
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 20 सितंबर 2026, रविवार
कालगणना
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948 (पराभव)
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शरद
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – भाद्रपद (अमांत), भाद्रपद (पूर्णिमांत)
पक्ष – शुक्ल
तिथि – नवमी सायं 05:53 PM तक, तत्पश्चात् दशमी
वार – रविवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – पूर्वाषाढ़ा अगले दिन (21 सितंबर) प्रातः 04:35 AM तक, तत्पश्चात् उत्तराषाढ़ा
योग – सौभाग्य दोपहर 03:22 PM तक, तत्पश्चात् शोभन
करण – कौलव सायं 05:53 PM तक, तत्पश्चात् तैतिल
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 05:58 AM
सूर्यास्त – 06:11 PM
चन्द्रोदय – 02:16 PM
चन्द्रास्त – अगले दिन (21 सितंबर) 12:38 AM
चन्द्र राशि – धनु
अभिजित मुहूर्त – 11:40 AM से 12:29 PM तक
विजय मुहूर्त – 02:07 PM से 02:55 PM तक
अशुभ काल
राहुकाल – 04:39 PM से 06:11 PM तक
यमगण्ड – 12:05 PM से 01:36 PM तक
गुलिक काल – 03:08 PM से 04:39 PM तक
दुर्मुहूर्त – 04:33 PM से 05:22 PM तक
कंटक – 10:03 AM से 10:51 AM तक
शुभ चौघड़िया
उद्वेग – 05:58 AM से 07:30 AM तक
चर – 07:30 AM से 09:01 AM तक
लाभ – 09:01 AM से 10:33 AM तक
अमृत – 10:33 AM से 12:05 PM तक
शुभ – 01:36 PM से 03:08 PM तक
दिशाशूल एवं यात्रा विचार
दिशाशूल – पश्चिम
यात्रा उपाय – रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा टालें। यदि अनिवार्य हो, तो दलिया, घी या पान खाकर अथवा भगवान भास्कर (सूर्यदेव) को अर्घ्य देकर प्रस्थान करें।
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
अदूख नवमी एवं सूर्योपासना
भाद्रपद शुक्ल पक्ष की नवमी को अदूख नवमी (अविघ्न नवमी) के रूप में भी मनाया जाता है। रविवार का दिन होने से भगवान सूर्यनारायण की उपासना का विशेष फल प्राप्त होता है। आरोग्य, तेजस्विता और सामाजिक प्रतिष्ठा की प्राप्ति के लिए आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना श्रेयस्कर रहेगा।
पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का प्रभाव
पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र पूरे दिन-रात रहेगा, जिसके स्वामी शुक्राचार्य और अधिपति देव वरुण (जल के देवता) हैं। यह नक्षत्र आत्मविश्वास, ऊर्जा, विजय और कलात्मक अभिरुचि में वृद्धि करता है। इस नक्षत्र में किए गए प्रयास दीर्घकालिक सफलता प्रदान करते हैं।
विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण
आज चन्द्रमा धनु राशि में गोचर करेंगे और दोपहर 03:22 तक सौभाग्य योग का प्रभाव रहेगा। यह ग्रह गोचर विद्या, बौद्धिक कार्यों और पारिवारिक उत्सवों के लिए उत्तम वातावरण तैयार करेगा। नवमी तिथि सायं 05:53 तक रहने के कारण देवी पूजन व धार्मिक अनुष्ठान फलदायी सिद्ध होंगे।

आज का राशिफल – 20 सितंबर 2026 रविवार
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
नवम भाव में चन्द्रमा भाग्य की वृद्धि करेंगे। सोचे हुए कार्य समय पर संपन्न होंगे और परिवार के साथ किसी धार्मिक या मनोरंजक यात्रा पर जाने का योग बनेगा।
उपाय – प्रातः काल सूर्यदेव को तांबे के लोटे से अर्घ्य दें।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
अष्टम भाव में चन्द्रमा के प्रभाव से सेहत में उतार-चढ़ाव रह सकता है। खानपान में संयम बरतें और अनचाहे विवादों से दूरी बनाए रखें।
उपाय – भगवान शिव को बेलपत्र और जल अर्पित करें।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
दाम्पत्य जीवन सुखद रहेगा और जीवनसाथी का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा। साझेदारियों में नया विचार या योजना गति पकड़ सकती है।
उपाय – गाय को रोटी पर गुड़ रखकर खिलाएं।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
षष्ठ भाव में गोचर शत्रुओं और विरोधियों पर आपकी विजय सुनिश्चित करेगा। नौकरीपेशा जातकों के लिए दिन संतोषजनक रहेगा। स्वास्थ्य में सुधार होगा।
उपाय – शिवलिंग पर कच्चा दूध चढ़ाएं।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
पंचम भाव में चन्द्रमा संतान पक्ष से सुखद समाचार दिलाएगा। कला, साहित्य और रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोगों को मान-सम्मान की प्राप्ति होगी।
उपाय – गायत्री मंत्र का 108 बार जप करें।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
पारिवारिक सुख-सुविधाओं पर ध्यान केंद्रित रहेगा। घर के वरिष्ठ सदस्यों का आशीर्वाद मिलेगा। वाहन या संपत्ति से संबंधित चर्चाएं सकारात्मक रहेंगी।
उपाय – भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करें।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
पराक्रम और साहस में वृद्धि होगी। मित्रों और बंधु-बांधवों के साथ संबंध प्रगाढ़ होंगे। छोटी और लाभकारी यात्राओं के संयोग बन सकते हैं।
उपाय – जरूरतमंदों को फल या अन्न का दान करें।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
धन भाव में चन्द्रमा आर्थिक स्थिति को मजबूती प्रदान करेगा। परिवार में मांगलिक वातावरण रहेगा। अपनी वाणी की सौम्यता से सबका दिल जीतेंगे।
उपाय – ॐ सूर्याय नमः मंत्र का जप करें।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
चन्द्रमा आपकी ही राशि में संचार कर रहे हैं, जिससे मानसिक स्पष्टता और आत्मविश्वास बना रहेगा। सामाजिक दायरा बढ़ेगा और नए संपर्क लाभकारी होंगे।
उपाय – मस्तक पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
द्वादश भाव में चन्द्रमा के कारण अनावश्यक भागदौड़ या खर्च की स्थिति बन सकती है। विदेश से जुड़े कार्यों अथवा दूरस्थ संपर्कों से लाभ संभव है।
उपाय – पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
एकादश भाव में चन्द्रमा आय के नवीन अवसर प्रदान करेगा। पुराने निवेश से धन लाभ हो सकता है। मित्रों का सहयोग मनोबल को ऊंचा रखेगा।
उपाय – भगवान सूर्य को प्रणाम कर लाल पुष्प अर्पित करें।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
दशम भाव में चन्द्रमा कार्यक्षेत्र में सफलता और पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि कराएगा। वरिष्ठों के साथ तालमेल बेहतर होगा और पिता से सहयोग मिलेगा।
उपाय – भगवान विष्णु को पीले पुष्प अर्पित करें।
॥ शुभम भवतु ॥

