जुट गए हैं।






