
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 11 सितम्बर 2026, शुक्रवार
कालगणना
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948 (पराभव)
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शरद
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – श्रावण (अमांत), भाद्रपद (पूर्णिमांत)
पक्ष – कृष्ण
तिथि – अमावस्या प्रातः 08:58 AM तक, तत्पश्चात् प्रतिपदा (भाद्रपद शुक्ल पक्ष प्रारंभ)
वार – शुक्रवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – पूर्वाफाल्गुनी दोपहर 01:15 PM तक, तत्पश्चात् उत्तराफाल्गुनी
योग – साध्य शाम 05:01 PM तक, तत्पश्चात् शुभ
करण – नाग प्रातः 08:58 AM तक, तत्पश्चात् किस्तुघ्न रात 08:10 PM तक, तत्पश्चात् बव
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 05:54 AM
सूर्यास्त – 06:21 PM
चन्द्रोदय – चन्द्रोदय नहीं
चन्द्रास्त – शाम 06:22 PM
चन्द्र राशि – सिंह शाम 07:08 PM तक, तत्पश्चात् कन्या
अभिजित मुहूर्त – 11:43 AM से 12:33 PM तक
विजय मुहूर्त – 02:32 PM से 03:24 PM तक (दुर्मुहूर्त/राहुकाल रहित काल गणनानुसार)
अशुभ काल
राहुकाल – 10:34 AM से 12:08 PM तक
यमगण्ड – 03:14 PM से 04:48 PM तक
गुलिक काल – 07:28 AM से 09:01 AM तक
दुर्मुहूर्त – 08:24 AM से 09:14 AM तक एवं दोपहर 12:33 PM से 01:22 PM तक
कंटक – 01:22 PM से 02:12 PM तक
कालवेला या अर्द्धयाम – 03:02 PM से 03:52 PM तक
यमघण्ट – 04:42 PM से 05:31 PM तक
गुलिक (दूसरा) – 08:24 AM से 09:14 AM तक
शुभ चौघड़िया
चर – 05:54 AM से 07:28 AM तक
लाभ – 07:28 AM से 09:01 AM तक
अमृत – 09:01 AM से 10:34 AM तक
शुभ – 12:08 PM से 01:41 PM तक
दिशाशूल एवं यात्रा विचार
दिशाशूल – पश्चिम
यात्रा उपाय – शुक्रवार को पश्चिम दिशा की यात्रा टालें। यदि अनिवार्य हो, तो राई (सरसों) या जौ खाकर अथवा शीशा (दर्पण) देखकर प्रस्थान करें।
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
भाद्रपद शुक्ल पक्ष प्रारंभ / स्नान-दान अमावस्या / साध्य व शुभ योग
आज प्रातः 08:58 AM तक भाद्रपद (अमांत श्रावण) कृष्ण पक्ष की अमावस्या रहेगी, जिसमें पवित्र नदियों में स्नान, तर्पण और पितृ शांति निमित्त दान-पुण्य करना महाफलदायी होता है। प्रातः 08:58 AM के उपरांत भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष का शुभारंभ होगा। शाम 05:01 PM तक ‘साध्य योग’ और उसके पश्चात् अत्यंत कल्याणकारी ‘शुभ योग’ रहेगा।
पूर्वाफाल्गुनी एवं उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र का प्रभाव
दोपहर 01:15 PM तक पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र रहेगा, जिसके स्वामी शुक्र देव और अधिपति भाग्य के देवता भग हैं। यह नक्षत्र सुख, सौंदर्य, कला, प्रेम और वैवाहिक आनंद में वृद्धि करता है। इसके पश्चात् सूर्य के स्वामित्व वाले उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र का आगमन होगा, जो यश, सामाजिक प्रभाव, स्थिरता और दायित्वों की पूर्ति के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।
विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण
आज चन्द्रमा शाम 07:08 PM तक सूर्य देव की राशि सिंह में और उसके बाद बुध देव की मित्र राशि कन्या में संचरण करेंगे। शाम के बाद कन्या राशि में चन्द्रमा का गोचर जातकों में व्यावहारिक विश्लेषण, बौद्धिक संतुलन, हिसाब-किताब में निपुणता और कार्यकुशलता को बल प्रदान करेगा।

आज का राशिफल – 11 सितम्बर 2026 शुक्रवार
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
शाम तक बौद्धिक कार्यों और रचनात्मकता में सफलता मिलेगी। शाम के बाद चन्द्रमा के षष्ठम भाव में जाने से पुरानी बीमारियों से राहत मिलेगी, शत्रुओं पर विजय होगी और कार्यस्थल पर आपका प्रभाव बढ़ेगा।
उपाय – माता लक्ष्मी को सफेद मिठाई या मखाने की खीर अर्पित करें।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
शाम तक घरेलू सुख-सुविधाओं में व्यस्तता रहेगी। शाम 07:08 PM के बाद पंचम भाव में चन्द्रमा के गोचर से विद्यार्थियों को शुभ परिणाम मिलेंगे और बौद्धिक क्षमता से बड़ा आर्थिक लाभ होगा।
उपाय – छोटी कन्याओं को मिश्री या खीर खिलाएं।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
शाम तक पराक्रम और संपर्क सूत्रों से लाभ मिलेगा। शाम के बाद चतुर्थ भाव में चन्द्रमा के आने से प्रॉपर्टी, मकान या नए वाहन की खरीदारी से जुड़ी चर्चाएं आगे बढ़ेंगी। माता का आशीर्वाद मिलेगा।
उपाय – भगवान विष्णु के मंदिर में कपूर जलाएं।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
शाम तक आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। शाम के बाद आपके साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी। छोटे भाई-बहनों का भरपूर सहयोग मिलेगा और लाभकारी व्यावसायिक यात्राएं होंगी।
उपाय – शिवलिंग पर जल में कच्चा दूध मिलाकर अर्पित करें।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
शाम तक चन्द्रमा आपकी ही राशि में रहने से आत्मविश्वास चरम पर रहेगा। शाम के बाद धन भाव में चन्द्रमा आने से अटका हुआ धन वापस मिलेगा, वाणी से काम बनेंगे और बैंक बैलेंस बढ़ेगा।
उपाय – मस्तक पर सफेद चंदन का तिलक लगाएं।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
शाम तक खर्चों पर नियंत्रण रखें। शाम 07:08 PM के बाद चन्द्रमा आपकी ही राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे मानसिक तनाव दूर होगा, आत्मविश्वास लौटेगा और नए व्यावसायिक अवसर प्राप्त होंगे।
उपाय – श्री सूक्त का पाठ करें।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
शाम तक आय के नए स्रोत बने रहेंगे। शाम के बाद द्वादश भाव में चन्द्रमा के प्रभाव से सुदूर यात्रा या मांगलिक कार्यों में धन खर्च हो सकता है। वित्तीय लेन-देन में सतर्कता बरतें।
उपाय – शुक्रवार के दिन गुलाबी या सफेद वस्त्र धारण करें।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
शाम तक कार्यक्षेत्र और करियर में बड़ी सफलता मिलेगी। शाम के बाद एकादश भाव में चन्द्रमा के आने से अप्रत्याशित वित्तीय लाभ होगा, पुराने निवेश से मुनाफा मिलेगा और मित्रों का सहयोग मिलेगा।
उपाय – लक्ष्मी नारायण जी को गुलाब का इत्र अर्पित करें।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
शाम तक भाग्य का साथ मिलेगा। शाम के बाद दशम भाव में चन्द्रमा के प्रभाव से नौकरी और आजीविका के क्षेत्र में शानदार सफलता मिलेगी। पद-प्रतिष्ठा और प्रभाव बढ़ेगा।
उपाय – विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें या सुनें।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
शाम तक स्वास्थ्य का थोड़ा ध्यान रखें। शाम 07:08 PM के बाद नवम भाव में चन्द्रमा के गोचर से आपका रुका हुआ भाग्य चमकेगा, अटके काम पूरे होंगे और धार्मिक यात्रा के योग बनेंगे।
उपाय – जरूरतमंदों को सफेद अन्न (चावल, चीनी) का दान करें।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
शाम तक व्यापार और दाम्पत्य में लाभ रहेगा। शाम के बाद अष्टम भाव में चन्द्रमा जाने से सेहत के प्रति थोड़ी सतर्कता बरतें, वाणी में संयम रखें और वाहन सावधानी से चलाएं।
उपाय – भगवान शिव को साबुत अक्षत (चावल) चढ़ाएं।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
शाम तक शत्रुओं पर आपका प्रभाव रहेगा। शाम के बाद जीवनसाथी के साथ रिश्ते प्रगाढ़ होंगे और साझेदारी के व्यापार में बड़ा आर्थिक लाभ होने की पूरी संभावना है।
उपाय – कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें।
॥ शुभम भवतु ॥

