Meta ने सरकार को पत्र लिखकर बताई सुरक्षा व्यवस्था, PM मोदी के वीडियो हटाने के मामले में दी सफाई

संवाद 24 नई दिल्ली। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और इंस्टाग्राम का संचालन करने वाली कंपनी मेटा (Meta) ने भारत सरकार को एक पत्र लिखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक अकाउंट की सुरक्षा को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जताई है। हाल ही में प्रधानमंत्री के फेसबुक अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट के तकनीकी कारण से हटने के बाद कंपनी ने यह कदम उठाया है और भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए उठाए गए सुरक्षा कदमों की पूरी जानकारी दी है।

तकनीकी गड़बड़ी के कारण हटा था वीडियो
पूरा मामला 23 जुलाई की एक फेसबुक पोस्ट से जुड़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक हैंडल से एक वीडियो साझा किया था, जिसमें उन्होंने देश के युवाओं को संबोधित करते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ सरकार द्वारा की जा रही सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया था। यह वीडियो सिस्टम में आई एक तकनीकी खराबी (Technical Glitch) के कारण कुछ समय के लिए प्लेटफॉर्म से हट गया था। इस तकनीकी समस्या का पता चलते ही मेटा ने तुरंत इसे ठीक किया और पीएम की पोस्ट को पुनः बहाल कर दिया था।

मेटा ने स्पष्टीकरण देकर मांगी माफी
इस घटना के बाद अमेरिकी कंपनी मेटा ने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह से एक तकनीकी त्रुटि थी, जो स्वचालित सिस्टम (Automated System) के कारण हुई थी। कंपनी ने इस अनपेक्षित व्यवधान के लिए औपचारिक रूप से खेद व्यक्त किया और माफी मांगी थी। केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी (IT) मंत्रालय ने इस संदर्भ में मेटा से विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी ताकि यह समझा जा सके कि तकनीकी स्तर पर यह गलती कैसे हुई और भविष्य में इसे कैसे रोका जाएगा।

Meta ने सुरक्षा के लिए लागू किए नए मानक
सरकार को भेजे गए अपने ताजा पत्र में मेटा ने स्पष्ट किया है कि वीवीआईपी (VVIP) हस्तियों और संवैधानिक पदों पर बैठे जनप्रतिनिधियों के अकाउंट्स से शेयर किए जाने वाले कंटेंट के लिए अब और अधिक कड़े और पुख्ता नियम लागू किए जा रहे हैं:
बहुस्तरीय समीक्षा व्यवस्था: प्रधानमंत्री और अन्य प्रमुख राष्ट्रीय हस्तियों के खातों से पोस्ट की जाने वाली सामग्री पर केवल स्वचालित एआई (AI) प्रणाली काम नहीं करेगी। किसी भी प्रकार की तकनीकी समीक्षा या निर्णय से पहले कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों के कई स्तरों पर इसकी जांच की जाएगी।
अतिरिक्त निगरानी तंत्र: ऐसे उच्च-स्तरीय खातों की लगातार ट्रैकिंग और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष निगरानी प्रणाली तैयार की गई है।
तकनीकी सुधार: कंपनी ने अपने सॉफ्टवेयर और ऑटोमेटेड फिल्टर्स में जरूरी बदलाव किए हैं ताकि तकनीकी खामियों के कारण दोबारा ऐसी स्थिति न बने।
सूत्रों के मुताबिक, इस मामले की प्रगति और तकनीकी व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए मेटा की टीम आने वाले दिनों में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधिकारियों के साथ एक औपचारिक बैठक भी कर सकती है।

Madhvi Singh
Madhvi Singh

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