
संवाद 24 नई दिल्ली। देश के करोड़ों बैंक ग्राहकों और कारोबारियों के लिए राहत भरी बड़ी खबर सामने आई है। सोमवार से प्रस्तावित तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल को स्थगित कर दिया गया है। इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और बैंक कर्मचारी संगठनों के शीर्ष निकाय ‘यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस’ (UFBU) के बीच रविवार देर रात तक चली सुलह वार्ता के बाद यह फैसला लिया गया। इस सहमति के साथ ही देश भर के सभी सार्वजनिक और ग्रामीण बैंकों में बैंकिंग कामकाज पूर्ववत सामान्य रूप से शुरू हो गया है।
रविवार रात 9:30 बजे की बैठक में बनी बात
हड़ताल के आह्वान को लेकर रविवार को दिनभर अनिश्चितता का माहौल बना रहा। आम लोगों से लेकर कारोबारी जगत तक इस बात को लेकर चिंतित थे कि लगातार तीन दिन बैंक शाखाएं बंद रहने से उनके वित्तीय लेन-देन अटक जाएंगे। इसी तनावपूर्ण माहौल के बीच रविवार रात 9:30 बजे IBA और UFBU के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के बीच एक अहम बैठक बुलाई गई। कई दौर की गंभीर बातचीत और मांगों पर विचार-विमर्श के बाद प्रबंधन की ओर से सकारात्मक आश्वासन दिया गया, जिसके बाद यूनियन नेताओं ने हड़ताल वापस लेने का ऐलान किया।
सप्ताह में 5 दिन कार्यदिवस पर सहमति का रास्ता खुला
बैंक कर्मचारियों की सबसे प्रमुख और पुरानी मांगों में से एक ‘हफ्ते में केवल पांच दिन काम’ (5-Day Banking) की व्यवस्था लागू करना है। फिलहाल बैंकों में केवल दूसरे और चौथे शनिवार को ही अवकाश रहता है, जबकि कर्मचारी सभी शनिवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग कर रहे हैं। देर रात जारी साझा बयान के अनुसार, सभी शनिवार को अवकाश घोषित करने की मांग का व्यावहारिक समाधान तलाशने के लिए IBA और UFBU की एक संयुक्त समिति (Joint Committee) गठित करने पर सहमति बन गई है। यह समिति ग्राहकों के हितों, तकनीकी पहलुओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को ध्यान में रखते हुए संतुलित रिपोर्ट तैयार करेगी, ताकि ऐसा हल निकाला जा सके जिससे ग्राहकों को असुविधा न हो और कर्मचारियों की मांग भी पूरी हो सके।
वेतन प्रोत्साहन और लंबित मामलों पर भी बनी सहमति
बैठक में केवल पांच दिवसीय कार्यदिवस ही नहीं, बल्कि कर्मचारियों और अधिकारियों से जुड़े अन्य नीतिगत मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। स्केल-IV और उससे वरिष्ठ अधिकारियों के लिए परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना में जरूरी संशोधन करने और इस संबंध में सरकार के समक्ष औपचारिक प्रस्ताव रखने पर रजामंदी हुई है। इसके अलावा 8 मार्च 2024 की पिछली बैठक के कार्यवृत्त (Minutes) में दर्ज बाकी लंबित मसलों को भी जल्द निपटाने की बात कही गई है।
कारोबार और आम जनता को मिला बड़ा सुकून
यदि यह तीन दिवसीय हड़ताल टलती नहीं, तो सोमवार से बुधवार तक देशभर के सरकारी बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक पूरी तरह ठप रहते। महीने के आखिरी दिनों में होने वाले वेतन भुगतान, चेक क्लीयरेंस, नकद निकासी, ड्राफ्ट जारी करने और बड़े व्यापारिक लेन-देन रुक जाते। यहां तक कि कई जगह एटीएम में नकदी की भारी किल्लत होने और ऑनलाइन क्लियरिंग सेवाओं के प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही थी। अब हड़ताल स्थगित होने से सभी शाखाओं में काउंटर सुचारू रूप से खुल गए हैं और आम नागरिक बिना किसी अड़चन के अपने वित्तीय काम निपटा सकेंगे।






