
संवाद 24 गोंडा। उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक की गोंडा शाखा में करोड़ों रुपये के वित्तीय अनियमितताओं का बड़ा मामला सामने आया है। स्पेशल ऑडिट और आंतरिक जांच की अंतिम रिपोर्ट के आधार पर 21 करोड़ 47 लाख 78 हजार रुपये के कथित घोटाले में 16 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि ऋण वितरण की प्रक्रिया में गंभीर नियम उल्लंघन करते हुए धनराशि को शाखा प्रबंधकों और उनके परिजनों के खातों में स्थानांतरित किया गया।
यह मामला उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक की गोंडा शाखा से जुड़ा है। एफआईआर में तीन तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन पाल, अजय कुमार और सुशील कुमार के साथ कैशियर पवन कुमार तथा अन्य खाताधारकों को नामजद किया गया है।
जांच रिपोर्ट के मुताबिक, ऋण स्वीकृति से पहले न तो आवेदकों की पात्रता की जांच की गई और न ही आय प्रमाणपत्र, जमानत मूल्यांकन रिपोर्ट और अन्य अनिवार्य दस्तावेजों का सत्यापन हुआ। कई मामलों में फर्जी और कूटरचित अभिलेखों के आधार पर ऋण स्वीकृत किए गए। शाखा स्तर पर बैंक की आंतरिक नीति और भारतीय रिज़र्व बैंक के दिशा-निर्देशों की अनदेखी पाई गई।
स्पेशल ऑडिट में यह भी सामने आया कि दिसंबर 2021 से जून 2025 के बीच अलग-अलग चरणों में निकाली गई धनराशि को तत्कालीन शाखा प्रबंधकों ने अपने साथ-साथ माता, पत्नी और पुत्र के खातों में ट्रांसफर किया। इस अवधि में अलग-अलग समय पर तैनात रहे अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है।
पुलिस का कहना है कि एफआईआर दर्ज कर साक्ष्य संकलन शुरू कर दिया गया है और बैंक रिकॉर्ड, खातों तथा लेन-देन की विस्तृत फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






