
उमर्दा/तिर्वा, कन्नौज। कन्नौज के किसानों के लिए आधुनिक और उन्नत खेती की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। उमर्दा ब्लॉक स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल्स के प्रभारी एवं जिला उद्यान अधिकारी आशीष कटियार इजराइल में आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, उन्हें भारत सरकार की भारत-इजराइल कृषि सहयोग पहल के अंतर्गत प्रशिक्षण के लिए नामित किया गया है। यह प्रशिक्षण 13 से 25 दिसंबर 2026 तक आयोजित होगा।
कम पानी में अधिक पैदावार का इजराइली मॉडल समझेंगे अधिकारी
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य शुष्क एवं अर्द्ध-शुष्क जलवायु परिस्थितियों में सीमित जल और संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए सब्जियों का अधिक उत्पादन करना है। इजराइल ने जल संकट और सीमित कृषि भूमि जैसी चुनौतियों के बीच आधुनिक कृषि तकनीकों के माध्यम से अपनी अलग पहचान बनाई है। वहां विकसित सिंचाई, उर्वरक प्रबंधन और संरक्षित खेती की तकनीकें दुनिया के कई देशों के लिए उपयोगी साबित हो रही हैं।
टपका सिंचाई से लेकर संरक्षित खेती तक पर रहेगा जोर
प्रशिक्षण के दौरान आधुनिक सिंचाई व्यवस्था, टपका सिंचाई (Drip Irrigation), फर्टिगेशन, संरक्षित खेती (Protected Cultivation), फसलों का रोग एवं कीट प्रबंधन तथा उन्नत नर्सरी प्रबंधन जैसी तकनीकों की जानकारी महत्वपूर्ण रहेगी। इसके अतिरिक्त कम भूमि में अधिक उत्पादन के लिए वर्टिकल फार्मिंग जैसी आधुनिक कृषि पद्धतियों की उपयोगिता भी किसानों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।
उमर्दा सेंटर बनेगा आधुनिक तकनीक के प्रसार का माध्यम
तिर्वा क्षेत्र के उमर्दा में स्थापित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल्स सब्जी उत्पादन की आधुनिक तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यहां उन्नत किस्मों के सब्जी पौधों की नर्सरी तैयार की जाती है, जिससे कन्नौज सहित आसपास के जिलों के किसान लाभान्वित होते हैं।भारत-इजराइल कृषि सहयोग परियोजना के अंतर्गत स्थापित ऐसे केंद्रों का उद्देश्य आधुनिक कृषि तकनीकों का स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रदर्शन करना और किसानों को गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री उपलब्ध कराना है।
प्रशिक्षण का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचाने की तैयारी
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद आशीष कटियार द्वारा उमर्दा केंद्र और जनपद में सीखी गई तकनीकों के उपयोग तथा उनके प्रसार पर काम किए जाने की अपेक्षा है। इससे सब्जी पौधों की गुणवत्ता, उत्पादन क्षमता और संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिल सकता है।विशेष रूप से जल संरक्षण, उन्नत पौध उत्पादन और वैज्ञानिक खेती की जानकारी किसानों तक पहुंचने से खेती की लागत कम करने तथा उत्पादन की गुणवत्ता सुधारने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
कन्नौज की खेती को आधुनिक पहचान मिलने की उम्मीद
कृषि क्षेत्र में बदलती परिस्थितियों के बीच किसानों के लिए कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त करना बड़ी चुनौती है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त करना और उन्हें स्थानीय स्तर पर लागू करना महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। उमर्दा के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से इन तकनीकों का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचता है तो यह कन्नौज की सब्जी खेती को नई दिशा देने में सहायक हो सकता है।






