बिटिया की शादी, गैस सिलेंडर और ‘सिस्टम’ का गुस्सा: बाराबंकी में फरियादी को थाने तक पहुंचाने वाला मामला बना चर्चा का विषय
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उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले की रामनगर तहसील में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक संवेदनशीलता और आम नागरिकों की समस्याओं को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शादी वाले घर में गैस सिलेंडर की व्यवस्था न होने से परेशान एक युवक जब अपनी शिकायत लेकर एसडीएम कार्यालय पहुंचा, तो उसे राहत मिलने के बजाय कथित तौर पर पुलिस थाने तक पहुंचा दिया गया। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
शादी से पहले गैस सिलेंडर के लिए भटकता रहा परिवार
रामनगर क्षेत्र के बढ़नपुरवा गांव निवासी शिवमोहन अपनी भतीजी अनीता की शादी की तैयारियों में जुटे थे। परिवार के अनुसार, विवाह कार्यक्रम के लिए घरेलू गैस सिलेंडर की अत्यंत आवश्यकता थी। बताया गया कि उन्होंने केसरीपुर स्थित श्री लोधेश्वर इंडियन गैस एजेंसी में सिलेंडर की बुकिंग भी करा रखी थी और उन्हें DAC नंबर भी जारी हो चुका था। इसके बावजूद कई दिनों तक सिलेंडर की डिलीवरी नहीं हो सकी।परिजनों का आरोप है कि शिवमोहन लगातार एजेंसी के चक्कर काटते रहे, लेकिन हर बार उन्हें किसी न किसी बहाने से टाल दिया गया। बुधवार को बारात आने की तैयारी थी, ऐसे में परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही थी।
फरियाद लेकर तहसील पहुंचे, लेकिन बढ़ गया मामला
मंगलवार सुबह जब एजेंसी से फिर सिलेंडर नहीं मिला तो शिवमोहन अपनी शिकायत लेकर रामनगर तहसील पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जैसे ही एसडीएम आनंद तिवारी तहसील परिसर पहुंचे, शिवमोहन ने अपनी समस्या बताने की कोशिश की। आरोप है कि इसी दौरान एसडीएम नाराज हो गए और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को युवक को हटाने तथा थाने ले जाने के निर्देश दे दिए।घटना के बाद पुलिस शिवमोहन को थाने ले गई। हालांकि करीब एक घंटे बाद उन्हें छोड़ दिया गया, लेकिन परिवार को सिलेंडर नहीं मिल सका। इस पूरे घटनाक्रम ने स्थानीय लोगों के बीच प्रशासन की संवेदनशीलता को लेकर बहस छेड़ दी है।
प्रशासनिक रवैये पर उठे सवाल
इस मामले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया और स्थानीय जनमानस में कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। लोगों का कहना है कि यदि कोई नागरिक अपनी समस्या लेकर प्रशासन के पास पहुंचता है, तो उससे सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार किया जाना चाहिए, विशेषकर तब जब मामला बेटी की शादी जैसे पारिवारिक आयोजन से जुड़ा हो।हालांकि पुलिस की ओर से आधिकारिक स्तर पर गिरफ्तारी जैसी किसी सख्त कार्रवाई से इनकार किया गया है। वहीं एसडीएम आनंद तिवारी से मीडिया द्वारा संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका पक्ष सामने नहीं आ सका।
गैस एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी उठे प्रश्न
घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में LPG वितरण व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि कई बार बुकिंग और DAC नंबर जारी होने के बावजूद समय पर सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पाता, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि शादी-विवाह जैसे अवसरों पर गैस आपूर्ति में प्राथमिकता और निगरानी की स्पष्ट व्यवस्था होनी चाहिए।
स्थानीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बना मामला
रामनगर तहसील की यह घटना अब जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। एक ओर जहां प्रशासनिक व्यवहार पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर लोग यह भी पूछ रहे हैं कि आखिर एक आम नागरिक अपनी समस्या लेकर जाए तो किसके पास जाए। आने वाले दिनों में इस मामले पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण आता है या नहीं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।






