07 सितम्बर 2026 का वैदिक पंचांग एवं राशिफल

वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 07 सितम्बर 2026, सोमवार

कालगणना
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948 (पराभव)
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शरद

मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – श्रावण (अमांत), भाद्रपद (पूर्णिमांत)
पक्ष – कृष्ण
तिथि – एकादशी शाम 05:06 PM तक, तत्पश्चात् द्वादशी
वार – सोमवार

नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – पुनर्वसु शाम 06:14 PM तक, तत्पश्चात् पुष्य
योग – व्यतीपात प्रातः 06:40 AM तक, तत्पश्चात् वरीयान अगले दिन (08 सितम्बर) प्रातः 03:38 AM तक
करण – बव प्रातः 06:18 AM तक, तत्पश्चात् बालव शाम 05:06 PM तक, तत्पश्चात् कौलव

सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 05:53 AM
सूर्यास्त – 06:26 PM
चन्द्रोदय – अगले दिन (08 सितम्बर) 02:37 AM
चन्द्रास्त – दोपहर 03:52 PM
चन्द्र राशि – मिथुन दोपहर 12:39 PM तक, तत्पश्चात् कर्क
अभिजित मुहूर्त – 11:44 AM से 12:34 PM तक
विजय मुहूर्त – 02:32 PM से 03:24 PM तक (दुर्मुहूर्त/राहुकाल रहित काल गणनानुसार)

अशुभ काल
राहुकाल – 07:27 AM से 09:01 AM तक
यमगण्ड – 10:35 AM से 12:09 PM तक
गुलिक काल – 01:43 PM से 03:17 PM तक
दुर्मुहूर्त – दोपहर 12:34 PM से 01:24 PM तक एवं दोपहर 03:05 PM से 03:55 PM तक
कंटक – 08:23 AM से 09:13 AM तक
कालवेला या अर्द्धयाम – 10:04 AM से 10:54 AM तक
यमघण्ट – 11:44 AM से 12:34 PM तक
गुलिक (दूसरा) – 03:05 PM से 03:55 PM तक

शुभ चौघड़िया
अमृत – 05:53 AM से 07:27 AM तक
शुभ – 09:01 AM से 10:35 AM तक
चर – 01:43 PM से 03:17 PM तक
लाभ – 03:17 PM से 04:51 PM तक

दिशाशूल एवं यात्रा विचार
दिशाशूल – पूर्व
यात्रा उपाय – सोमवार को पूर्व दिशा की यात्रा टालें। यदि अनिवार्य हो, तो दर्पण देखकर या दूध-मिश्री का सेवन कर प्रस्थान करें।

व्रत-पर्व एवं विशेष योग
अजा एकादशी व्रत / पुष्य नक्षत्र संयोग
आज भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की पावन ‘अजा एकादशी’ का व्रत रखा जाएगा। इस दिन भगवान श्रीहरि विष्णु और भगवान शिव का पूजन करने से समस्त जाने-अनजाने हुए पापों का नाश होता है और व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। शाम 06:14 PM के बाद नक्षत्रों के राजा ‘पुष्य नक्षत्र’ का आगमन होगा, जो सोमवार के साथ मिलकर अत्यंत शुभ व मांगलिक फल देने वाला योग बनाता है।

पुनर्वसु एवं पुष्य नक्षत्र का प्रभाव
शाम 06:14 PM तक पुनर्वसु नक्षत्र रहेगा, जिसके स्वामी देवगुरु बृहस्पति और अधिपति माता अदिति हैं। यह नक्षत्र नवजीवन, समृद्धि, आध्यात्मिक उन्नति और यात्राओं के लिए उत्तम है। इसके पश्चात् शनि देव के स्वामित्व वाले पुष्य नक्षत्र का आगमन होगा, जो खरीदारी, नवीन कार्य प्रारंभ और स्थिरता के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।

विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण
आज चन्द्रमा दोपहर 12:39 PM तक बुध देव की राशि मिथुन में और उसके बाद अपनी स्वराशि कर्क में प्रवेश करेंगे। स्वराशि में चन्द्रमा का संचरण जातकों में मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन, पारिवारिक सुख और रचनात्मकता में वृद्धि करेगा। शुभ कार्यों के लिए दोपहर के अभिजित मुहूर्त का प्रयोग करें।

आज का राशिफल – 07 सितम्बर 2026 सोमवार

मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
दोपहर तक पराक्रम बना रहेगा। दोपहर के बाद चतुर्थ भाव में चन्द्रमा के आने से घरेलू सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। प्रॉपर्टी या नए वाहन से जुड़े रुके काम पूरे होंगे। माता का आशीर्वाद मिलेगा।
उपाय – शिवलिंग पर जलाभिषेक कर ‘ॐ नमः शिवाय’ का जप करें।

वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
दोपहर तक आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। दोपहर के बाद आपके साहस और संपर्क सूत्रों में वृद्धि होगी। छोटे भाई-बहनों का भरपूर सहयोग मिलेगा।
उपाय – मस्तक पर सफेद चंदन का तिलक लगाएं।

मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
दोपहर तक चन्द्रमा आपकी ही राशि में रहने से स्फूर्ति बनी रहेगी। दोपहर के बाद धन भाव में चन्द्रमा आने से अटका हुआ धन वापस मिलेगा और बैंक बैलेंस बढ़ेगा।
उपाय – भगवान शिव को कच्चा दूध और दूर्वा चढ़ाएं।

कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
दोपहर तक खर्चों पर नियंत्रण रखें। दोपहर 12:39 PM के बाद चन्द्रमा आपकी ही राशि में स्वग्रही होकर प्रवेश करेंगे, जिससे मानसिक तनाव दूर होगा, आत्मविश्वास लौटेगा और नए अवसर मिलेंगे।
उपाय – सोमवार के दिन शिव चालीसा का पाठ करें।

सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
दोपहर तक आय के स्रोतों में वृद्धि रहेगी। दोपहर के बाद द्वादश भाव में चन्द्रमा के प्रभाव से सुदूर यात्रा या मांगलिक कार्यों में धन खर्च हो सकता है। लेन-देन में सतर्क रहें।
उपाय – सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें।

कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
दोपहर तक कार्यक्षेत्र में उन्नति रहेगी। दोपहर के बाद एकादश भाव में चन्द्रमा के आने से बड़ा आर्थिक लाभ होगा, पुराने निवेश से मुनाफा मिलेगा और मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा।
उपाय – शिवलिंग पर बेलपत्र और अक्षत चढ़ाएं।

तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
दोपहर तक भाग्य का साथ मिलेगा। दोपहर के बाद दशम भाव में चन्द्रमा के प्रभाव से नौकरी और आजीविका के क्षेत्र में शानदार सफलता मिलेगी। पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।
उपाय – देवी लक्ष्मी और शिव जी के सम्मुख घी का दीपक जलाएं।

वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
दोपहर तक स्वास्थ्य का ध्यान रखें। दोपहर 12:39 PM के बाद नवम भाव में चन्द्रमा के गोचर से आपका रुका हुआ भाग्य चमकेगा, अटके काम बनेंगे और धार्मिक यात्रा के योग बनेंगे।
उपाय – शिवलिंग पर जल में काले तिल मिलाकर अर्पित करें।

धनु (ये, Yo, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
दोपहर तक व्यापार और दाम्पत्य में लाभ रहेगा। दोपहर के बाद अष्टम भाव में चन्द्रमा जाने से सेहत के प्रति थोड़ी सतर्कता बरतें, वाणी में संयम रखें और वाहन सावधानी से चलाएं।
उपाय – भगवान विष्णु और शिव जी को पीले पुष्प अर्पित करें।

मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
दोपहर तक शत्रुओं पर आपका प्रभाव रहेगा। दोपहर के बाद जीवनसाथी के साथ रिश्ते मधुर होंगे और साझेदारी के व्यापार में बड़ा आर्थिक लाभ होने की पूरी संभावना है।
उपाय – महामृत्युंजय मंत्र का मानसिक जप करें।

कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
दोपहर तक विद्यार्थियों और बौद्धिक कार्यों के लिए समय उत्तम है। दोपहर के बाद चन्द्रमा के षष्ठम भाव में जाने से पुरानी बीमारियों से राहत मिलेगी और विरोधियों पर आपकी विजय होगी।
उपाय – भगवान शिव को साबुत अक्षत और जल चढ़ाएं।

मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
दोपहर तक पारिवारिक मामलों में व्यस्तता रहेगी। दोपहर के बाद संतान पक्ष से शुभ समाचार मिलेगा। बौद्धिक क्षमता और रचनात्मक कार्यों से बड़ा आर्थिक लाभ होगा।
उपाय – श्री विष्णु सहस्रनाम या शिव चालीसा का पाठ करें।

॥ शुभम भवतु ॥

Samvad 24 Office
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