
संवाद 24 प्रयागराज। 18 जनवरी 2026: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने आज माघ मेला में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के कथित अपमान को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला और सरकार से आनंद और सनातन धर्म का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की भी मांग की है, ताकि जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई हो सके।
राय ने कहा कि माघ मेला जैसे पावन एवम धार्मिक आयोजन में संत के काफिले को रोकना और उसके साथ हुई किसी भी अनुचित कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने इसे धर्म और अध्यात्म की नगरी में अधिकारियों की अनुभवहीनता का परिणाम बताया और इसे देश की सनातन संस्कृति का अपमान करार दिया।
घटना के बाद, जब शंकराचार्य धरने पर बैठे तो प्रदेश कांग्रेस के महासचिव मुकुंद तिवारी और विवेकानंद पाठक समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और संत की रक्षा में खड़े हुए। कांग्रेस सांसद उज्जवल रमण सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस ने संतों और उनके सहयोगियों के साथ कठोर व्यवहार किया, जिसमें कान पकड़कर घसीटने जैसे आरोप शामिल हैं। उन्होंने केंद्र से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की।
प्रदीप मिश्र अंशुमन, महानगर कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष, ने कहा कि संत समाज के साथ इस तरह के “अशोभनीय कृत्य” को स्वीकार नहीं किया जा सकता और सरकार को संतों के प्रति हुए व्यवहार के लिए माफी मांगनी चाहिए और दोषी अधिकारियों को दंडित करना चाहिए।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब प्रयागराज माघ मेला के दौरान प्रशासन और संतों के बीच वादी-विवाद उभर कर सामने आया है, जिससे धार्मिक समुदाय में नाराज़गी फैल चुकी है। इस मुद्दे ने प्रदेश सरकार की संवेदनशीलता और प्रशासनिक कार्रवाई की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।






