
संवाद 24 नई दिल्ली। भारतीय आसमान में हवाई यात्राओं की रेस अब एक बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाले मोड़ पर पहुंच गई है। देश के सबसे वीआईपी और व्यस्त माने जाने वाले दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों के हवाई अड्डे समय की पाबंदी (Punctuality) के मामले में बुरी तरह पिछड़ गए हैं, जबकि दक्षिण भारत के प्रमुख शहर चेन्नई ने एक नया इतिहास रचते हुए इस रेस में सबको पीछे छोड़ दिया है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा मई 2026 के महीने के लिए जारी किए गए घरेलू उड़ानों के ताजा आंकड़ों ने विमानन उद्योग (Aviation Industry) के दिग्गजों को भी हैरान कर दिया है।
चेन्नई का ऐतिहासिक दबदबा: समय के सबसे पक्के साबित हुए तमिल
डीजीसीए (DGCA) की आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, मई 2026 में समय पर घरेलू उड़ानों के संचालन (On-Time Performance) के मामले में चेन्नई एयरपोर्ट ने पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया है। इस एयरपोर्ट पर इंडिगो, एयर इंडिया ग्रुप, अकासा, एलायंस एयर और स्पाइसजेट जैसी तमाम बड़ी विमानन कंपनियों की रिकॉर्ड 92.2% उड़ानें बिल्कुल अपने तय समय पर उड़ीं और लैंड हुईं। यह आंकड़ा इस बात का गवाह है कि चेन्नई हवाई अड्डे का ग्राउंड मैनेजमेंट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) देश में सबसे बेहतरीन काम कर रहा है। चेन्नई के बाद इस लिस्ट में कोलकाता एयरपोर्ट दूसरे नंबर पर रहा, जिसने 84.7% उड़ानों को समय पर संचालित किया। इसके ठीक पीछे हैदराबाद 84.4% की दर के साथ तीसरे, आईटी हब बेंगलुरु 82.3% के साथ चौथे और केरल का कोच्चि हवाई अड्डा 81.5% की समयबद्धता के साथ पांचवें स्थान पर मजबूती से खड़ा रहा।
दिल्ली और मुंबई का फ्लॉप शो: रेंग रही हैं महानगरीय उड़ानें
एक तरफ जहां दक्षिण और पूर्वी भारत के हवाई अड्डे समय के पाबंद दिखे, वहीं देश के दो सबसे बड़े और हाई-प्रोफाइल माने जाने वाले दिल्ली का इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट और मुंबई का छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट इस कसौटी पर पूरी तरह फेल साबित हुए।
आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में मई के दौरान केवल 72.6% उड़ानें ही समय पर अपनी उड़ान भर सकीं, जिसका मतलब है कि हर चार में से एक यात्री को देरी का सामना करना पड़ा। मुंबई की स्थिति तो इससे भी बदतर रही, जहां महज 70.5% उड़ानें ही समय की पाबंदी का पालन कर पाईं। बाकी शहरों की बात करें तो गुजरात का अहमदाबाद और उत्तर प्रदेश का लखनऊ एयरपोर्ट दोनों ही 76.7% की दर के साथ क्रमशः छठे और सातवें स्थान पर संयुक्त रूप से रहे, जबकि असम का गुवाहाटी एयरपोर्ट 75.3% के साथ नौवें नंबर पर रहा।
एयरलाइंस का रिपोर्ट कार्ड: इंडिगो नंबर वन, स्पाइसजेट सबसे फिसड्डी
हवाई अड्डों के अलावा डीजीसीए ने देश की विमानन कंपनियों का भी अलग से रिपोर्ट कार्ड जारी किया है। विमानन कंपनियों में ‘इंडिगो’ (Indigo) एक बार फिर भारतीय यात्रियों की पहली पसंद और समय की सबसे पक्की एयरलाइन बनकर उभरी है। इंडिगो ने मई महीने में 82.8% की बेहतरीन पंचुअलिटी के साथ पहला स्थान पाया। नई नवेली एयरलाइन ‘अकासा’ (Akasa Air) ने भी सबको प्रभावित करते हुए 78.3% के साथ दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि टाटा समूह की ‘एयर इंडिया ग्रुप’ 74.5% के साथ तीसरे स्थान पर रही। इस सूची में सबसे खराब और चिंताजनक प्रदर्शन ‘स्पाइसजेट’ (SpiceJet) का रहा। इस एयरलाइन का संचालन इतना लचर रहा कि इसकी केवल 26.5% उड़ानें ही समय पर पहुंच सकीं, यानी स्पाइसजेट से सफर करने वाले करीब 74 फीसदी यात्रियों को भारी देरी का दंश झेलना पड़ा।
छुट्टियों का असर: 1.5 करोड़ यात्रियों ने भरी उड़ान, मार्केट में इंडिगो का एकछत्र राज
मई के महीने में देश भर के स्कूलों और कॉलेजों में गर्मी की छुट्टियां होने के कारण पर्यटन में भारी उछाल देखा गया। इस दौरान देश के भीतर हवाई सफर करने वाले यात्रियों की संख्या में ज़बरदस्त वृद्धि दर्ज की गई। मई 2026 में देश भर में 1.5 करोड़ से ज्यादा यात्रियों ने घरेलू उड़ानों से सफर तय किया, जो कि पिछले साल मई (2025) के मुकाबले लगभग 10% ज्यादा है। अप्रैल 2026 में यह संख्या 1.4 करोड़ से भी कम थी। वहीं, अगर जनवरी से मई 2026 तक के पूरे पांच महीनों की बात करें, तो अब तक कुल 7.3 करोड़ घरेलू यात्री आसमान की सैर कर चुके हैं, जो पिछले साल की इसी अवधि से 2% अधिक है। मार्केट शेयर (बाजार हिस्सेदारी) के मामले में इंडिगो का भारतीय आसमान पर एकछत्र राज कायम है। मई में अकेले इंडिगो के पास 64.9% की विशाल बाजार हिस्सेदारी थी। इसके बाद एयर इंडिया ग्रुप 25.6% के साथ दूसरे और अकासा एयर 5.8% मार्केट शेयर के साथ तीसरे पायदान पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में कामयाब रही। विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय यात्राओं पर बढ़ती लागत और पाबंदियों की वजह से भारतीय लोग अब देश के भीतर ही छुट्टियां बिताना ज्यादा पसंद कर रहे हैं, जिसका सीधा फायदा देश के होटल, टूरिज्म और एविएशन सेक्टर को मिल रहा है।






