27 अगस्त 2026 का वैदिक पंचांग एवं राशिफल

वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 27 अगस्त 2026, गुरुवार

कालगणना
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948 (पराभव)
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शरद

मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – श्रावण (अमांत), श्रावण (पूर्णिमांत)
पक्ष – शुक्ल
तिथि – चतुर्दशी प्रातः 09:10 AM तक, तत्पश्चात् पूर्णिमा
वार – गुरुवार

नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – धनिष्ठा अगले दिन (28 अगस्त) तड़के 02:16 AM तक, तत्पश्चात् शतभिषा
योग – शोभन प्रातः 07:55 AM तक, तत्पश्चात् अतिगण्ड
करण – वणिज प्रातः 09:10 AM तक, तत्पश्चात् विष्टि (भद्रा) रात 09:34 PM तक, तत्पश्चात् बव

सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 05:48 AM
सूर्यास्त – 06:38 PM
चन्द्रोदय – शाम 06:11 PM
चन्द्रास्त – अगले दिन (28 अगस्त) प्रातः 05:41 AM
चन्द्र राशि – मकर दोपहर 01:36 PM तक, तत्पश्चात् कुंभ
अभिजित मुहूर्त – 11:47 AM से 12:38 PM तक
विजय मुहूर्त – 02:32 PM से 03:24 PM तक (दुर्मुहूर्त/राहुकाल रहित काल गणनानुसार)

अशुभ काल
राहुकाल – 01:49 PM से 03:25 PM तक
यमगण्ड – 05:48 AM से 07:24 AM तक
गुलिक काल – 09:00 AM से 10:36 AM तक
दुर्मुहूर्त – 10:04 AM से 10:56 AM तक एवं दोपहर 03:12 PM से 04:04 PM तक
कंटक – 03:12 PM से 04:04 PM तक
कालवेला या अर्द्धयाम – 04:55 PM से 05:46 PM तक
यमघण्ट – 06:39 AM से 07:30 AM तक
गुलिक (दूसरा) – 10:04 AM से 10:56 AM तक

शुभ चौघड़िया
शुभ – 05:48 AM से 07:24 AM तक
चर – 10:36 AM से 12:13 PM तक
लाभ – 12:13 PM से 01:49 PM तक
अमृत – 01:49 PM से 03:25 PM तक

दिशाशूल एवं यात्रा विचार
दिशाशूल – दक्षिण
यात्रा उपाय – गुरुवार को दक्षिण दिशा की यात्रा टालें। यदि अनिवार्य हो, तो दही या जीरा खाकर अथवा देवगुरु बृहस्पति का ध्यान कर प्रस्थान करें।

व्रत-पर्व एवं विशेष योग
श्रावणी पूर्णिमा (रक्षाबंधन व्रत एवं तैयारी) / भद्रा काल
आज प्रातः 09:10 AM के बाद श्रावण मास की पावन ‘पूर्णिमा तिथि’ प्रारंभ हो जाएगी। पूर्णिमा के साथ ही प्रातः 09:10 AM से रात 09:34 PM तक भद्रा (विष्टि करण) का प्रभाव रहेगा। शास्त्रों के अनुसार भद्रा रहित काल में ही रक्षाबंधन का पावन पर्व, राखी बांधना और श्रावणी उपाकर्म संपन्न करना श्रेष्ठ माना गया है।

धनिष्ठा नक्षत्र एवं पंचक विचार
दोपहर 01:36 PM पर चन्द्रमा के कुंभ राशि में प्रवेश करते ही ‘पंचक’ प्रारंभ हो जाएगा। पूरे दिन और रात अगले दिन तड़के 02:16 AM तक धनिष्ठा नक्षत्र रहेगा, जिसके स्वामी मंगल देव और अधिपति अष्ट वसु हैं। यह नक्षत्र धन, यश, संगीत, समृद्धि और संपत्ति लाभ के लिए उत्तम माना जाता है।

विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण
आज चन्द्रमा दोपहर 01:36 PM तक मकर राशि में और उसके बाद कुंभ राशि में संचरण करेंगे। दोपहर के बाद कुंभ राशि में चन्द्रमा का गोचर सामाजिक दायरा बढ़ाने, नवीन विचारों के क्रियान्वयन और भाई-बहनों के बीच सौहार्द को मजबूत करने में सहायक रहेगा।

आज का राशिफल – 27 अगस्त 2026 गुरुवार

मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
दोपहर तक कार्यक्षेत्र में उन्नति रहेगी। दोपहर के बाद चन्द्रमा के एकादश भाव में जाने से आय में वृद्धि के नए स्रोत बनेंगे। मित्रों और बड़े भाई-बहनों का भरपूर सहयोग मिलेगा।
उपाय – भगवान विष्णु को पीला चंदन और तुलसी दल अर्पित करें।

वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
दोपहर तक भाग्य का साथ मिलेगा। दोपहर के बाद दशम भाव में चन्द्रमा के आने से नौकरी और आजीविका के क्षेत्र में शानदार सफलता मिलेगी। पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।
उपाय – केले के वृक्ष में जल चढ़ाएं और चने की दाल का दान करें।

मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
दोपहर तक सेहत का थोड़ा ध्यान रखें। दोपहर 01:36 PM के बाद नवम भाव में चन्द्रमा के गोचर से आपका रुका हुआ भाग्य चमकेगा और धार्मिक यात्रा के योग बनेंगे।
उपाय – भगवान गणेश को बेसन के मोदक का भोग लगाएं।

कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
दोपहर तक दाम्पत्य जीवन और व्यापार में लाभ रहेगा। दोपहर के बाद अष्टम भाव में चन्द्रमा जाने से वाहन सावधानी से चलाएं और वाणी में संयम रखें।
उपाय – शिवलिंग पर जल में कच्चा दूध मिलाकर अर्पित करें।

सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
दोपहर तक शत्रुओं पर आपका प्रभाव रहेगा। दोपहर के बाद जीवनसाथी के साथ रिश्ते मधुर होंगे और साझेदारी के व्यापार में बड़ा आर्थिक लाभ होने की संभावना है।
उपाय – मस्तक पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं।

कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
दोपहर तक विद्यार्थियों और बौद्धिक कार्यों के लिए समय उत्तम है। दोपहर के बाद चन्द्रमा के षष्ठम भाव में जाने से पुरानी बीमारियों से राहत मिलेगी और शत्रुओं पर विजय मिलेगी।
उपाय – श्री सूक्त का पाठ करें।

तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
दोपहर तक घरेलू मामलों में व्यस्तता रहेगी। दोपहर के बाद संतान पक्ष से शुभ समाचार मिलेगा। बौद्धिक क्षमता और रचनात्मकता से व्यापार में बड़ा मुनाफा होगा।
उपाय – विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें या सुनें।

वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
दोपहर तक पराक्रम और संपर्क सूत्रों में वृद्धि रहेगी। दोपहर के बाद प्रॉपर्टी, मकान या वाहन से जुड़ा रुका हुआ कार्य पूरा हो सकता है। माता का आशीर्वाद मिलेगा।
उपाय – हनुमान जी को बूंदी का प्रसाद अर्पित करें।

धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
दोपहर तक आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा। दोपहर के बाद आपके साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी। छोटे भाई-बहनों का सहयोग कार्यक्षेत्र में मददगार साबित होगा।
उपाय – देवगुरु बृहस्पति के मंत्र ‘ॐ बृं बृहस्पतये नमः’ का जप करें।

मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
दोपहर तक चन्द्रमा आपकी ही राशि में रहने से ऊर्जा बनी रहेगी। दोपहर के बाद धन भाव में चन्द्रमा के आने से अटका हुआ धन वापस मिलेगा और बैंक बैलेंस बढ़ेगा।
उपाय – जरूरतमंदों को पीला अन्न या चने की दाल दान करें।

कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
दोपहर तक खर्चों पर थोड़ा नियंत्रण रखें। दोपहर 01:36 PM के बाद चन्द्रमा आपकी ही राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे मानसिक तनाव दूर होगा, आत्मविश्वास लौटेगा और नए अवसर मिलेंगे।
उपाय – भगवान शिव को साबुत अक्षत चढ़ाएं।

मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
दोपहर तक आय के स्रोतों में अच्छी वृद्धि बनी रहेगी। दोपहर के बाद सुदूर यात्रा या धार्मिक कार्यों में धन खर्च हो सकता है। लेन-देन में सतर्कता बरतें।
उपाय – भगवान सत्यनारायण की कथा का श्रवण करें।

॥ शुभम भवतु ॥

Samvad 24 Office
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