नोएडा में भीषण अग्निकांड! आसमान छूती आग की लपटों के बीच मची भगदड़, कई किलोमीटर दूर से दिखा धुएं का गुबार

संवाद 24 उत्तर प्रदेश। हाईटेक शहर नोएडा (गौतमबुद्ध नगर) से एक बेहद चौंकाने वाली और डरा देने वाली खबर सामने आई है। नोएडा के प्रमुख औद्योगिक हब माने जाने वाले सेक्टर-88 की एक नामी कंपनी में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि चंद ही मिनटों में उसने पूरी इमारत को अपनी आगोश में ले लिया। आसमान में उठती काली और घनी लपटों को देखकर आसपास के पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और औद्योगिक क्षेत्र में काम कर रहे मजदूरों और कर्मचारियों के बीच जान बचाने के लिए भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की आधा दर्जन से अधिक गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया।

देखते ही देखते भड़क उठीं लपटें, काले धुएं से ढका आसमान
चश्मदीदों और स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, यह भीषण हादसा सेक्टर-88 के फेज-2 पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक ब्लॉक में स्थित कंपनी में हुआ। दोपहर के वक्त जब कंपनी में रोजाना की तरह कामकाज चल रहा था, तभी अचानक इमारत के एक हिस्से से चिंगारियां और धुआं निकलने लगा। वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों और कर्मचारियों ने जब तक कुछ समझने की कोशिश की, तब तक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। कंपनी के अंदर भारी मात्रा में ज्वलनशील और पैकेजिंग सामग्री मौजूद होने के कारण आग ने तेजी से रफ्तार पकड़ी। कुछ ही समय में तीन मंजिला इमारत के बड़े हिस्से से ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। धुएं का गुबार इतना विशाल और घना था कि वह कई किलोमीटर दूर नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और आसपास के सेक्टरों से भी साफ दिखाई दे रहा था।

दमकल विभाग का क्विक एक्शन, मची अफरा-तफरी
आग लगने की खबर आग की तरह पूरे इंडस्ट्रियल एरिया में फैल गई। कंपनी के अंदर काम कर रहे दर्जनों कर्मचारियों को आनन-फानन में सुरक्षित बाहर निकाला गया। गनीमत रही कि कंपनी के पास आपातकालीन निकास (Emergency Exit) की व्यवस्था चालू स्थिति में थी, जिससे लोग समय रहते बाहर आने में कामयाब रहे, वरना एक बड़ा और भयावह हादसा हो सकता था। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) के नेतृत्व में दमकल विभाग की एक बड़ी टीम तुरंत हरकत में आई। फेज-2, सेक्टर-58 और इकोटेक-3 फायर स्टेशनों से पानी के टैंकरों और आधुनिक उपकरणों के साथ दमकल की गाड़ियां हूटर बजाती हुई मौके पर पहुंचने लगीं। भारी भीड़ और अफरा-तफरी के माहौल के बीच पुलिस बल ने मोर्चा संभाला और पूरे इलाके की बैरिकेडिंग कर दी ताकि दमकल की गाड़ियों को आने-जाने में कोई बाधा न हो।

कड़ी मशक्कत के बाद पाया गया काबू, कोई हताहत नहीं
दमकलकर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर चारों तरफ से पानी की बौछारें (Water Cannons) शुरू कीं। आग की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि शुरुआत में पानी का असर बेहद कम दिख रहा था। हालांकि, लगभग 2 से 3 घंटे की कड़ी और सामूहिक मशक्कत के बाद दमकल की टीम आग के फैलाव को रोकने और उसे पूरी तरह से नियंत्रित करने में सफल रही। राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि इस बेहद डरावने और भीषण अग्निकांड में किसी भी व्यक्ति की जान नहीं गई और न ही कोई गंभीर रूप से घायल हुआ। समय रहते सभी कर्मचारियों का रेस्क्यू कर लिया गया था। हालांकि, इस हादसे में कंपनी के भीतर रखी लाखों रुपये की मशीनें, कीमती कच्चा माल और तैयार प्रोडक्ट्स जलकर पूरी तरह से खाक हो गए हैं। कंपनी प्रबंधन को भारी आर्थिक नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच में जुटी पुलिस
शुरुआती जांच और दमकल अधिकारियों के मुताबिक, आग लगने की प्राथमिक वजह शॉर्ट सर्किट (Short Circuit) मानी जा रही है। आशंका है कि बिजली के मुख्य पैनल या एयर कंडीशनिंग (AC) सिस्टम में ओवरलोडिंग के कारण स्पार्किंग हुई, जिसने पास में रखी पैकेजिंग सामग्री को पकड़ लिया।
नोएडा पुलिस और फायर सेफ्टी विभाग अब इस बात की विस्तृत जांच कर रहा है कि क्या कंपनी के भीतर आग से निपटने के पुख्ता इंतजाम जैसे फायर एक्सटिंग्विशर, स्प्रिंकलर सिस्टम और फायर अलार्म सही तरीके से काम कर रहे थे या नहीं। अधिकारियों ने साफ किया है कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी या लापरवाही पाई जाती है, तो कंपनी प्रबंधन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

Madhvi Singh
Madhvi Singh

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