10 सितम्बर 2026 का वैदिक पंचांग एवं राशिफल

वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 10 सितम्बर 2026, गुरुवार

कालगणना
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948 (पराभव)
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शरद

मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – श्रावण (अमांत), भाद्रपद (पूर्णिमांत)
पक्ष – कृष्ण
तिथि – चतुर्दशी सुबह 10:34 AM तक, तत्पश्चात् अमावस्या (पिठोरी/भाद्रपद दर्श अमावस्या)
वार – गुरुवार

नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – मघा दोपहर 02:05 PM तक, तत्पश्चात् पूर्वाफाल्गुनी
योग – सिद्ध शाम 07:17 PM तक, तत्पश्चात् साध्य
करण – शकुनि सुबह 10:34 AM तक, तत्पश्चात् चतुष्पाद रात 09:43 PM तक, तत्पश्चात् नाग

सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 05:54 AM
सूर्यास्त – 06:22 PM
चन्द्रोदय – अगले दिन (11 सितम्बर) प्रातः 05:51 AM
चन्द्रास्त – शाम 05:51 PM
चन्द्र राशि – सिंह (पूरा दिन-रात)
अभिजित मुहूर्त – 11:43 AM से 12:33 PM तक
विजय मुहूर्त – 02:32 PM से 03:24 PM तक (दुर्मुहूर्त/राहुकाल रहित काल गणनानुसार)

अशुभ काल
राहुकाल – 01:42 PM से 03:15 PM तक
यमगण्ड – 05:54 AM से 07:28 AM तक
गुलिक काल – 09:01 AM से 10:35 AM तक
दुर्मुहूर्त – 10:03 AM से 10:53 AM तक एवं दोपहर 03:03 PM से 03:53 PM तक
कंटक – 03:03 PM से 03:53 PM तक
कालवेला या अर्द्धयाम – 04:43 PM से 05:32 PM तक
यमघण्ट – 06:44 AM से 07:34 AM तक
गुलिक (दूसरा) – 10:03 AM से 10:53 AM तक

शुभ चौघड़िया
शुभ – 05:54 AM से 07:28 AM तक
चर – 10:35 AM से 12:08 PM तक
लाभ – 12:08 PM से 01:42 PM तक
अमृत – 01:42 PM से 03:15 PM तक

दिशाशूल एवं यात्रा विचार
दिशाशूल – दक्षिण
यात्रा उपाय – गुरुवार को दक्षिण दिशा की यात्रा टालें। यदि अनिवार्य हो, तो दही या जीरा खाकर अथवा देवगुरु बृहस्पति का ध्यान कर प्रस्थान करें।

व्रत-पर्व एवं विशेष योग
भाद्रपद दर्श अमावस्या (पिठोरी अमावस्या / कुशोत्पाटिनी अमावस्या) / गंडमूल समाप्ति
आज सुबह 10:34 AM के बाद भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की पावन ‘अमावस्या तिथि’ प्रारंभ हो जाएगी। इसे ‘पिठोरी अमावस्या’ और ‘कुशग्रहणी/कुशोत्पाटिनी अमावस्या’ भी कहा जाता है। आज के दिन पितरों के निमित्त तर्पण, पिंडदान, दान-पुण्य और वर्ष भर के धार्मिक कार्यों हेतु पवित्र कुश उखाड़ना अत्यंत शुभ माना जाता है। दोपहर 02:05 PM पर मघा नक्षत्र की समाप्ति के साथ ‘गंडमूल’ काल समाप्त हो जाएगा। शाम 07:17 PM तक ‘सिद्ध योग’ रहेगा।

मघा एवं पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र का प्रभाव
दोपहर 02:05 PM तक मघा नक्षत्र रहेगा, जिसके स्वामी केतु देव और अधिपति पितर गण हैं। यह नक्षत्र पितृ पूजन, आध्यात्मिक साधना और कुल परंपराओं के निर्वहन के लिए श्रेष्ठ है। इसके बाद शुक्र के स्वामित्व वाले पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र का आगमन होगा, जो कला, सौंदर्य, प्रेम, भौतिक सुख और पारिवारिक आनंद में वृद्धि करेगा।

विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण
आज चन्द्रमा पूरे दिन और रात सूर्य देव की स्वराशि सिंह में संचरण करेंगे। गुरुवार को सिंह राशि के चन्द्रमा और सिद्ध योग का यह दिव्य संयोग जातकों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, प्रशासनिक कार्यों में सफलता और आध्यात्मिक रुझान को मजबूत करेगा। शुभ कार्यों के संपादन के लिए दोपहर के अभिजित मुहूर्त का उपयोग करें।

आज का राशिफल – 10 सितम्बर 2026 गुरुवार

मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
पंचम भाव में चन्द्रमा के प्रभाव से विद्यार्थियों और बौद्धिक कार्यों से जुड़े जातकों को बड़ी सफलता मिलेगी। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिलेगा और प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी।
उपाय – भगवान विष्णु को पीला चंदन और तुलसी दल अर्पित करें।

वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
चतुर्थ भाव में चन्द्रमा के गोचर से घरेलू सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। प्रॉपर्टी, नया मकान या वाहन खरीदने से जुड़ी योजनाएं सफल होंगी। माता का पूरा आशीर्वाद प्राप्त होगा।
उपाय – केले के वृक्ष में जल चढ़ाएं और चने की दाल का दान करें।

मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
आपके पराक्रम और साहस में वृद्धि होगी। छोटे भाई-बहनों और मित्रों का भरपूर सहयोग मिलेगा। छोटी लेकिन अत्यंत लाभकारी व्यावसायिक यात्राएं होंगी।
उपाय – भगवान गणेश को बेसन के लड्डू चढ़ाएं।

कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
धन भाव में चन्द्रमा के प्रभाव से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। रुका हुआ धन वापस मिलेगा और बैंक बैलेंस बढ़ेगा। वाणी की मधुरता से पारिवारिक माहौल खुशनुमा रहेगा।
उपाय – शिवलिंग पर जल में कच्चा दूध और अक्षत अर्पित करें।

सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
चन्द्रमा आपकी ही राशि में गोचर कर रहे हैं, जिससे आत्मविश्वास चरम पर रहेगा। आपके नेतृत्व और कार्यकुशलता की सराहना होगी। सोचे हुए कार्य समय पर पूरे होंगे।
उपाय – मस्तक पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं।

कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
द्वादश भाव में चन्द्रमा के प्रभाव से आज व्यर्थ के खर्चों पर नियंत्रण रखें। दूर की यात्राओं के योग बन सकते हैं। वित्तीय लेन-देन में पूरी सतर्कता बरतें।
उपाय – श्री सूक्त का पाठ करें।

तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
एकादश भाव में चन्द्रमा के गोचर से आय के नए स्रोत बनेंगे। पुराने किए गए निवेश से बड़ा आर्थिक लाभ होगा। मित्रों और वरिष्ठों का पूरा सहयोग मिलेगा।
उपाय – विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें या सुनें।

वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
दशम भाव में चन्द्रमा के प्रभाव से नौकरी और कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। उच्च अधिकारियों का मार्गदर्शन मिलेगा और व्यापार में नए अनुबंध मिलेंगे।
उपाय – हनुमान जी को बूंदी का प्रसाद अर्पित करें।

धनु (ये, Yo, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों में मन लगेगा। किसी तीर्थ यात्रा की रूपरेखा बन सकती है। अटके हुए सरकारी कार्य पूरे होंगे।
उपाय – देवगुरु बृहस्पति के मंत्र ‘ॐ बृं बृहस्पतये नमः’ का जप करें।

मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
अष्टम भाव में चन्द्रमा के प्रभाव से आज स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें और वाहन सावधानी से चलाएं। किसी गुप्त स्रोत से अचानक धन लाभ हो सकता है।
उपाय – जरूरतमंदों को पीला अन्न या फल दान करें।

कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
दाम्पत्य जीवन में प्रेम और सौहार्द बना रहेगा। साझेदारी के व्यापार में बड़ा आर्थिक लाभ होने की संभावना है। सामाजिक जीवन में साख मजबूत होगी।
उपाय – भगवान शिव को साबुत अक्षत चढ़ाएं।

मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
प्रतिद्वंद्वी और गुप्त शत्रु आपके सामने टिक नहीं पाएंगे। नौकरीपेशा जातकों को कार्यस्थल पर अनुकूलता मिलेगी। स्वास्थ्य संबंधी पुरानी समस्याओं में सुधार होगा।
उपाय – भगवान सत्यनारायण की कथा का श्रवण करें।

॥ शुभम भवतु ॥

Samvad 24 Office
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