संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू, 19 दिसंबर तक चलेगा; पहले दिन SIR और BLO मौतों को लेकर हंगामे के आसार
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संवाद 24।नई दिल्ली
संसद का शीतकालीन सत्र (विंटर सेशन) आज से शुरू हो रहा है। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे प्रारंभ होगी। यह सत्र 1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें कुल 15 बैठकें होंगी। सत्र के दौरान 10 नए विधेयक पेश किए जाएंगे, जिनमें से सबसे अहम एटॉमिक एनर्जी बिल है, जिसके माध्यम से पहली बार निजी कंपनियों को परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति देने का प्रस्ताव है।
सत्र के पहले दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025 और स्वास्थ्य सुरक्षा व राष्ट्रीय सुरक्षा सेस विधेयक, 2025 पेश करेंगी। इन कानूनों का मकसद सिगरेट, तंबाकू और पान मसाला जैसे उत्पादों पर क्षतिपूर्ति सेस खत्म होने के बाद भी कर जारी रखना है।
आज दोनों सदनों में 7 राज्यों में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर हंगामा होने की संभावना जताई जा रही है। विपक्ष लगातार SIR पर सरकार पर हमलावर है। SIR में लगे BLO कर्मचारियों की मौतों और आत्महत्याओं का मुद्दा प्रमुखता से उठ सकता है। विपक्ष आरोप लगा रहा है कि अधिक दबाव के कारण BLO कर्मचारी मानसिक तनाव में हैं।
बिहार चुनाव में NDA की रिकॉर्ड जीत के बाद विपक्ष एक बार फिर वोट चोरी का मुद्दा उठा सकता है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी चुनाव आयोग पर पहले ही कई बार हमला बोल चुके हैं। अनुमान है कि विपक्ष इस सत्र में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव ला सकता है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रक्रिया भी इस सत्र में आगे बढ़ेगी। उनके सर्वेंट क्वार्टर से 14 मार्च को जले हुए नोट बरामद होने के मामले में बनाई गई विशेष समिति अपनी रिपोर्ट पेश कर सकती है। रिपोर्ट में आरोप साबित होने पर महाभियोग मतदान होगा, हालांकि संभावना जताई जा रही है कि जस्टिस वर्मा इस्तीफा दे सकते हैं।
10 अहम बिल जो इस सत्र में पेश होंगे—
- एटॉमिक एनर्जी बिल – निजी (भारतीय और विदेशी) कंपनियों को न्यूक्लियर पावर प्लांट लगाने की अनुमति।
- हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया बिल – UGC, AICTE और NCTE को खत्म कर एक एकीकृत आयोग बनाने का प्रस्ताव।
- नेशनल हाईवे (संशोधन) बिल – भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज होगा।
- कॉर्पोरेट लॉ (संशोधन) बिल 2025 – ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को आसान बनाने के लिए।
- सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड बिल – सेबी एक्ट समेत अन्य एक्ट्स को जोड़कर एक सरल कानून।
- संविधान 131वां संशोधन बिल – चंडीगढ़ को आर्टिकल 240 के दायरे में लाने का प्रस्ताव।
- ऑर्बिट्रेशन एंड कॉन्सीलिएशन (अमेंडमेंट) बिल 2025 – विवाद निपटान को तेज करने के लिए।
इनके अलावा दिल्ली में 10 नवंबर को हुए ब्लास्ट, दिल्ली प्रदूषण, नेशनल हेराल्ड केस, नए लेबर लॉ और राष्ट्रीय सुरक्षा सहित कई मुद्दे उठने की संभावना है।
शीतकालीन सत्र से पहले रविवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में पार्लियामेंट्री अफेयर्स मिनिस्टर किरेन रिजिजू ने कहा था—
“यह विंटर सेशन है, हम उम्मीद करते हैं कि सब लोग ठंडे दिमाग से काम करेंगे और गरमागरम बहस से बचेंगे।”
अब देखना होगा कि विपक्ष तीखे तेवर अपनाता है या सत्र शांति से आगे बढ़ता है।






