28 अगस्त 2026 का वैदिक पंचांग एवं राशिफल

वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 28 अगस्त 2026, शुक्रवार

कालगणना
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948 (पराभव)
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शरद

मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – श्रावण (अमांत), श्रावण (पूर्णिमांत)
पक्ष – शुक्ल
तिथि – पूर्णिमा प्रातः 09:50 AM तक, तत्पश्चात् प्रतिपदा (भाद्रपद कृष्ण पक्ष प्रारंभ)
वार – शुक्रवार

नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – शतभिषा अगले दिन (29 अगस्त) प्रातः 03:14 AM तक, तत्पश्चात् पूर्वाभाद्रपद
योग – अतिगण्ड प्रातः 07:27 AM तक, तत्पश्चात् सुकर्मा
करण – बव प्रातः 09:50 AM तक, तत्पश्चात् बालव रात 09:58 PM तक, तत्पश्चात् कौलव

सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 05:48 AM
सूर्यास्त – 06:37 PM
चन्द्रोदय – शाम 06:42 PM
चन्द्रास्त – चन्द्रास्त नहीं
चन्द्र राशि – कुंभ (पूरा दिन-रात)
अभिजित मुहूर्त – 11:47 AM से 12:38 PM तक
विजय मुहूर्त – 02:32 PM से 03:24 PM तक (दुर्मुहूर्त/राहुकाल रहित काल गणनानुसार)

अशुभ काल
राहुकाल – 10:36 AM से 12:12 PM तक
यमगण्ड – 03:25 PM से 05:01 PM तक
गुलिक काल – 07:24 AM से 09:00 AM तक
दुर्मुहूर्त – 08:22 AM से 09:13 AM तक एवं दोपहर 12:38 PM से 01:29 PM तक
कंटक – 01:29 PM से 02:20 PM तक
कालवेला या अर्द्धयाम – 03:12 PM से 04:03 PM तक
यमघण्ट – 04:54 PM से 05:45 PM तक
गुलिक (दूसरा) – 08:22 AM से 09:13 AM तक

शुभ चौघड़िया
चर – 05:48 AM से 07:24 AM तक
लाभ – 07:24 AM से 09:00 AM तक
अमृत – 09:00 AM से 10:36 AM तक
शुभ – 12:12 PM से 01:48 PM तक

दिशाशूल एवं यात्रा विचार
दिशाशूल – पश्चिम
यात्रा उपाय – शुक्रवार को पश्चिम दिशा की यात्रा टालें। यदि अनिवार्य हो, तो राई (सरसों) या जौ खाकर अथवा शीशा (दर्पण) देखकर प्रस्थान करें।

व्रत-पर्व एवं विशेष योग
रक्षाबंधन (राखी पर्व) / श्रावणी उपाकर्म / गायत्री जयंती
आज श्रावण मास की पूर्णिमा के उपलक्ष्य में भाई-बहन के असीम प्रेम और स्नेह का प्रतीक ‘रक्षाबंधन’ का पावन महापर्व श्रद्धा व उल्लास से मनाया जाएगा। प्रातः काल पूर्णिमा तिथि व भद्रा रहित शुभ बेला में रक्षा सूत्र बांधना और श्रावणी उपाकर्म संपन्न करना परम कल्याणकारी रहेगा। प्रातः 07:27 AM के बाद ‘सुकर्मा योग’ का आगमन होगा, जो सभी शुभ कर्मों के लिए अत्यंत फलदायी है।

शतभिषा नक्षत्र एवं पंचक
आज पूरे दिन पंचक रहेगा। इसके साथ ही पूरे दिन और रात अगले दिन तड़के 03:14 AM तक शतभिषा नक्षत्र रहेगा, जिसके स्वामी राहु देव और अधिपति वरुण देव हैं। यह नक्षत्र आरोग्य लाभ, चिकित्सा, नवीन अनुसंधान, कूटनीतिक सफलता और गुप्त योजनाओं की सिद्धि के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।

विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण
आज चन्द्रमा पूरे दिन और रात शनि देव की मूल त्रिकोण राशि कुंभ में गोचर करेंगे। कुंभ राशि के चन्द्रमा जातकों में जनहित, सामाजिक सद्भाव, गूढ़ विद्याओं और नए संपर्कों के माध्यम से उन्नति का मार्ग प्रशस्त करेंगे।

आज का राशिफल – 28 अगस्त 2026 शुक्रवार

मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
एकादश भाव में चन्द्रमा के प्रभाव से आय के नए स्रोत खुलेंगे। पुराने किए गए निवेश से बड़ा आर्थिक लाभ होगा। मित्रों और बड़े भाई-बहनों से उपहार व सहयोग प्राप्त होगा।
उपाय – माता लक्ष्मी को सफेद मिठाई या मखाने की खीर अर्पित करें।

वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
दशम भाव में चन्द्रमा के गोचर से कार्यक्षेत्र और करियर में बड़ी सफलता मिलेगी। वरिष्ठ अधिकारी आपके कार्यों की सराहना करेंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।
उपाय – छोटी कन्याओं को मिश्री या खीर खिलाएं।

मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
भाग्य का पूरा सितारा आज बुलंद रहेगा। धार्मिक और मांगलिक गतिविधियों में मन लगेगा। किसी तीर्थ स्थल की यात्रा की रूपरेखा बन सकती है।
उपाय – भगवान विष्णु के मंदिर में कपूर जलाएं।

कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज का दिन थोड़ा संभलकर चलने का है। अष्टम भाव में चन्द्रमा के कारण स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें और वाहन सावधानी से चलाएं। लेन-देन में सतर्कता बरतें।
उपाय – शिवलिंग पर जल में कच्चा दूध मिलाकर अर्पित करें।

सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
दाम्पत्य जीवन में प्रेम और सौहार्द बना रहेगा। साझेदारी के व्यापार में बड़ा आर्थिक मुनाफा होने के प्रबल योग हैं। नए व प्रभावशाली संपर्क बनेंगे।
उपाय – मस्तक पर सफेद चंदन का तिलक लगाएं।

कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
प्रतिद्वंद्वी और गुप्त शत्रु आपके सामने टिक नहीं पाएंगे। नौकरीपेशा जातकों को कार्यस्थल पर उच्च अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में सुधार होगा।
उपाय – श्री सूक्त का पाठ करें।

तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
विद्यार्थियों और प्रतियोगिता परीक्षा से जुड़े जातकों के लिए आज का दिन शानदार रहेगा। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिलेगा। बौद्धिक क्षमता से बड़ा लाभ होगा।
उपाय – शुक्रवार के दिन गुलाबी या सफेद वस्त्र धारण करें।

वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
घरेलू सुख-सुविधाओं की वस्तुओं में वृद्धि होगी। प्रॉपर्टी, मकान या वाहन के क्रय-विक्रय का विचार बन सकता है। माता का पूरा आशीर्वाद प्राप्त होगा।
उपाय – लक्ष्मी नारायण जी को गुलाब का इत्र अर्पित करें।

धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आपके पराक्रम और साहस में वृद्धि होगी। छोटे भाई-बहनों का भरपूर सहयोग कार्यक्षेत्र में मिलेगा। छोटी लेकिन अत्यंत लाभकारी व्यावसायिक यात्राएं होंगी।
उपाय – विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें या सुनें।

मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आर्थिक दृष्टिकोण से आज का दिन बहुत मजबूत रहेगा। फंसा हुआ धन वापस मिल सकता है। वाणी की मधुरता से आप परिवार और कार्यक्षेत्र में सबका दिल जीत लेंगे।
उपाय – जरूरतमंदों को सफेद अन्न (चावल, चीनी) का दान करें।

कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
चन्द्रमा आपकी ही राशि में गोचर कर रहे हैं, जिससे आत्मविश्वास चरम पर रहेगा। व्यापार में नए अनुबंध मिल सकते हैं। आपके निर्णयों की चारों ओर सराहना होगी।
उपाय – भगवान शिव को साबुत अक्षत (चावल) चढ़ाएं।

मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
अनावश्यक दौड़भाग और खर्चों से बचने की सलाह दी जाती है। विदेश या सुदूर यात्रा से जुड़े अवसर मिल सकते हैं। वित्तीय लेन-देन में पूरी सतर्कता बरतें।
उपाय – कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें।

॥ शुभम भवतु ॥

Samvad 24 Office
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