
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 28 जुलाई 2026, मंगलवार
कालगणना
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – वर्षा
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – आषाढ़ (अमांत), आषाढ़ (पूर्णिमांत)
पक्ष – शुक्ल
तिथि – चतुर्दशी शाम 06:21 PM तक, तत्पश्चात् पूर्णिमा
वार – मंगलवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – पूर्वाषाढ़ा दोपहर 01:12 PM तक, तत्पश्चात् उत्तराषाढ़ा
योग – विष्कंभ रात 11:33 PM तक, तत्पश्चात् प्रीति
करण – वणिज शाम 06:21 PM तक, तत्पश्चात् विष्टि (भद्रा) अगले दिन (29 जुलाई) प्रातः 07:13 AM तक
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 05:32 AM
सूर्यास्त – 07:03 PM
चन्द्रोदय – 06:25 PM
चन्द्रास्त – अगले दिन (29 जुलाई) 04:59 AM
चन्द्र राशि – धनु शाम 07:50 PM तक, तत्पश्चात् मकर
अभिजित मुहूर्त – 11:51 AM से 12:45 PM तक
विजय मुहूर्त – 02:34 PM से 03:29 PM तक (दुर्मुहूर्त/राहुकाल रहित काल गणनानुसार)
अशुभ काल
राहुकाल – 03:40 PM से 05:21 PM तक
यमगण्ड – 08:55 AM से 10:36 AM तक
गुलिक काल – 01:39 PM से 02:33 PM तक
दुर्मुहूर्त – 08:14 AM से 09:08 AM तक एवं रात 11:00 PM से 11:44 PM तक
कंटक – 06:26 AM से 07:20 AM तक
कालवेला या अर्द्धयाम – 08:14 AM से 09:08 AM तक
यमघण्ट – 10:02 AM से 10:56 AM तक
गुलिक (दूसरा) – 12:18 PM से 01:59 PM तक
शुभ चौघड़िया
चर – 08:55 AM से 10:36 AM तक
लाभ – 10:36 AM से 12:18 PM तक
अमृत – 12:18 PM से 01:59 PM तक
शुभ – 03:40 PM से 05:21 PM तक
दिशाशूल एवं यात्रा विचार
दिशाशूल – उत्तर
यात्रा उपाय – मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा टालें। यदि अनिवार्य हो, तो गुड़ या धनिया खाकर अथवा हनुमान जी के दर्शन कर प्रस्थान करें।
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
आषाढ़ी पूर्णिमा प्रारम्भ / भद्रा प्रारम्भ
आज शाम 06:21 PM के बाद आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ हो जाएगी। आज शाम 06:21 PM से भद्रा (विष्टि करण) भी प्रारंभ होगी, जो अगले दिन सुबह तक रहेगी। शाम को सत्यनारायण भगवान की कथा एवं व्रत का संकल्प लिया जाएगा।
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का प्रभाव
दोपहर 01:12 PM के बाद उत्तराषाढ़ा नक्षत्र लगेगा, जिसके स्वामी सूर्य देव और अधिपति विश्वेदेव हैं। यह नक्षत्र स्थायी सफलता, नेतृत्व क्षमता, धार्मिक कार्यों और कानूनी मामलों में विजय दिलाने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण
आज चन्द्रमा शाम 07:50 PM तक गुरु की राशि धनु में रहेंगे, जिसके बाद वे अपने मित्र शनि की राशि मकर में प्रवेश करेंगे। मकर राशि में चन्द्रमा का गोचर कार्यों में अनुशासन, व्यावहारिकता और कार्यक्षेत्र में स्थायित्व प्रदान करेगा।

आज का राशिफल – 28 जुलाई 2026 मंगलवार
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
शाम तक भाग्य का साथ मिलेगा जिससे रुके हुए काम गति पकड़ेंगे। शाम के बाद चन्द्रमा के दशम भाव में आने से कार्यक्षेत्र में पद-प्रतिष्ठा बढ़ेगी और नए अधिकार मिलेंगे।
उपाय – हनुमान जी को चोला या लाल सिंदूर अर्पित करें।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
दिन के पूर्वार्ध में सेहत और धन के लेन-देन को लेकर सचेत रहें। शाम के बाद स्थितियां काफी अनुकूल हो जाएंगी, धार्मिक कार्यों में मन लगेगा और यात्रा के योग बनेंगे।
उपाय – सुंदरकांड का पाठ करें या सुनें।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
दाम्पत्य जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। व्यापार में साझेदारों से लाभ होगा। शाम के बाद स्वास्थ्य के प्रति थोड़ी सावधानी बरतें और वाहन सावधानी से चलाएं।
उपाय – भगवान गणेश को बेसन के लड्डू चढ़ाएं।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
शत्रुओं और प्रतिस्पर्धियों पर आपकी विजय होगी। शाम के बाद चन्द्रमा के सप्तम भाव में गोचर से जीवनसाथी का भरपूर सहयोग मिलेगा और व्यापारिक यात्राएं सफल होंगी।
उपाय – शिवलिंग पर जल में लाल चंदन मिलाकर अर्पित करें।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
संतान पक्ष से कोई शुभ समाचार मिल सकता है। बौद्धिक क्षमता से कार्यों में सफलता मिलेगी। शाम के बाद कोर्ट-कचहरी और शत्रुओं से जुड़े मामलों में राहत मिलेगी।
उपाय – हनुमान चालीसा का 3 बार पाठ करें।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
घरेलू सुख-साधनों की वृद्धि होगी। माता का आशीर्वाद मिलेगा। शाम के बाद विद्यार्थियों और प्रतियोगिता की तैयारी कर रहे जातकों को बेहतरीन अवसर प्राप्त होंगे।
उपाय – गाय को गुड़ या चना खिलाएं।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
आपके पराक्रम और साहस की सराहना होगी। छोटे भाई-बहनों का सहयोग बना रहेगा। शाम के बाद प्रॉपर्टी या वाहन से जुड़ा कोई रुका हुआ काम पूरा हो सकता है।
उपाय – देवी लक्ष्मी के सम्मुख घी का दीपक जलाएं।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आर्थिक मामलों में आज का दिन शानदार रहेगा। फंसा हुआ धन वापस मिल सकता है। शाम के बाद आपके साहस और संपर्क सूत्र के बल पर नए व्यावसायिक सौदे फाइनल होंगे।
उपाय – बजरंग बाण का पाठ करें।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
शाम तक चन्द्रमा आपकी राशि में रहने से मन प्रसन्न और ऊर्जावान रहेगा। शाम के बाद धन भाव में चन्द्रमा के आने से आर्थिक लाभ के नए स्रोत खुलेंगे और बैंक बैलेंस बढ़ेगा।
उपाय – भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
दिन के पूर्वार्ध में खर्चों की अधिकता रह सकती है। लेन-देन में सतर्कता बरतें। शाम को चन्द्रमा के आपकी राशि में आते ही मान-सम्मान बढ़ेगा और मानसिक तनाव दूर होगा।
उपाय – ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का जप करें।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आर्थिक दृष्टिकोण से शाम तक का समय बहुत लाभकारी है। मित्रों से सहयोग मिलेगा। शाम के बाद यात्रा के योग बन सकते हैं, बेफिजूल के खर्चों पर थोड़ा नियंत्रण रखें।
उपाय – पीपल के पेड़ के पास सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
कार्यक्षेत्र और करियर में प्रगति का दिन है। अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। शाम के बाद आय के साधनों में वृद्धि होगी और किसी पुराने निवेश से बड़ा मुनाफा मिल सकता है।
उपाय – श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
॥ शुभम भवतु ॥

