
कन्नौज। मौसम के बदलते रुख और बेमौसम बारिश की आशंका ने कन्नौज के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। 29 और 30 अक्टूबर को जिले में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश की संभावना को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है। मौसम में इस बदलाव का संभावित कारण बंगाल की खाड़ी में सक्रिय रहा चक्रवाती तूफान ‘अर्णब’ बताया गया है।
धान से लेकर सब्जियों तक पर पड़ सकता है असर
उप कृषि निदेशक संतोष कुमार के अनुसार, बेमौसम बारिश और तेज हवाओं का असर खेतों में खड़ी धान, खरीफ मक्का, अरहर, तिल, उड़द और मूंगफली की फसलों पर पड़ सकता है। इसके साथ ही सब्जियों की खेती करने वाले किसानों को भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। तेज हवाओं के कारण फसलें गिरने और खेतों में पानी भरने से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
खेतों में जलभराव से बढ़ सकती है किसानों की परेशानी
बारिश के कारण खेतों में अत्यधिक नमी और जलभराव की स्थिति बनने पर तैयार फसल को नुकसान पहुंच सकता है। विशेष रूप से धान की कटाई के बाद खेतों या खुले स्थानों पर रखी उपज के भीगने का खतरा है। नमी के कारण अनाज के दाने अंकुरित हो सकते हैं, जबकि अरहर और अन्य दलहनी फसलों की फलियों में सड़न की समस्या पैदा हो सकती है। इससे उपज की गुणवत्ता और किसानों को मिलने वाले बाजार भाव पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
आलू, सरसों और गेहूं की बुवाई करने वाले किसान रखें ध्यान
कृषि विभाग ने सरसों, चना, मटर, आलू और गेहूं की बुवाई की तैयारी कर रहे किसानों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। खेतों में अधिक नमी अथवा जलभराव होने की स्थिति में जल्दबाजी में बुवाई न करें। मिट्टी की स्थिति अनुकूल होने और खेत से अतिरिक्त पानी निकलने के बाद ही बुवाई संबंधी कार्य शुरू करना बेहतर होगा। इससे बीज के सड़ने और अंकुरण प्रभावित होने की आशंका कम की जा सकती है।
मंडियों में खुले में रखा अनाज सुरक्षित करने की अपील
उप कृषि निदेशक ने मंडियों और अन्य खुले स्थानों पर रखे अनाज को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की अपील की है। किसानों को सलाह दी गई है कि कटी हुई फसल और भंडारित अनाज को तिरपाल या अन्य सुरक्षित आवरण से ढककर रखें। खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करें, ताकि बारिश होने पर पानी जमा न हो और फसलों को अतिरिक्त नुकसान से बचाया जा सके।
मौसम पर नजर रखें, सावधानी से करें कृषि कार्य
बेमौसम बारिश के दौरान किसानों के लिए मौसम विभाग की ताजा जानकारी पर नजर रखना जरूरी है। कटाई, मड़ाई और बुवाई जैसे कृषि कार्य मौसम की अनुकूलता को ध्यान में रखकर ही किए जाने चाहिए। समय रहते की गई सावधानी किसानों की मेहनत और तैयार उपज को संभावित नुकसान से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।






