
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 11 अगस्त 2026, मंगलवार
कालगणना
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948 (पराभव)
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – वर्षा
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – आषाढ़ (अमांत), श्रावण (पूर्णिमांत)
पक्ष – कृष्ण
तिथि – चतुर्दशी अगले दिन (12 अगस्त) प्रातः 01:55 AM तक, तत्पश्चात् अमावस्या
वार – मंगलवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – पुनर्वसु सुबह 10:10 AM तक, तत्पश्चात् पुष्य
योग – सिद्धि शाम 06:51 PM तक, तत्पश्चात् व्यतीपात
करण – विष्टि (भद्रा) दोपहर 03:24 PM तक, तत्पश्चात् शकुनि अगले दिन (12 अगस्त) प्रातः 01:55 AM तक, तत्पश्चात् चतुष्पाद
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 05:40 AM
सूर्यास्त – 06:53 PM
चन्द्रोदय – अगले दिन (12 अगस्त) 04:55 AM
चन्द्रास्त – शाम 05:59 PM
चन्द्र राशि – कर्क (पूरा दिन-रात)
अभिजित मुहूर्त – 11:50 AM से 12:43 PM तक
विजय मुहूर्त – 02:32 PM से 03:25 PM तक (दुर्मुहूर्त/राहुकाल रहित काल गणनानुसार)
अशुभ काल
राहुकाल – 03:35 PM से 05:14 PM तक
यमगण्ड – 08:58 AM से 10:37 AM तक
गुलिक काल – 01:36 PM से 02:29 PM तक
दुर्मुहूर्त – 08:18 AM से 09:11 AM तक एवं रात 10:57 PM से 11:40 PM तक
कंटक – 06:33 AM से 07:25 AM तक
कालवेला या अर्द्धयाम – 08:18 AM से 09:11 AM तक
यमघण्ट – 10:04 AM से 10:57 AM तक
गुलिक (दूसरा) – 12:16 PM से 01:55 PM तक
शुभ चौघड़िया
चर – 08:58 AM से 10:37 AM तक
लाभ – 10:37 AM से 12:16 PM तक
अमृत – 12:16 PM से 01:55 PM तक
शुभ – 03:35 PM से 05:14 PM तक
दिशाशूल एवं यात्रा विचार
दिशाशूल – उत्तर
यात्रा उपाय – मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा टालें। यदि अनिवार्य हो, तो गुड़ या धनिया खाकर अथवा हनुमान जी के दर्शन कर प्रस्थान करें।
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
मासिक शिवरात्रि / मङ्गलवार व्रत / पुष्य नक्षत्र
आज श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। आज भगवान शिव की आराधना का पावन पर्व ‘मासिक शिवरात्रि’ मनाया जाएगा। इसके साथ ही सुबह 10:10 AM के बाद अत्यंत शुभ ‘पुष्य नक्षत्र’ का संयोग बनेगा। दोपहर 03:24 PM तक भद्रा (विष्टि करण) का प्रभाव रहेगा, जिसके समाप्त होने के बाद शिव पूजन व अन्य मांगलिक कार्य करना उत्तम रहेगा।
पुष्य नक्षत्र का प्रभाव
सुबह 10:10 AM के बाद पूरे दिन और रात पुष्य नक्षत्र रहेगा, जिसके स्वामी शनि देव और अधिपति देवगुरु बृहस्पति हैं। यह नक्षत्र सभी 27 नक्षत्रों का राजा माना जाता है, जो नए कार्यों की शुरुआत, खरीदारी, तंत्र-मंत्र साधना और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए सर्वसिद्धिदायक है।
विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण
आज चन्द्रमा पूरे दिन और रात अपनी स्वराशि कर्क में गोचर करेंगे। स्वराशि के चन्द्रमा और पुष्य नक्षत्र का यह दुर्लभ योग जातकों में मानसिक सुख-शांति, संवेदनशीलता, पारिवारिक मजबूती और व्यापारिक निर्णयों में सफलता प्रदान करेगा।

आज का राशिफल – 11 अगस्त 2026 मंगलवार
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
चन्द्रमा के चतुर्थ भाव में होने से घरेलू सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। प्रॉपर्टी या वाहन की खरीदारी का मन बन सकता है। माता का पूरा आशीर्वाद मिलेगा और मानसिक शांति बनी रहेगी।
उपाय – हनुमान जी को चोला या लाल सिंदूर अर्पित करें।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आपके पराक्रम और साहस में वृद्धि होगी। छोटे भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा। व्यावसायिक यात्राएं अत्यंत लाभकारी सिद्ध होंगी और आपके संपर्क सूत्रों से धन लाभ होगा।
उपाय – सुंदरकांड या हनुमान चालीसा का पाठ करें।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
आर्थिक मोर्चे पर आज का दिन बहुत मजबूत रहेगा। फंसा हुआ धन वापस मिल सकता है। परिवार के सदस्यों के साथ किसी मांगलिक कार्य पर चर्चा होगी और वाणी से लाभ मिलेगा।
उपाय – भगवान गणेश को दूर्वा और मोदक अर्पित करें।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
चन्द्रमा आपकी ही राशि में गोचर कर रहे हैं, जिससे आत्मविश्वास चरम पर रहेगा। आपके सोचे हुए कार्य आसानी से पूरे होंगे। व्यापार में नए अवसर मिलेंगे और समाज में साख बढ़ेगी।
उपाय – शिवलिंग पर जल में कच्चा दूध मिलाकर अर्पित करें।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
अनावश्यक दौड़भाग और खर्चों से मन थोड़ा चिंतित रह सकता है। दूर की यात्राओं के योग बन रहे हैं। लेन-देन में सतर्कता बरतें और शाम को शिव मंदिर में दीप जलाएं।
उपाय – मस्तक पर लाल चंदन का तिलक लगाएं।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आय के स्रोतों में जबरदस्त वृद्धि होने की संभावना है। पुराने किए गए निवेश से बड़ा मुनाफा मिलेगा। मित्रों और बड़े भाई-बहनों का भरपूर सहयोग प्राप्त होगा।
उपाय – गाय को हरा चारा या गुड़ खिलाएं।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
नौकरी और व्यवसाय के क्षेत्र में आज शानदार सफलता मिलेगी। उच्च अधिकारी आपके कार्यों की सराहना करेंगे। कार्यक्षेत्र में पद-प्रतिष्ठा और मान-सम्मान बढ़ेगा।
उपाय – देवी लक्ष्मी के सम्मुख घी का दीपक जलाएं।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में मन लगेगा। किसी तीर्थ यात्रा की योजना बन सकती है। कानूनी मामलों में विजय मिलेगी।
उपाय – बजरंग बाण का पाठ करें।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
अष्टम भाव में चन्द्रमा के प्रभाव से सेहत के प्रति विशेष सावधानी बरतें। वाहन चलाते समय सतर्कता रखें। अवांछित विवादों से दूरी बनाना ही हितकर रहेगा।
उपाय – भगवान शिव का पंचामृत से अभिषेक करें।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
दाम्पत्य जीवन में प्रेम और मधुरता बनी रहेगी। साझेदारी के व्यापार में बड़ा आर्थिक लाभ होने की संभावना है। नए और मजबूत व्यापारिक संबंध स्थापित होंगे।
उपाय – ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का जप करें।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
प्रतिद्वंद्वी और शत्रुओं पर आपकी विजय सुनिश्चित होगी। नौकरीपेशा जातकों को कार्यस्थल पर सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य में सुधार महसूस करेंगे।
उपाय – भगवान शिव को बेलपत्र और जल चढ़ाएं।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
विद्यार्थियों के लिए दिन उत्तम है। संतान पक्ष से कोई सुखद समाचार मिल सकता है। बौद्धिक क्षमता से व्यापार में लाभ होगा और प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी।
उपाय – श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
॥ शुभम भवतु ॥

