
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 23 अगस्त 2026, रविवार
कालगणना
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948 (पराभव)
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – वर्षा
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – श्रावण (अमांत), श्रावण (पूर्णिमांत)
पक्ष – शुक्ल
तिथि – एकादशी अगले दिन (24 अगस्त) प्रातः 04:20 AM तक, तत्पश्चात् द्वादशी
वार – रविवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – मूल शाम 05:45 PM तक, तत्पश्चात् पूर्वाषाढ़ा
योग – विष्कम्भ प्रातः 05:14 AM तक, तत्पश्चात् प्रीति अगले दिन (24 अगस्त) प्रातः 05:47 AM तक
करण – वणिज दोपहर 03:13 PM तक, तत्पश्चात् विष्टि (भद्रा) अगले दिन (24 अगस्त) प्रातः 04:20 AM तक, तत्पश्चात् बव
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 05:46 AM
सूर्यास्त – 06:42 PM
चन्द्रोदय – दोपहर 03:37 PM
चन्द्रास्त – अगले दिन (24 अगस्त) 01:52 AM
चन्द्र राशि – धनु (पूरा दिन-रात)
अभिजित मुहूर्त – 11:48 AM से 12:40 PM तक
विजय मुहूर्त – 02:32 PM से 03:24 PM तक (दुर्मुहूर्त/राहुकाल रहित काल गणनानुसार)
अशुभ काल
राहुकाल – 05:05 PM से 06:42 PM तक
यमगण्ड – 12:14 PM से 01:51 PM तक
गुलिक काल – 03:28 PM से 05:05 PM तक
दुर्मुहूर्त – 04:58 PM से 05:50 PM तक
कंटक – 10:04 AM से 10:56 AM तक
कालवेला या अर्द्धयाम – 11:48 AM से 12:40 PM तक
यमघण्ट – 01:31 PM से 02:23 PM तक
गुलिक (दूसरा) – 04:58 PM से 05:50 PM तक
शुभ चौघड़िया
चर – 07:23 AM से 09:00 AM तक
लाभ – 09:00 AM से 10:37 AM तक
अमृत – 10:37 AM से 12:14 PM तक
शुभ – 01:51 PM से 03:28 PM तक
दिशाशूल एवं यात्रा विचार
दिशाशूल – पश्चिम
यात्रा उपाय – रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा टालें। यदि अनिवार्य हो, तो दलिया, घी या पान खाकर अथवा शीशा देखकर प्रस्थान करें।
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
श्रावण पुत्रदा एकादशी (पवित्रा एकादशी) व्रत / गंडमूल समाप्ति
आज श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पावन ‘श्रावण पुत्रदा एकादशी’ (पवित्रा एकादशी) का व्रत रखा जाएगा। इस दिन भगवान श्री विष्णु (नारायण) की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने से संतान सुख, आरोग्य और समस्त पापों से मुक्ति प्राप्त होती है। आज दोपहर 03:13 PM से भद्रा (विष्टि करण) प्रारंभ होगी। शाम 05:45 PM पर मूल नक्षत्र की समाप्ति के साथ गंडमूल काल समाप्त हो जाएगा।
मूल एवं पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का प्रभाव
शाम 05:45 PM तक मूल नक्षत्र रहेगा, जिसके स्वामी केतु देव हैं। यह नक्षत्र आध्यात्मिक चिंतन, अन्वेषण और पुरानी बाधाओं को दूर करने वाला माना जाता है। इसके पश्चात् शुक्र के स्वामित्व वाले पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का आगमन होगा, जो विजय, मान-सम्मान, कला और समृद्धि में वृद्धि करेगा।
विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण
आज चन्द्रमा पूरे दिन और रात देवगुरु बृहस्पति की राशि धनु में संचरण करेंगे। रविवार को धनु राशि के चन्द्रमा और प्रीति योग का यह शुभ संयोग जातकों में धर्म-कर्म के प्रति रुचि, उच्च विचार, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगा।

आज का राशिफल – 23 अगस्त 2026 रविवार
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
चन्द्रमा का नवम भाव में गोचर आपके भाग्य को बल प्रदान करेगा। रुके हुए सरकारी व कानूनी काम पूरे होंगे। धार्मिक यात्रा की योजना बनेगी और समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
उपाय – तांबे के लोटे में जल भरकर सूर्य देव को अर्घ्य दें।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज का दिन थोड़ा संभलकर चलने का है। अष्टम चन्द्रमा के प्रभाव से सेहत का ध्यान रखें और वाहन सावधानी से चलाएं। लेन-देन में सतर्कता बरतें।
उपाय – भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें और ॐ नमो भगवते वासुदेवाय का जप करें।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
दाम्पत्य जीवन में प्रेम और मधुरता बनी रहेगी। व्यापार में नई साझेदारियों से बड़ा आर्थिक लाभ होने की संभावना है। सामाजिक जीवन में साख मजबूत होगी।
उपाय – भगवान गणेश को दूर्वा और मोदक चढ़ाएं।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
प्रतिद्वंद्वी और गुप्त शत्रु आपके सामने टिक नहीं पाएंगे। नौकरीपेशा जातकों को कार्यस्थल पर उच्च अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में सुधार होगा।
उपाय – शिवलिंग पर जल में कच्चा दूध मिलाकर अर्पित करें।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
विद्यार्थियों और प्रतियोगिता परीक्षा से जुड़े जातकों के लिए आज का दिन शानदार रहेगा। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिलेगा। बौद्धिक कार्यों से आर्थिक लाभ होगा।
उपाय – मस्तक पर केसर या लाल चंदन का तिलक लगाएं।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
घरेलू सुख-सुविधाओं की वस्तुओं में वृद्धि होगी। प्रॉपर्टी, मकान या वाहन के क्रय-विक्रय का विचार बन सकता है। माता का पूरा आशीर्वाद प्राप्त होगा।
उपाय – गाय को हरा चारा या गुड़ खिलाएं।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
आपके पराक्रम और साहस में वृद्धि होगी। छोटे भाई-बहनों का सहयोग कार्यक्षेत्र में मददगार साबित होगा। छोटी लेकिन अत्यंत लाभकारी व्यावसायिक यात्राएं होंगी।
उपाय – श्री सूक्त का पाठ करें।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आर्थिक दृष्टिकोण से आज का दिन अत्यंत मजबूत रहने वाला है। रुका हुआ धन वापस मिल सकता है। वाणी की मधुरता से पारिवारिक माहौल खुशनुमा बना रहेगा।
उपाय – हनुमान चालीसा का 3 बार पाठ करें।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
चन्द्रमा आपकी ही राशि में संचरण कर रहे हैं, जिससे आत्मविश्वास चरम पर रहेगा। व्यापार में नए अनुबंध मिल सकते हैं। आपके निर्णयों की चारों ओर सराहना होगी।
उपाय – भगवान विष्णु को पीले फूल और चने की दाल अर्पित करें।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
अनावश्यक दौड़भाग और खर्चों से बचने की सलाह दी जाती है। विदेश या सुदूर यात्रा से जुड़े अवसर मिल सकते हैं। वित्तीय लेन-देन में पूरी सतर्कता बरतें।
उपाय – जरूरतमंदों को भोजन कराएं।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आय के स्रोतों में अप्रत्याशित वृद्धि होने के योग बन रहे हैं। पुराने किए गए निवेश से बड़ा वित्तीय लाभ होगा। मित्रों और बड़े भाई-बहनों का भरपूर सहयोग मिलेगा।
उपाय – भगवान शिव को साबुत अक्षत चढ़ाएं।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
नौकरी और आजीविका के क्षेत्र में आज शानदार सफलता मिलेगी। वरिष्ठ अधिकारी आपके कार्यों की सराहना करेंगे। कार्यक्षेत्र में पद-प्रतिष्ठा और प्रभाव बढ़ेगा।
उपाय – श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें या श्रवण करें।
॥ शुभम भवतु ॥

