शाहाबाद में सनसनी: शराब की दुकान पर सेल्समैन की सतर्कता से पकड़े गए जाली नोट, तीसरे मास्टरमाइंड की तलाश में पुलिस

संवाद 24 हरदोई। शाहाबाद कस्बे के मौलागंज बस स्टैंड स्थित अंग्रेजी शराब की दुकान पर जाली नोट चलाने का मामला सामने आया है। शनिवार को दो युवक शराब खरीदने पहुंचे और भुगतान के लिए दो 200 रुपये तथा एक 100 रुपये का नोट दिया। नोटों की बनावट और एक ही सीरीज होने पर सेल्समैन को शक हुआ। जांच करने पर नोट जाली पाए जाने का दावा किया गया।सेल्समैन ने दोनों युवकों को मौके पर ही रोक लिया और पुलिस को सूचना दी। घटना शुक्रवार रात करीब आठ बजे की बताई जा रही है। पुलिस ने दोनों युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

एक ही सीरीज के नोट देखकर हुआ शक

पुलिस के अनुसार, शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के खेड़ा गंजहा निवासी आमिर और महुआ टोला निवासी सुमित शराब खरीदने दुकान पर पहुंचे थे। उन्होंने भुगतान के लिए 200 रुपये के दो और 100 रुपये का एक नोट दिया। सेल्समैन के मुताबिक, इलाके में जाली नोटों के चलन की जानकारी के कारण वह पहले से सतर्क था। तीनों नोटों को ध्यान से देखने पर उन्हें संदेह हुआ। तीनों नोट एक ही सीरीज के बताए जा रहे हैं। संदेह होने पर सेल्समैन ने दोनों युवकों को रोक लिया। इसके बाद उसने शाहाबाद कोतवाली पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों युवकों को हिरासत में लेकर थाने ले गई।

पूछताछ में तीसरे व्यक्ति का नाम सामने आया

पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में दोनों युवकों ने कथित तौर पर बताया कि उन्हें ये नोट मोहल्ला दिलेरगंज निवासी एक युवक ने दिए थे। पुलिस अब उस व्यक्ति की तलाश कर रही है। जांच में यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि जाली नोट आरोपियों तक कैसे पहुंचे और क्या इन्हें इससे पहले भी कहीं चलाया गया था। पुलिस बरामद नोटों के स्रोत और उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।

नकली नोटों के नेटवर्क की जांच

मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों के बीच जाली नोटों को लेकर चर्चा शुरू हो गई। पुलिस फिलहाल दोनों युवकों से पूछताछ कर रही है और तीसरे बताए गए व्यक्ति की तलाश में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बरामद नोटों की जांच भी कराई जा रही है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि वे वास्तव में जाली हैं और उनका स्रोत क्या है। सेल्समैन की सतर्कता के कारण भुगतान के दौरान ही संदिग्ध नोटों की पहचान हो गई। इससे पहले कि नोट आगे बाजार में चलाए जाते, मामला पुलिस तक पहुंच गया।

Samvad 24 Office
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