
संवाद 24 आगरा। आगरा के खंदौली थाना क्षेत्र के उस्मानपुर गांव में शराब के ठेकों को हटाने की मांग को लेकर महिलाओं का विरोध प्रदर्शन लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। शनिवार सुबह बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे गांव में संचालित अंग्रेजी और देसी शराब के ठेकों के बाहर एकत्र हुए। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने ठेकों के बाहर जमकर नारेबाजी की, विरोध दर्ज कराया और वहां लगे साइन बोर्ड एवं होर्डिंग्स को नुकसान पहुंचाया। बाद में प्रदर्शनकारी आगरा–जलेसर मार्ग पर पहुंच गए, जहां सड़क पर बैठकर और कुछ महिलाओं ने रास्ते पर लेटकर विरोध जताया। इसके चलते मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और काफी देर तक यातायात बाधित रहा।
‘शराब से बिगड़ रहा गांव का माहौल’, महिलाओं ने लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना है कि गांव में शराब की आसान उपलब्धता के कारण सामाजिक वातावरण लगातार प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप है कि शराब के सेवन से घरेलू विवाद बढ़ रहे हैं, परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं और युवाओं में भी नशे की प्रवृत्ति बढ़ रही है। महिलाओं का कहना है कि वे लंबे समय से प्रशासन से गांव से शराब के ठेके हटाने की मांग कर रही हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया।
सड़क जाम से राहगीरों को हुई परेशानी
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने आगरा–जलेसर मार्ग पर बैठकर यातायात रोक दिया। कुछ महिलाएं सड़क पर लेट गईं, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई यात्रियों और वाहन चालकों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने यातायात सामान्य कराने का प्रयास किया और प्रदर्शनकारियों से वार्ता शुरू की।
घटना की जानकारी मिलते ही आबकारी निरीक्षक सुमन सिसोदिया तथा खंदौली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने और सड़क खाली कराने का प्रयास किया, लेकिन महिलाएं शराब के ठेके हटाने की मांग पर अड़ी रहीं। बाद में अधिकारियों ने वार्ता कर स्थिति को शांत कराया और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया।
एसीपी बोले, स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में
एसीपी एत्मादपुर देवेश कुमार सिंह ने बताया कि महिलाओं ने शराब के ठेकों को बंद कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया है। मामले से आबकारी विभाग को अवगत करा दिया गया है और विभाग के अधिकारी प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है तथा गांव में पुलिस बल तैनात कर लगातार निगरानी की जा रही है।
प्रदेश में शराब के ठेकों को लेकर बढ़ रहा स्थानीय विरोध
उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में पिछले कुछ महीनों के दौरान रिहायशी क्षेत्रों में संचालित शराब के ठेकों के खिलाफ स्थानीय लोगों, विशेषकर महिलाओं के विरोध प्रदर्शन लगातार सामने आए हैं। आगरा के प्रतापनगर, चंदन नगर और अन्य क्षेत्रों के अलावा फिरोजाबाद तथा आसपास के जिलों में भी महिलाओं ने सामाजिक माहौल, सुरक्षा और घरेलू हिंसा जैसे मुद्दों को उठाते हुए शराब के ठेकों को हटाने की मांग की है। कई मामलों में प्रशासन को वार्ता करनी पड़ी, जबकि कुछ स्थानों पर विरोध प्रदर्शन उग्र भी हुआ।
प्रशासन के सामने समाधान की चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि शराब के ठेकों को लेकर होने वाले विवाद केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं हैं, बल्कि इनमें सामाजिक, स्वास्थ्य और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े पहलू भी शामिल हैं। ऐसे मामलों में प्रशासन को आबकारी नियमों के पालन, स्थानीय नागरिकों की आपत्तियों और सार्वजनिक व्यवस्था—तीनों के बीच संतुलन बनाते हुए निर्णय लेना होता है। फिलहाल उस्मानपुर गांव में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन प्रदर्शनकारी महिलाओं ने संकेत दिया है कि मांग पूरी नहीं होने पर उनका आंदोलन आगे भी जारी रह सकता है।






