
संवाद 24 नई दिल्ली। देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पासआउट हो रहे युवाओं में नया उत्साह और ऊर्जा भरी। प्रधानमंत्री ने डिग्री हासिल करने वाले 3,000 से अधिक छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए उनसे आह्वान किया कि वे जीवन की इस नई पारी की शुरुआत बिना किसी तनाव के करें और वर्तमान के इस ऐतिहासिक पल का पूरा आनंद लें। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने तकनीकी शोध को बढ़ावा देने के लिए IIT दिल्ली के सोनीपत कैंपस में स्थापित AI-आधारित सुपरकंप्यूटिंग सुविधा ‘परम प्रज्ञा’ (Param Pragya) का भी वर्चुअली उद्घाटन किया, जो देश में एआई और डेटा साइंस शोध को नए आयाम देगी।
डिग्री हासिल करने वाले छात्रों को पीएम मोदी का मूलमंत्र
समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दीक्षांत समारोह सिर्फ पढ़ाई की समाप्ति नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में अपनी प्रतिभा का योगदान देने की एक नई यात्रा का शुभारंभ है। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे औपचारिक शिक्षा पूरी होने के बाद भी सीखने की ललक कभी न छोड़ें। पीएम मोदी ने मुस्कुराते हुए छात्र-छात्राओं से कहा, “आज के इस खास पल को खुलकर जी लीजिए। बीते वर्षों की कड़ी मेहनत का यह फल है, इसलिए बिना भविष्य की चिंता किए पूरे उत्साह, ऊर्जा और जुनून के साथ जीवन की अगली पारी में कदम बढ़ाइए।” भाषण के दौरान पीएम मोदी ने समारोह में छात्राओं (गर्ल स्टूडेंट्स) की बढ़ती संख्या और उनकी उपलब्धियों को लेकर भी सराहना की।
मेधावी छात्रों को सम्मानित किया और बांटे गोल्ड मेडल
दीक्षांत समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को संस्थान के शीर्ष अकादमिक सम्मान प्रदान किए:
1- प्रेसिडेंट्स गोल्ड मेडल (President’s Gold Medal)
2- डायरेक्टर्स गोल्ड मेडल (Director’s Gold Medal)
3- डॉ. शंकर दयाल शर्मा गोल्ड मेडल (Shankar Dayal Sharma Gold Medal)
4- परफेक्ट 10 गोल्ड मेडल (Perfect Ten Gold Medals)
इस वर्ष 3,000 से अधिक ग्रेजुएट्स को डिग्रियां सौंपी गईं, जिनमें 587 पीएचडी (Ph.D.) शोधार्थी भी शामिल हैं। विशेष बात यह रही कि इस बार बैचलर ऑफ डिजाइन (B.Des.), एग्जीक्यूटिव एमबीए (Executive MBA), एमएससी बायोलॉजिकल साइंसेज और एमए इन कल्चर, सोसाइटी एंड थॉट के पहले बैच को भी डिग्रियां प्रदान की गईं।
सुपरकंप्यूटर ‘परम प्रज्ञा’ की सौगात: AI क्षेत्र में भारत की बड़ी छलांग
इस कार्यक्रम का एक बड़ा आकर्षण IIT दिल्ली के सोनीपत (हरियाणा) स्थित एक्सटेंशन कैंपस में हाई-परफॉर्मेंस AI सुपरकंप्यूटिंग फैसिलिटी ‘परम प्रज्ञा’ का आधिकारिक शुभारंभ रहा। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उद्घाटित यह अत्याधुनिक सुपरकंप्यूटर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डेटा साइंस, एडवांस कंप्यूटिंग, हेल्थकेयर रिसर्च, जलवायु परिवर्तन और बायो-टेक्नोलॉजी जैसे अंतर-विषयक (interdisciplinary) क्षेत्रों में भारतीय वैज्ञानिकों और छात्रों के शोध को बेहद आसान और सटीक बनाएगा।
18 NITs के साथ ऐतिहासिक साझेदारी और ‘ALIGN’ पहल
दीक्षांत समारोह से ठीक पूर्व आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी ने संस्थान की अन्य बड़ी उपलब्धियों को साझा किया। उन्होंने बताया कि आईआईटी दिल्ली ने देश भर के 18 राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (NITs) के साथ अकादमिक और अनुसंधान साझेदारी (MoUs) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस राष्ट्रीय नेटवर्क को गति देने के लिए ALIGN (Academic Linkages for Innovation and National Growth) नामक विशेष पहल शुरू की गई है। इसके जरिए एनआईटी के छात्रों और शिक्षकों को आईआईटी दिल्ली के उन्नत लैब्स, सुपरकंप्यूटिंग और रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर का सीधा लाभ मिल सकेगा।
केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ हस्तियों की उपस्थिति
दीक्षांत समारोह में केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी और नीति आयोग के सदस्य प्रो. अभय करंदीकर विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इसके अलावा संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स, प्रोफेसर्स, वैज्ञानिकों और देश-विदेश से आए छात्रों के अभिभावकों ने इस ऐतिहासिक पल को प्रत्यक्ष रूप से देखा। समारोह के अंत में प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि IIT दिल्ली के युवा इंजीनियर और वैज्ञानिक ‘विकसित भारत 2047’ के सपने को साकार करने में तकनीक और नवाचार की अग्रणी भूमिका निभाएंगे।






