03 सितम्बर 2026 का वैदिक पंचांग एवं राशिफल

वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 03 सितम्बर 2026, गुरुवार

कालगणना
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948 (पराभव)
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शरद

मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – श्रावण (अमांत), भाद्रपद (पूर्णिमांत)
पक्ष – कृष्ण
तिथि – सप्तमी अगले दिन (04 सितम्बर) प्रातः 02:27 AM तक, तत्पश्चात् अष्टमी (श्रीकृष्ण जन्माष्टमी)
वार – गुरुवार

नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – कृतिका अगले दिन (04 सितम्बर) तड़के 00:30 AM तक, तत्पश्चात् रोहिणी
योग – व्याघात शाम 06:32 PM तक, तत्पश्चात् हर्षण
करण – विष्टि (भद्रा) दोपहर 03:29 PM तक, तत्पश्चात् बव अगले दिन (04 सितम्बर) प्रातः 02:27 AM तक, तत्पश्चात् बालव

सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 05:51 AM
सूर्यास्त – 06:30 PM
चन्द्रोदय – रात 10:22 PM
चन्द्रास्त – दोपहर 11:48 AM
चन्द्र राशि – मेष सुबह 07:26 AM तक, तत्पश्चात् वृषभ
अभिजित मुहूर्त – 11:45 AM से 12:36 PM तक
विजय मुहूर्त – 02:32 PM से 03:24 PM तक (दुर्मुहूर्त/राहुकाल रहित काल गणनानुसार)

अशुभ काल
राहुकाल – 01:45 PM से 03:20 PM तक
यमगण्ड – 05:51 AM से 07:26 AM तक
गुलिक काल – 09:01 AM से 10:36 AM तक
दुर्मुहूर्त – 10:04 AM से 10:55 AM तक एवं दोपहर 03:08 PM से 03:58 PM तक
कंटक – 03:08 PM से 03:58 PM तक
कालवेला या अर्द्धयाम – 04:49 PM से 05:40 PM तक
यमघण्ट – 06:41 AM से 07:32 AM तक
गुलिक (दूसरा) – 10:04 AM से 10:55 AM तक

शुभ चौघड़िया
शुभ – 05:51 AM से 07:26 AM तक
चर – 10:36 AM से 12:11 PM तक
लाभ – 12:11 PM से 01:45 PM तक
अमृत – 01:45 PM से 03:20 PM तक

दिशाशूल एवं यात्रा विचार
दिशाशूल – दक्षिण
यात्रा उपाय – गुरुवार को दक्षिण दिशा की यात्रा टालें। यदि अनिवार्य हो, तो दही या जीरा खाकर अथवा देवगुरु बृहस्पति का ध्यान कर प्रस्थान करें।

व्रत-पर्व एवं विशेष योग
शीतला सातम (शीतला सप्तमी) / भद्रा काल / हर्षण योग
आज भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की पावन ‘शीतला सप्तमी’ (शीतला सातम) का पर्व मनाया जाएगा। आज दोपहर 03:29 PM तक भद्रा (विष्टि करण) का प्रभाव रहेगा, अतः भद्रा समाप्त होने के पश्चात ही मांगलिक व विशेष धार्मिक कार्य संपन्न करें। शाम 06:32 PM के बाद अत्यंत शुभ व प्रसन्नता प्रदायक ‘हर्षण योग’ प्रारंभ होगा।

कृतिका नक्षत्र का प्रभाव
पूरे दिन और रात अगले दिन तड़के 00:30 AM तक कृतिका नक्षत्र रहेगा, जिसके स्वामी सूर्य देव और अधिपति अग्नि देव हैं। यह नक्षत्र तेज, पराक्रम, नेतृत्व, शुद्धि, प्रशासनिक निर्णय और रणनीतिक योजनाओं को क्रियान्वित करने के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है।

विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण
आज चन्द्रमा सुबह 07:26 AM पर मेष राशि से निकलकर अपनी उच्च राशि वृषभ में प्रवेश करेंगे। उच्च के चन्द्रमा और गुरुवार का यह दिव्य संयोग मानसिक शांति, धन-वैभव, बौद्धिक क्षमता और पारिवारिक सुख-समृद्धि में अभूतपूर्व वृद्धि करेगा।

आज का राशिफल – 03 सितम्बर 2026 गुरुवार

मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
सुबह के बाद चन्द्रमा के धन भाव में आने से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। रुका हुआ धन वापस मिलेगा और बैंक बैलेंस में वृद्धि होगी। परिवार में सौहार्दपूर्ण वातावरण रहेगा।
उपाय – भगवान विष्णु को पीला चंदन और तुलसी दल अर्पित करें।

वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
सुबह 07:26 AM के बाद चन्द्रमा आपकी ही राशि में उच्च के होकर संचरण करेंगे, जिससे आत्मविश्वास चरम पर रहेगा। आपके व्यक्तित्व का प्रभाव बढ़ेगा और नए अवसर मिलेंगे।
उपाय – केले के वृक्ष में जल चढ़ाएं और चने की दाल का दान करें।

मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
सुबह के बाद चन्द्रमा के द्वादश भाव में जाने से अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखें। दूर की यात्राओं के योग बन सकते हैं। वित्तीय लेन-देन में पूरी सतर्कता बरतें।
उपाय – भगवान गणेश को बेसन के लड्डू चढ़ाएं।

कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आय के स्रोतों में अप्रत्याशित वृद्धि होने के योग बन रहे हैं। मित्रों और बड़े भाई-बहनों का पूरा सहयोग मिलेगा। पुराने किए गए निवेश से बड़ा वित्तीय लाभ होगा।
उपाय – शिवलिंग पर जल में कच्चा दूध और अक्षत अर्पित करें।

सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
दशम भाव में उच्च के चन्द्रमा के प्रभाव से नौकरी और कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान बढ़ेगा। उच्च अधिकारी आपके काम की सराहना करेंगे। व्यापार में बड़ा विस्तार होगा।
उपाय – मस्तक पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं।

कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों में मन लगेगा। किसी तीर्थ यात्रा की योजना बन सकती है। अटके हुए सरकारी काम पूरे होंगे।
उपाय – श्री सूक्त का पाठ करें।

तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
अष्टम भाव में चन्द्रमा के प्रभाव से स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें और वाहन सावधानी से चलाएं। दोपहर बाद किसी गुप्त स्रोत से अचानक धन लाभ होने के योग हैं।
उपाय – विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें या सुनें।

वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
दाम्पत्य जीवन में प्रेम और मधुरता बनी रहेगी। साझेदारी के व्यापार में बड़ा आर्थिक लाभ होने की संभावना है। सामाजिक जीवन में साख और प्रभाव बढ़ेगा।
उपाय – हनुमान जी को बूंदी का प्रसाद अर्पित करें।

धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
प्रतिद्वंद्वी और गुप्त शत्रु आपके सामने टिक नहीं पाएंगे। नौकरीपेशा जातकों को कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी। पुरानी बीमारियों से राहत मिलेगी और स्वास्थ्य सुधरेगा।
उपाय – देवगुरु बृहस्पति के मंत्र ‘ॐ बृं बृहस्पतये नमः’ का जप करें।

मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
विद्यार्थियों और प्रतियोगिता परीक्षा से जुड़े जातकों के लिए आज का दिन सफलता दिलाने वाला रहेगा। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिलेगा। बौद्धिक कार्यों से लाभ होगा।
उपाय – जरूरतमंदों को पीला अन्न या फल दान करें।

कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
घरेलू सुख-सुविधाओं की वस्तुओं में वृद्धि होगी। प्रॉपर्टी, नया मकान या वाहन खरीदने से जुड़ी योजनाएं सफल होंगी। माता का पूरा आशीर्वाद प्राप्त होगा।
उपाय – भगवान शिव को साबुत अक्षत चढ़ाएं।

मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आपके पराक्रम और साहस में वृद्धि होगी। छोटे भाई-बहनों का सहयोग कार्यक्षेत्र में मददगार साबित होगा। छोटी लेकिन अत्यंत लाभकारी व्यावसायिक यात्राएं होंगी।
उपाय – भगवान सत्यनारायण की कथा का श्रवण करें।

॥ शुभम भवतु ॥

Samvad 24 Office
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