
सकरावा (कन्नौज)। स्वच्छता और बेहतर जनसुविधाओं के दावों के बीच कन्नौज जनपद के सकरावा कस्बे में सफाई व्यवस्था की बदहाली स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। कस्बे के सदर बाजार स्थित गली में नालियां चोक होने से गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। जगह-जगह जलभराव और गंदगी के कारण लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
15 हजार की आबादी और सफाई के लिए सिर्फ एक कर्मचारी!
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, करीब 15 हजार की आबादी वाले सकरावा कस्बे की सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी महज एक सफाई कर्मचारी के भरोसे है। इतनी बड़ी आबादी और क्षेत्रफल के लिहाज से सफाई कर्मचारियों की कमी का असर सीधे तौर पर साफ-सफाई पर दिखाई दे रहा है। नियमित सफाई नहीं होने से कई स्थानों पर नालियों में कचरा जमा है और पानी की निकासी बाधित हो रही है।
सदर बाजार की गली में गंदगी, राहगीरों का निकलना मुश्किल
कस्बे के सदर बाजार की गली में नालियों का गंदा पानी सड़क पर बहने से स्थानीय लोगों के साथ ही बाजार आने-जाने वाले लोगों को भी परेशानी हो रही है। सड़क पर फैला गंदा पानी न केवल आवागमन में बाधा बन रहा है, बल्कि आसपास के वातावरण को भी दूषित कर रहा है। दुकानदारों और स्थानीय निवासियों के लिए यह स्थिति रोजमर्रा की समस्या बनती जा रही है।
मच्छरों के पनपने और बीमारियों का भी खतरा
लंबे समय तक नालियों में गंदा पानी जमा रहने और सड़कों पर जलभराव होने से मच्छरों के पनपने की आशंका बढ़ जाती है। इससे डेंगू, मलेरिया सहित अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा भी पैदा हो सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सफाई और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो समस्या और गंभीर हो सकती है।
पहले भी उठ चुकी है जल निकासी की समस्या
सकरावा में जल निकासी की समस्या पहले भी स्थानीय खबरों में सामने आ चुकी है। अगस्त 2026 में प्रकाशित हिन्दुस्तान की रिपोर्ट में हल्की बारिश के बाद सड़कों और गलियों में जलभराव तथा नालों की बदहाल स्थिति का उल्लेख किया गया था। इससे कस्बे में जल निकासी की समस्या को लेकर लगातार सुधार की आवश्यकता सामने आती है।
सफाई व्यवस्था सुधारने का बीडीओ ने दिया भरोसा
मामले को लेकर ग्रामीणों ने सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने, नियमित नालियों की सफाई कराने और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठाई है। खंड विकास अधिकारी मनोज कुमार पोरवाल ने ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने का आश्वासन दिया है। अब देखना होगा कि प्रशासनिक स्तर पर इस दिशा में कितनी जल्दी ठोस कदम उठाए जाते हैं और कस्बे के लोगों को गंदगी एवं जलभराव से कब राहत मिलती है।






