46 साल पुराने हत्याकांड से लेकर 1500 करोड़ की धोखाधड़ी तक: पूर्व बाहुबली विधायक विजय मिश्रा परिवार समेत सलाखों के पीछे
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उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय तक प्रभाव रखने वाले ज्ञानपुर के पूर्व विधायक विजय मिश्रा की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। भदोही की MP-MLA कोर्ट ने रिश्तेदार की संपत्ति हड़पने और धोखाधड़ी के मामले में विजय मिश्रा, उनकी पत्नी एवं पूर्व MLC रामलली मिश्रा, बेटे विष्णु मिश्रा और बहू रूपा मिश्रा को दोषी ठहराते हुए जेल की सजा सुनाई है। कोर्ट के फैसले के बाद अब पूरा परिवार कानूनी शिकंजे में आ गया है।
संपत्ति कब्जाने के मामले में सुनाई गई सजा
कोर्ट ने छह वर्ष पुराने धोखाधड़ी प्रकरण में विजय मिश्रा, उनकी पत्नी और बेटे को 10-10 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई है, जबकि बहू रूपा मिश्रा को 4 वर्ष की सजा दी गई है। इसके साथ ही अदालत ने जुर्माना भी लगाया है। यह मामला विजय मिश्रा के रिश्तेदार कृष्ण मोहन तिवारी उर्फ मुन्ना द्वारा दर्ज कराया गया था, जिसमें परिवार पर लगभग 1500 करोड़ रुपये की संपत्ति हड़पने का आरोप लगाया गया था।शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने करीब 50 बीघा जमीन, 6000 वर्गफुट का मकान तथा एक बड़े हॉल पर अवैध कब्जा करने का प्रयास किया था। गुरुवार को अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी करार दिया था और शुक्रवार को सजा का ऐलान किया गया।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई पेशी, सास-बहू कोर्ट में रहीं मौजूद
सुनवाई के दौरान विजय मिश्रा और उनके बेटे विष्णु मिश्रा जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत से जुड़े, जबकि रामलली मिश्रा और रूपा मिश्रा अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुईं। फैसले के बाद दोनों महिलाओं को भी न्यायिक प्रक्रिया के तहत हिरासत में ले लिया गया।
46 साल पुराने हत्या मामले में पहले ही मिल चुकी है उम्रकैद
इस फैसले से कुछ दिन पहले ही प्रयागराज की MP-MLA कोर्ट ने विजय मिश्रा समेत चार आरोपियों को 46 वर्ष पुराने बहुचर्चित हत्या मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई थी। यह मामला वर्ष 1980 का है, जब इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र प्रकाश नारायण पांडेय की जिला अदालत परिसर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।न्यायालय ने विजय मिश्रा, जीत नारायण, संतराम मिश्रा और बलराम मिश्रा को दोषी मानते हुए प्रत्येक पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था। लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद आए इस फैसले को प्रदेश की राजनीति और अपराध जगत से जुड़े मामलों में बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है।
विजय मिश्रा पर 70 से अधिक मुकदमे दर्ज
पूर्व विधायक विजय मिश्रा का नाम लंबे समय से उत्तर प्रदेश के चर्चित बाहुबली नेताओं में लिया जाता रहा है। उन पर हत्या, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, शस्त्र अधिनियम, अपहरण, गुंडा एक्ट और खनन से जुड़े कई गंभीर मामले दर्ज रहे हैं। विभिन्न जिलों में उनके खिलाफ 70 से अधिक मुकदमों का रिकॉर्ड सामने आ चुका है, हालांकि कुछ मामलों में उन्हें राहत भी मिली है और कई मामले अभी विचाराधीन हैं।
राजनीतिक गलियारों में तेज हुई चर्चाएं
लगातार दो बड़े मामलों में सजा मिलने के बाद प्रदेश की राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। कानून व्यवस्था और बाहुबली राजनीति पर चल रही बहस के बीच इस फैसले को न्यायिक सख्ती के उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले समय में पूर्वांचल की राजनीति पर भी असर डाल सकता है।






