
संवाद 24 नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का PSLV-C62 मिशन तकनीकी खराबी के कारण असफल हो गया। रॉकेट के तीसरे चरण में आई गड़बड़ी से मिशन अपने निर्धारित उड़ान पथ से भटक गया, जिसके चलते कुल 15 उपग्रह संपर्क से बाहर हो गए। हालांकि, इस असफलता के बीच एक अहम राहत यह रही कि मिशन में शामिल स्पेन की निजी कंपनी का छोटा स्पेस कैप्सूल ‘KID’ सुरक्षित रहा और उसने करीब 190 सेकंड तक उड़ान से जुड़ा डेटा धरती पर भेजा।
PSLV-C62 ने सोमवार सुबह 10:18 बजे श्रीहरिकोटा से उड़ान भरी थी। रॉकेट में भारत का एक प्रमुख उपग्रह सहित कुल 15 सैटेलाइट और स्पेन का परीक्षण कैप्सूल शामिल था। तीसरे चरण के दौरान थ्रस्ट में असामान्यता आने के बाद रॉकेट ने निर्धारित ऊंचाई और मार्ग से विचलन दिखाया, जिसके बाद मिशन को असफल घोषित किया गया।
मिशन विफल होने के बावजूद ‘KID’ कैप्सूल का सक्रिय रहना तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह कैप्सूल पृथ्वी के वायुमंडल में पुनः प्रवेश (री-एंट्री) के परीक्षण के उद्देश्य से डिजाइन किया गया था। सामान्यतः ऐसे हालात में किसी भी पेलोड से डेटा मिलना दुर्लभ होता है, लेकिन ‘KID’ ने सीमित अवधि तक टेलीमेट्री भेजकर वैज्ञानिकों को उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराई।
इसरो प्रमुख वी नारायणन ने बताया कि तीसरे चरण में जब रॉकेट को आवश्यक ऊंचाई तक ले जाने के लिए थ्रस्ट प्रदान किया जा रहा था, तभी तकनीकी गड़बड़ी सामने आई। उन्होंने कहा कि रॉकेट के उड़ान पथ से भटकने के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत विश्लेषण शुरू कर दिया गया है।
PSLV-C62 मिशन को भारत की अंतरिक्ष क्षमताओं और अंतरराष्ट्रीय सहयोग—दोनों दृष्टियों से अहम माना जा रहा था। उपग्रहों के नुकसान से जहां वैज्ञानिक और रणनीतिक उद्देश्यों को झटका लगा है, वहीं ‘KID’ कैप्सूल से प्राप्त डेटा भविष्य के मिशनों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। इसरो ने संकेत दिया है कि जांच पूरी होने के बाद सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।






