बुखार के प्रकोप के बीच क्लीनिक में मरीजों को ड्रिप लगाने का वीडियो वायरल, जांच के घेरे में आया मामला

ठठिया/कन्नौज। कन्नौज जिले के तिर्वा तहसील क्षेत्र में बुखार के बढ़ते मामलों के बीच ठठिया थाना क्षेत्र में एक निजी क्लीनिक से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल वीडियो में कथित तौर पर कुछ मरीजों को क्लीनिक में भर्ती कर ड्रिप लगाकर उपचार करते हुए दिखाया जा रहा है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और क्लीनिक के संबंध में स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

बुखार के बढ़ते मामलों के बीच सामने आया वीडियो

दरअसल, तिर्वा तहसील क्षेत्र के ककरघटा गांव और आसपास के इलाकों में इन दिनों बड़ी संख्या में लोग बुखार से प्रभावित बताए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने भी स्थिति को गंभीरता से लेते हुए गांव में जांच और उपचार का अभियान चलाया है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार स्वास्थ्य टीमों ने बड़ी संख्या में मरीजों को दवाएं वितरित कीं और रक्त के नमूने भी लिए।

सस्ते इलाज के नाम पर मरीजों को भर्ती करने का आरोप

स्थानीय लोगों की ओर से यह आरोप भी सामने आया है कि आसपास संचालित कुछ निजी क्लीनिकों में कम खर्च में इलाज उपलब्ध कराने का दावा कर मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। कुछ लोगों ने जांच और उपचार के लिए अपेक्षाकृत अधिक रकम लिए जाने की बात भी कही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।ऐसे समय में जब क्षेत्र में बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है, निजी स्तर पर उपचार कराने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ना स्वाभाविक है। ऐसे में यह महत्वपूर्ण हो जाता है कि मरीजों का इलाज पंजीकृत और योग्य चिकित्सकों द्वारा तथा निर्धारित चिकित्सा मानकों के अनुरूप ही हो।

स्वास्थ्य विभाग पहले भी कर चुका है कार्रवाई

ठठिया क्षेत्र में बिना पंजीकरण संचालित क्लीनिकों को लेकर स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पहले भी सामने आ चुकी है। वर्ष 2020 में विभाग ने क्षेत्र में बिना पंजीकरण संचालित क्लीनिकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी और कुछ संचालकों को नोटिस जारी किए गए थे।हालिया मामले में भी यदि वायरल वीडियो में दिखाई गई गतिविधियां नियमों के विपरीत पाई जाती हैं तो संबंधित क्लीनिक के दस्तावेज, संचालक की योग्यता और पंजीकरण समेत अन्य बिंदुओं की जांच महत्वपूर्ण होगी।

जांच के बाद सामने आएगी वास्तविक तस्वीर

मामले की जानकारी स्वास्थ्य अधिकारियों तक पहुंचने के बाद चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजन शर्मा की ओर से उच्च अधिकारियों को अवगत कराने और क्लीनिक के दस्तावेजों की जांच किए जाने की बात सामने आई है। जांच में यदि क्लीनिक का संचालन नियमों के विपरीत पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।फिलहाल वायरल वीडियो के आधार पर किसी व्यक्ति अथवा क्लीनिक को अवैध या फर्जी चिकित्सक घोषित करना उचित नहीं होगा। स्वास्थ्य विभाग की जांच और आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि संबंधित क्लीनिक के पास आवश्यक पंजीकरण और चिकित्सकीय मानकों को पूरा करने वाले दस्तावेज हैं या नहीं।

बीमारी के बीच ग्रामीणों की बढ़ी चिंता

ककरघटा और आसपास के क्षेत्रों में बुखार के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। हालिया रिपोर्टों में जलभराव और गंदगी को लेकर भी ग्रामीणों की चिंताएं सामने आई हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा जांच, दवा वितरण और मच्छर नियंत्रण के प्रयास किए जा रहे हैं।ऐसे में स्थानीय लोगों की मांग है कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता के साथ-साथ क्षेत्र में संचालित निजी क्लीनिकों की भी नियमानुसार जांच की जाए, ताकि बीमारी के दौर में मरीजों को सुरक्षित और मानक उपचार मिल सके।

Shivpratap Singh
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