
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 25 अगस्त 2026, मंगलवार
कालगणना
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948 (पराभव)
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शरद
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – श्रावण (अमांत), श्रावण (पूर्णिमांत)
पक्ष – शुक्ल
तिथि – द्वादशी प्रातः 06:23 AM तक, तत्पश्चात् त्रयोदशी
वार – मंगलवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – उत्तराषाढ़ा रात 10:57 PM तक, तत्पश्चात् श्रवण
योग – आयुष्मान प्रातः 07:41 AM तक, तत्पश्चात् सौभाग्य
करण – बालव प्रातः 06:23 AM तक, तत्पश्चात् कौलव शाम 07:15 PM तक, तत्पश्चात् तैतिल
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 05:47 AM
सूर्यास्त – 06:40 PM
चन्द्रोदय – शाम 05:02 PM
चन्द्रास्त – अगले दिन (26 अगस्त) तड़के 03:48 AM
चन्द्र राशि – मकर (पूरा दिन-रात)
अभिजित मुहूर्त – 11:47 AM से 12:39 PM तक
विजय मुहूर्त – 02:32 PM से 03:24 PM तक (दुर्मुहूर्त/राहुकाल रहित काल गणनानुसार)
अशुभ काल
राहुकाल – 03:27 PM से 05:03 PM तक
यमगण्ड – 09:00 AM से 10:37 AM तक
गुलिक काल – 12:13 PM से 01:50 PM तक
दुर्मुहूर्त – 08:21 AM से 09:13 AM तक एवं रात 10:55 PM से 11:38 PM तक
कंटक – 06:38 AM से 07:30 AM तक
कालवेला या अर्द्धयाम – 08:21 AM से 09:13 AM तक
यमघण्ट – 10:04 AM से 10:56 AM तक
गुलिक (दूसरा) – 01:31 PM से 02:22 PM तक
शुभ चौघड़िया
चर – 09:00 AM से 10:37 AM तक
लाभ – 10:37 AM से 12:13 PM तक
अमृत – 12:13 PM से 01:50 PM तक
शुभ – 03:27 PM से 05:03 PM तक
दिशाशूल एवं यात्रा विचार
दिशाशूल – उत्तर
यात्रा उपाय – मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा टालें। यदि अनिवार्य हो, तो गुड़ या धनिया खाकर अथवा हनुमान जी के दर्शन कर प्रस्थान करें।
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
भौम प्रदोष व्रत / श्रावण शुक्ल त्रयोदशी / सौभाग्य योग
आज श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पावन त्रयोदशी तिथि का संयोग मंगलवार को होने से ‘भौम प्रदोष व्रत’ का अत्यंत दुर्लभ एवं फलदायी संयोग बन रहा है। इस दिन भगवान शिव और हनुमान जी की आराधना करने से कर्ज से मुक्ति, भूमि-भवन के लाभ और संकटों का निवारण होता है। आज प्रातः 07:41 AM के बाद ‘सौभाग्य योग’ रहेगा, जो दांपत्य जीवन में सुख और समृद्धि बढ़ाता है।
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का प्रभाव
रात 10:57 PM तक उत्तराषाढ़ा नक्षत्र रहेगा, जिसके स्वामी सूर्य देव और अधिपति दस विश्वेदेवा हैं। यह नक्षत्र विजय, स्थिरता, न्याय, उच्च पद की प्राप्ति और नए कार्यों के शुभारंभ के लिए उत्तम माना जाता है। इसके पश्चात् चन्द्र देव के स्वामित्व वाले श्रवण नक्षत्र का आगमन होगा।
विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण
आज चन्द्रमा पूरे दिन और रात शनि देव की राशि मकर में संचरण करेंगे। मकर राशि में चन्द्रमा का गोचर जातकों में कर्मठता, अनुशासन, व्यावसायिक स्थिरता और दायित्वों के प्रति सजगता में वृद्धि करेगा। शुभ कार्यों के संपादन के लिए दोपहर के अभिजित मुहूर्त का उपयोग करें।

आज का राशिफल – 25 अगस्त 2026 मंगलवार
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
दशम भाव में चन्द्रमा के प्रभाव से नौकरी और कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। पैतृक संपत्ति या व्यापार में बड़ा लाभ होने के योग हैं।
उपाय – हनुमान जी को चोला या लाल सिंदूर अर्पित करें।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। धार्मिक और मांगलिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। किसी तीर्थ यात्रा की रूपरेखा बन सकती है। विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में सफलता प्राप्त होगी।
उपाय – सुंदरकांड या हनुमान चालीसा का पाठ करें।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
अष्टम भाव में चन्द्रमा के कारण आज स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। वाहन चलाते समय लापरवाही न करें। किसी गुप्त स्रोत या पुराने निवेश से अचानक धन लाभ हो सकता है।
उपाय – भगवान गणेश को बेसन के लड्डू चढ़ाएं।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
दाम्पत्य जीवन में प्रेम और मधुरता बनी रहेगी। साझेदारी के व्यापार में बड़ा आर्थिक लाभ होने की संभावना है। सामाजिक जीवन में आपकी साख और प्रभाव बढ़ेगा।
उपाय – शिवलिंग पर जल में लाल चंदन मिलाकर अर्पित करें।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
प्रतिद्वंद्वी और गुप्त शत्रु आपके सामने टिक नहीं पाएंगे। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी। पुरानी बीमारियों से राहत मिलेगी और स्वास्थ्य में सुधार होगा।
उपाय – मस्तक पर केसर या लाल चंदन का तिलक लगाएं।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
विद्यार्थियों और प्रतियोगिता परीक्षा से जुड़े जातकों के लिए आज का दिन सफलता दिलाने वाला रहेगा। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिलेगा। बौद्धिक क्षमता से व्यापार में लाभ होगा।
उपाय – गाय को गुड़ या चना खिलाएं।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
घरेलू सुख-सुविधाओं की वस्तुओं में वृद्धि होगी। प्रॉपर्टी, नया मकान या वाहन के क्रय-विक्रय का विचार बन सकता है। माता का पूरा सहयोग और आशीर्वाद प्राप्त होगा।
उपाय – देवी लक्ष्मी के सम्मुख घी का दीपक जलाएं।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आपके पराक्रम और साहस में वृद्धि होगी। छोटे भाई-बहनों का सहयोग कार्यक्षेत्र में मददगार साबित होगा। व्यावसायिक यात्राएं मनोनुकूल परिणाम लेकर आएंगी।
उपाय – बजरंग बाण का पाठ करें।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आर्थिक दृष्टिकोण से आज का दिन अत्यंत मजबूत रहने वाला है। रुका हुआ धन वापस मिल सकता है। वाणी की मधुरता से पारिवारिक माहौल खुशनुमा बना रहेगा।
उपाय – भगवान विष्णु को पीले पुष्प और तुलसी दल अर्पित करें।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
चन्द्रमा आपकी ही राशि में संचरण कर रहे हैं, जिससे आत्मविश्वास चरम पर रहेगा। व्यापार में नए अनुबंध मिल सकते हैं। आपके निर्णयों की समाज और कार्यक्षेत्र में सराहना होगी।
उपाय – ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का जप करें।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
अनावश्यक दौड़भाग और खर्चों से बचने की सलाह दी जाती है। विदेश या सुदूर यात्रा से जुड़े अवसर मिल सकते हैं। वित्तीय लेन-देन में पूरी सतर्कता बरतें।
उपाय – पीपल के पेड़ के पास सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आय के स्रोतों में अप्रत्याशित वृद्धि होने के योग बन रहे हैं। पुराने किए गए निवेश से बड़ा वित्तीय लाभ होगा। मित्रों और बड़े भाई-बहनों का भरपूर सहयोग मिलेगा।
उपाय – श्री विष्णु सहस्रनाम या संकट नाशन गणेश स्तोत्र का पाठ करें।
॥ शुभम भवतु ॥

