
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 09 अगस्त 2026, रविवार
कालगणना
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948 (पराभव)
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – वर्षा
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – आषाढ़ (अमांत), श्रावण (पूर्णिमांत)
पक्ष – कृष्ण
तिथि – एकादशी प्रातः 11:07 AM तक, तत्पश्चात् द्वादशी
वार – रविवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – मृगशिरा दोपहर 02:44 PM तक, तत्पश्चात् आर्द्रा
योग – हर्षण अगले दिन (10 अगस्त) प्रातः 02:04 AM तक, तत्पश्चात् वज्र
करण – बालव प्रातः 11:07 AM तक, तत्पश्चात् कौलव रात 09:35 PM तक, तत्पश्चात् तैतिल
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 05:39 AM
सूर्यास्त – 06:55 PM
चन्द्रोदय – अगले दिन (10 अगस्त) 02:33 AM
चन्द्रास्त – दोपहर 04:10 PM
चन्द्र राशि – मिथुन
अभिजित मुहूर्त – 11:50 AM से 12:43 PM तक
विजय मुहूर्त – 02:32 PM से 03:25 PM तक (दुर्मुहूर्त/राहुकाल रहित काल गणनानुसार)
अशुभ काल
राहुकाल – 05:15 PM से 06:55 PM तक
यमगण्ड – 12:17 PM से 01:56 PM तक
गुलिक काल – 03:36 PM से 05:15 PM तक
दुर्मुहूर्त – 05:08 PM से 06:01 PM तक
कंटक – 10:04 AM से 10:57 AM तक
कालवेला या अर्द्धयाम – 11:50 AM से 12:43 PM तक
यमघण्ट – 01:36 PM से 02:29 PM तक
गुलिक (दूसरा) – 05:08 PM से 06:01 PM तक
शुभ चौघड़िया
चर – 07:18 AM से 08:58 AM तक
लाभ – 08:58 AM से 10:37 AM तक
अमृत – 10:37 AM से 12:17 PM तक
शुभ – 01:56 PM से 03:36 PM तक
दिशाशूल एवं यात्रा विचार
दिशाशूल – पश्चिम
यात्रा उपाय – रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा टालें। यदि अनिवार्य हो, तो दलिया, घी या पान खाकर अथवा शीशा देखकर प्रस्थान करें।
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
कामिका एकादशी (वैष्णव पारण) / भानु सप्तमी/रविवार व्रत
आज प्रातः 11:07 AM तक एकादशी तिथि रहेगी, जिसके चलते कामिका एकादशी का पारण संपन्न होगा। इसके पश्चात् आषाढ़ कृष्ण द्वादशी तिथि का प्रारंभ हो जाएगा। आज रात 02:04 AM तक अत्यंत कल्याणकारी ‘हर्षण योग’ रहेगा, जो कि खुशी, उमंग और नए शुभ कार्यों के लिए उत्तम फलदायी माना जाता है।
मृगशिरा एवं आर्द्रा नक्षत्र का प्रभाव
दोपहर 02:44 PM तक मृगशिरा नक्षत्र रहेगा, जिसके स्वामी मंगल देव हैं। यह नक्षत्र शोध, नवीन योजनाओं की शुरुआत और यात्राओं के लिए शुभ फलदायी होता है। इसके पश्चात् राहु के स्वामित्व वाले आर्द्रा नक्षत्र का आगमन होगा, जो बौद्धिक चिंतन और परिवर्तन का कारक है।
विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण
आज चन्द्रमा पूरे दिन और रात बुध देव की राशि मिथुन में संचरण करेंगे। मिथुन राशि के चन्द्रमा जातकों में तार्किक क्षमता, संचार कौशल, लेखन और व्यापारिक सूझबूझ में वृद्धि करेंगे।

आज का राशिफल – 09 अगस्त 2026 रविवार
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आपके पराक्रम और पुरुषार्थ में वृद्धि होगी। भाई-बहनों का सहयोग कार्यक्षेत्र में मददगार साबित होगा। छोटी लेकिन अत्यंत लाभकारी व्यावसायिक यात्राएं हो सकती हैं।
उपाय – सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आर्थिक मोर्चे पर आज का दिन बहुत मजबूत रहेगा। फंसा हुआ धन वापस मिल सकता है। वाणी की सौम्यता से आप बड़े से बड़े काम आसानी से बना लेंगे।
उपाय – भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करें।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
चन्द्रमा आपकी ही राशि में संचरण कर रहे हैं, जिससे मानसिक स्फूर्ति और आत्मविश्वास बना रहेगा। सोचे हुए कार्यों में तेजी आएगी। व्यापार में लाभ और साख बढ़ेगी।
उपाय – ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का 108 बार जप करें।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज बेफिजूल के खर्चों पर थोड़ा अंकुश रखें। यात्रा के दौरान अपने सामान की सुरक्षा करें। शाम के समय शिव पूजन से मानसिक शांति मिलेगी।
उपाय – शिवलिंग पर जल और कच्चा दूध चढ़ाएं।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आय के स्रोतों में अप्रत्याशित वृद्धि होने के योग बन रहे हैं। मित्रों और बड़े भाई-बहनों का पूरा सहयोग मिलेगा। पुराने निवेश से बड़ा मुनाफा मिल सकता है।
उपाय – मस्तक पर लाल चंदन का तिलक लगाएं।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
करियर और व्यापार के लिहाज से आज का दिन शानदार रहेगा। नौकरीपेशा जातकों को कार्यक्षेत्र में उच्च अधिकारियों का मार्गदर्शन और प्रशंसा मिलेगी।
उपाय – गाय को हरा चारा या पालक खिलाएं।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
भाग्य का पूरा सितारा आज बुलंद रहेगा। धार्मिक कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी। किसी मंदिर या धार्मिक स्थल की यात्रा की रूपरेखा बन सकती है।
उपाय – श्री सूक्त का पाठ करें।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
अष्टम भाव में चन्द्रमा के प्रभाव से सेहत के प्रति सतर्कता बरतें। वाहन चलाते समय जल्दबाजी न करें। किसी गुप्त स्रोत से धन लाभ हो सकता है।
उपाय – हनुमान चालीसा का पाठ करें।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
दाम्पत्य जीवन में प्रेम और मधुरता बनी रहेगी। साझेदारी के व्यापार में अच्छा आर्थिक मुनाफा होने की संभावना है। नए संपर्क बनेंगे।
उपाय – भगवान विष्णु को पीले फूल अर्पित करें।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
प्रतिद्वंद्वी और शत्रुओं पर आपकी विजय सुनिश्चित होगी। नौकरीपेशा जातकों को कार्यस्थल पर सहकर्मियों का पूरा सहयोग मिलेगा। पुरानी बीमारियों में सुधार होगा।
उपाय – पीपल के वृक्ष के पास सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
विद्यार्थियों और प्रतियोगिता की तैयारी कर रहे जातकों को उनकी मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलेगा। संतान पक्ष से मन प्रसन्न रहेगा।
उपाय – भगवान शिव को साबुत अक्षत चढ़ाएं।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
घरेलू सुख-सुविधाओं की वस्तुओं में वृद्धि होगी। प्रॉपर्टी या वाहन की खरीदारी का विचार बन सकता है। माता का पूरा आशीर्वाद मिलेगा।
उपाय – श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें या सुनें।
॥ शुभम भवतु ॥

