
कारगिल विजय दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की ओर से कन्नौज नगर में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा का उद्देश्य वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करना तथा युवाओं में राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय चेतना का संदेश प्रसारित करना था। कारगिल विजय दिवस प्रत्येक वर्ष 26 जुलाई को भारतीय सेना की ऐतिहासिक विजय और शहीदों के अदम्य साहस की स्मृति में मनाया जाता है।
देशभक्ति के नारों से गूंजे नगर के प्रमुख मार्ग
तिरंगा यात्रा में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शिक्षक, परिषद के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं नगर के गणमान्य नागरिक शामिल हुए। हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लिए प्रतिभागी भारत माता के जयघोष और देशभक्ति से ओत-प्रोत नारों के साथ नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरे। यात्रा के दौरान देशभक्ति का वातावरण देखने को मिला और विभिन्न स्थानों पर नागरिकों ने भी यात्रा का स्वागत किया।
युवाओं को राष्ट्रसेवा का दिया संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि कारगिल के वीर सैनिकों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने तथा सैनिकों के त्याग, साहस और समर्पण से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
शहीदों को श्रद्धांजलि के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम का समापन कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को सामूहिक श्रद्धांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर शिक्षक राहुल मिश्र, आर्यन कटियार, जिला संयोजक सक्षम गुप्ता, जिला छात्रा प्रमुख कशिश गुप्ता, नगर मंत्री ऋतुराज पांडे, सनम मिश्रा, सौरभ राठौर, अक्षत त्रिवेदी, चंदन मिश्रा, जय त्रिपाठी, अखिल मिश्रा, आयुष अवस्थी, अभिनय दुबे, मधुर पांडेय, बालाजी, कार्तिक पांडेय, हर्षित तिवारी, अभय चौहान, प्रिंस दिवाकर, चंदन तिवारी, पुलकित दुबे, ध्रुव पांडे, सिद्धांत मिश्रा, वान्या, यशिका, अंशवी, गौरी, मनोज पटेल, वरुण दुबे, आदर्श मिश्रा, शौर्य गुप्ता, अभी गुप्ता, विजय राजपूत सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
राष्ट्रभक्ति का संदेश बना आयोजन का मुख्य उद्देश्य
तिरंगा यात्रा के माध्यम से विद्यार्थियों और युवाओं में राष्ट्रप्रेम, देशभक्ति तथा शहीदों के बलिदान के प्रति सम्मान का संदेश दिया गया। आयोजन ने कारगिल के अमर वीरों के शौर्य और त्याग को स्मरण करते हुए राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा दी।






