
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 29 अगस्त 2026, शनिवार
कालगणना
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948 (पराभव)
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शरद
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – श्रावण (अमांत), भाद्रपद (पूर्णिमांत)
पक्ष – कृष्ण
तिथि – प्रतिपदा प्रातः 09:58 AM तक, तत्पश्चात् द्वितीया
वार – शनिवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – पूर्वाभाद्रपद अगले दिन (30 अगस्त) प्रातः 03:43 AM तक, तत्पश्चात् उत्तराभाद्रपद
योग – सुकर्मा प्रातः 06:36 AM तक, तत्पश्चात् धृति अगले दिन (30 अगस्त) प्रातः 05:21 AM तक
करण – कौलव प्रातः 09:58 AM तक, तत्पश्चात् तैतिल रात 09:52 PM तक, तत्पश्चात् गर
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 05:49 AM
सूर्यास्त – 06:36 PM
चन्द्रोदय – शाम 07:12 PM
चन्द्रास्त – प्रातः 06:39 AM
चन्द्र राशि – कुंभ रात 09:30 PM तक, तत्पश्चात् मीन
अभिजित मुहूर्त – 11:47 AM से 12:38 PM तक
विजय मुहूर्त – 02:32 PM से 03:24 PM तक (दुर्मुहूर्त/राहुकाल रहित काल गणनानुसार)
अशुभ काल
राहुकाल – 09:00 AM से 10:36 AM तक
यमगण्ड – 01:48 PM से 03:24 PM तक
गुलिक काल – 05:49 AM से 07:24 AM तक
दुर्मुहूर्त – 05:49 AM से 06:40 AM तक एवं 06:40 AM से 07:31 AM तक
कंटक – 11:47 AM से 12:38 PM तक
कालवेला या अर्द्धयाम – 01:29 PM से 02:20 PM तक
यमघण्ट – 03:11 PM से 04:02 PM तक
गुलिक (दूसरा) – 06:40 AM से 07:31 AM तक
शुभ चौघड़िया
चर – 07:24 AM से 09:00 AM तक
लाभ – 09:00 AM से 10:36 AM तक
अमृत – 10:36 AM से 12:12 PM तक
शुभ – 01:48 PM से 03:24 PM तक
दिशाशूल एवं यात्रा विचार
दिशाशूल – पूर्व
यात्रा उपाय – शनिवार को पूर्व दिशा की यात्रा टालें। यदि अनिवार्य हो, तो अदरक या उड़द की दाल खाकर अथवा भगवान शनिदेव का स्मरण कर प्रस्थान करें।
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
भाद्रपद कृष्ण पक्ष प्रारंभ (अशून्य शयन द्वितीया व्रत) / पंचक
आज से भाद्रपद मास (भादो) के कृष्ण पक्ष का शुभारंभ हो रहा है। आज रात 09:52 PM के बाद गृहस्थ सुख और अखंड सौभाग्य प्रदायक ‘अशून्य शयन द्वितीया’ का व्रत प्रारंभ होगा। आज पूरे दिन पंचक का प्रभाव रहेगा। साथ ही प्रातः 06:36 AM के बाद धैर्य व स्थिरता प्रदायक ‘धृति योग’ रहेगा।
पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र का प्रभाव
पूरे दिन और रात अगले दिन तड़के 03:43 AM तक पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र रहेगा, जिसके स्वामी देवगुरु बृहस्पति और अधिपति अजैकपाद देव हैं। यह नक्षत्र आध्यात्मिक चिंतन, गूढ़ रहस्यों के अध्ययन, तंत्र-मंत्र साधना और परोपकार के कार्यों के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है।
विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण
आज चन्द्रमा रात 09:30 PM तक शनि देव की राशि कुंभ में और उसके उपरांत देवगुरु बृहस्पति की स्वराशि मीन में संचरण करेंगे। रात के बाद चन्द्रमा के मीन राशि में जाने से जातकों में वैचारिक परिपक्वता, मानसिक शांति, कल्पनाशीलता और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होगा।

आज का राशिफल – 29 अगस्त 2026 शनिवार
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
रात तक आय के स्रोतों में वृद्धि बनी रहेगी। रात के बाद चन्द्रमा के द्वादश भाव में जाने से सुदूर यात्रा या मांगलिक कार्यों में धन खर्च हो सकता है। लेन-देन में सतर्क रहें।
उपाय – शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
रात तक नौकरी और आजीविका के क्षेत्र में शानदार सफलता मिलेगी। रात के बाद एकादश भाव में चन्द्रमा के आने से अप्रत्याशित वित्तीय लाभ और मित्रों का सहयोग मिलेगा।
उपाय – हनुमान जी को चमेली का तेल और सिंदूर अर्पित करें।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
रात तक भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। रात के बाद दशम भाव में चन्द्रमा आने से कार्यक्षेत्र में पद-प्रतिष्ठा और प्रभाव बढ़ेगा। वरिष्ठ अधिकारी आपके काम की सराहना करेंगे।
उपाय – पक्षियों को सतनाजा (सात प्रकार का अनाज) डालें।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
रात तक स्वास्थ्य के प्रति सावधानी बरतें। रात के बाद नवम भाव में चन्द्रमा के गोचर से आपका रुका हुआ भाग्य चमकेगा, अटके काम बनेंगे और धार्मिक यात्रा के योग बनेंगे।
उपाय – शिवलिंग पर जल में काले तिल मिलाकर अर्पित करें।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
रात तक दाम्पत्य जीवन और व्यापार में मधुरता रहेगी। रात के बाद अष्टम भाव में चन्द्रमा के जाने से सेहत का ध्यान रखें और वाहन सावधानी से चलाएं।
उपाय – मस्तक पर सफेद चंदन का तिलक लगाएं।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
रात तक शत्रुओं और प्रतिस्पर्धियों पर आपका प्रभाव बना रहेगा। रात के बाद जीवनसाथी के साथ रिश्ते प्रगाढ़ होंगे और साझेदारी के व्यापार में बड़ा आर्थिक लाभ होगा।
उपाय – जरूरतमंदों को काले वस्त्र या चप्पल का दान करें।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
रात तक विद्यार्थियों और बौद्धिक कार्यों के लिए समय उत्तम है। रात के बाद चन्द्रमा के षष्ठम भाव में जाने से पुरानी बीमारियों से राहत मिलेगी और शत्रुओं पर विजय होगी।
उपाय – श्री सूक्त का पाठ करें।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
रात तक घरेलू सुख-सुविधाओं में व्यस्तता रहेगी। रात के बाद संतान पक्ष से शुभ समाचार मिलेगा और आपकी बौद्धिक क्षमता से व्यापार में बड़ा मुनाफा होगा।
उपाय – सुंदरकांड या हनुमान चालीसा का पाठ करें।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
रात तक पराक्रम और संपर्क सूत्रों में वृद्धि रहेगी। रात के बाद प्रॉपर्टी, मकान या वाहन से जुड़ा रुका हुआ कार्य पूरा हो सकता है। माता का पूरा आशीर्वाद मिलेगा।
उपाय – भगवान विष्णु को पीले फूल और तुलसी दल अर्पित करें।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
रात तक आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा। रात के बाद आपके सामाजिक दायरे और संपर्क सूत्रों में वृद्धि होगी। छोटे भाई-बहनों का पूरा सहयोग प्राप्त होगा।
उपाय – ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का जप करें।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
रात तक चन्द्रमा आपकी ही राशि में रहने से आत्मविश्वास बना रहेगा। रात के बाद धन भाव में चन्द्रमा के आने से अटका हुआ धन वापस मिलेगा और बैंक बैलेंस बढ़ेगा।
उपाय – पीपल के पेड़ के पास चौमुखा दीपक जलाएं।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
रात तक खर्चों पर थोड़ा नियंत्रण रखें। रात 09:30 PM के बाद चन्द्रमा आपकी ही राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे मानसिक तनाव दूर होगा, आत्मविश्वास लौटेगा और नए अवसर मिलेंगे।
उपाय – श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें या सुनें।
॥ शुभम भवतु ॥

