
संवाद 24 झारखंड। प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों और छात्रों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा आहूत ‘झारखंड बंद’ को देखते हुए राजधानी रांची में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए रांची पुलिस पूरी तरह से हाई अलर्ट मोड पर है। सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए पूरे शहर में लगभग तीन हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
संवेदनशीलता और प्रमुख स्थलों पर विशेष चौकसी
पुलिस प्रशासन की ओर से राजधानी के प्रमुख चौक-चौराहों, संवेदनशील इलाकों और संभावित विरोध-प्रदर्शन वाले स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है। विशेष रूप से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम और उसके आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की पैनी नजर है, जहाँ से छात्र आंदोलनों की गतिविधियाँ संचालित होती रही हैं। स्टेडियम से लेकर विधानसभा परिसर तक सुरक्षा का विशेष घेरा तैयार किया गया है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य बंद के दौरान आम जनजीवन और यातायात व्यवस्था को सुचारू रखना तथा सरकारी व निजी संपत्तियों को नुकसान से बचाना है।
ड्रोन और सिटी कंट्रोल रूम से 24 घंटे निगरानी
शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तकनीकी निगरानी का भी सहारा ले रहा है। सिटी कंट्रोल रूम के माध्यम से पूरे शहर की गतिविधियों पर चौबीसों घंटे नज़र रखी जा रही है। इसके साथ ही, भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील इलाकों में स्थिति का जायजा लेने के लिए ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। किसी भी स्थान पर अचानक भीड़ जुटने या अशांति फैलने की सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई के लिए क्युआरटी (QRT) और अतिरिक्त पुलिस टीमों को तैयार रखा गया है।
उपद्रव करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन सुरक्षा इंतजामों की खुद सीधी निगरानी कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन की ओर से स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि बंद की आड़ में कानून-व्यवस्था हाथ में लेने, जबरन दुकानें बंद कराने या सार्वजनिक शांति भंग करने की कोशिश करने वालों से कड़ाई से निपटा जाएगा। पुलिस ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।






