
संवाद 24 शाहजहांपुर। खुटार थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात उस समय ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई, जब हंसपुर गांव के खेतों में करीब आधा दर्जन हाथियों का झुंड पहुंच गया। हाथियों ने खेतों में खड़ी गन्ना और धान की फसल को नुकसान पहुंचाया। खेतों की रखवाली कर रहे किसानों ने हाथियों को देखा तो गांव में सूचना दी, जिसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण लाठी-डंडे और टॉर्च लेकर खेतों की ओर पहुंच गए। ग्रामीणों द्वारा हाथियों को भगाने की कोशिश का वीडियो बुधवार सुबह सामने आया। इसमें कुछ किसान टॉर्च की रोशनी में हाथियों के पीछे जाते और उन्हें खेतों से बाहर की ओर खदेड़ने का प्रयास करते दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों ने कई किसानों की कई एकड़ फसल को नुकसान पहुंचाया है।
पीलीभीत सीमा के पास बसा है गांव
हंसपुर गांव शाहजहांपुर और पीलीभीत जिले की सीमा के नजदीक स्थित है। ग्रामीणों के मुताबिक, गांव पीलीभीत के किशनपुर सेंचुरी टाइगर रिजर्व से करीब सौ मीटर की दूरी पर है। जंगल से सटे होने के कारण क्षेत्र में जंगली जानवरों की आवाजाही बनी रहती है। मंगलवार रात करीब 12 बजे खेतों में मौजूद किसानों ने हाथियों के झुंड को देखा। हाथी धीरे-धीरे खेतों में घुस गए और गन्ने तथा धान की फसल को रौंदना शुरू कर दिया। किसानों ने इसकी जानकारी आसपास के ग्रामीणों को दी।
टॉर्च और शोर से हाथियों को भगाने का प्रयास
सूचना मिलते ही ग्रामीण टॉर्च और लाठी-डंडे लेकर खेतों की ओर पहुंच गए। अंधेरा होने के कारण हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ग्रामीण टॉर्च की रोशनी का सहारा ले रहे थे। ग्रामीणों ने शोर मचाकर हाथियों को खेतों से बाहर निकालने का प्रयास किया। शोर बढ़ने पर हाथियों का झुंड दूसरे खेतों की ओर बढ़ गया। इस दौरान कई खेतों में खड़ी फसल प्रभावित हुई।
ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों के अचानक गांव के आसपास पहुंचने से लोग काफी डर गए थे। इसके बावजूद कुछ किसान फसल और आबादी की सुरक्षा को लेकर खेतों की ओर पहुंच गए।
वन विभाग को दी गई सूचना
ग्रामीणों ने घटना की जानकारी तत्काल वन विभाग को भी दी। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथियों को क्षेत्र से दूर भगाने की कार्रवाई की। डीएफओ के अनुसार, ग्रामीणों की ओर से रात में हाथियों के गांव में आने की सूचना मिली थी। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथियों को वहां से खदेड़ा गया।
फसल नुकसान के मुआवजे के लिए होगा आवेदन
हाथियों से फसल को हुए नुकसान को लेकर ग्रामीणों ने खुटार रेंजर को जानकारी दी है। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, किसानों की ओर से फसल नुकसान की लिखित सूचना मिलने के बाद नियमानुसार मुआवजे के लिए आवेदन कराया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के झुंड के आने से खेतों में खड़ी गन्ना और धान की फसल को काफी नुकसान हुआ है। किसानों ने वन विभाग से नुकसान का आकलन कर नियमानुसार सहायता दिलाने की मांग की है।
ग्रामीणों से अकेले खेतों में न जाने की अपील
हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है। डीएफओ ने अपील की है कि ग्रामीण रात के समय अकेले खेतों की ओर न जाएं और हाथियों को खुद भगाने का प्रयास न करें। जंगल से सटे गांवों में जंगली हाथियों की आवाजाही को देखते हुए वन विभाग की टीम स्थिति पर नजर रख रही है। अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण किसी भी वन्यजीव की गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना दें, ताकि बिना जोखिम उठाए आवश्यक कार्रवाई की जा सके।






