रातभर हाईवे पर डटे बेनीवाल, भोर में बनी सहमति: किसानों की 15 सूत्री मांगें मानी, आंदोलन स्थगित

संवाद 24 जयपुर। नागौर से जयपुर कूच के आह्वान के साथ शुरू हुआ किसान आंदोलन मंगलवार रात निर्णायक मोड़ पर पहुंचा। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सांसद हनुमान बेनीवाल के नेतृत्व में किसानों का काफिला नागौर जिले की सीमा पर बड़ी घाटी टोल तक पहुंचा, जहां प्रशासन से देर रात चली बातचीत के बाद बुधवार सुबह करीब पांच बजे सरकार ने सभी मांगें स्वीकार कर लीं। इसके बाद आंदोलन स्थगित कर दिया गया।

बजरी माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई और किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर रियांबड़ी से निकला काफिला देर रात तक हाईवे पर डटा रहा। प्रशासन के आग्रह पर टोल पर रोके गए काफिले के बीच आधी रात के बाद कलेक्टर और पुलिस अधिकारियों के साथ दो से तीन दौर की वार्ता हुई। भोर होते-होते सहमति बनी और लिखित समझौता किया गया।

सुबह छह बजे अपने संबोधन में बेनीवाल ने कहा कि सरकार ने किसानों की सभी 15 सूत्री मांगें मान ली हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सहमति नहीं बनती तो जयपुर में महापड़ाव तय था, लेकिन रातभर चली बातचीत के बाद समाधान निकल आया। बेनीवाल के मुताबिक, समझौते के तहत रियांबड़ी क्षेत्र में बजरी माफियाओं के खिलाफ तत्काल कार्रवाई शुरू होगी। खनन विभाग की सर्वे टीमें मौके पर पहुंचेंगी, चौकियां स्थापित होंगी और निगरानी के लिए कैमरे लगाए जाएंगे।

समझौते में यह भी तय हुआ कि गोचर भूमि के भू-उपयोग में अनियमितता के मामलों की जांच होगी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मेड़ता–पुष्कर–रास रेलवे लाइन परियोजना से प्रभावित किसानों को विशेष पैकेज के साथ मुआवजा देने तथा अतिवृष्टि से फसल नुकसान पर उचित राहत देने पर भी सहमति बनी है।

आंदोलन की व्यापकता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि रियांबड़ी से जयपुर की ओर बढ़ते काफिले में दो हजार से अधिक वाहन शामिल थे और कई किलोमीटर तक सिर्फ किसानों की गाड़ियां नजर आईं। बड़ी घाटी टोल पर वार्ता सफल होने के बाद बेनीवाल ने समर्थकों से शांतिपूर्वक घर लौटने की अपील की और आंदोलन में साथ देने वाले किसानों व कार्यकर्ताओं का आभार जताया।

गौरतलब है कि बीते 36 घंटों में रियांबड़ी में दो बड़ी किसान रैलियां हुईं। रविवार को बेनीवाल ने रातभर धरना दिया था और प्रशासन को अल्टीमेटम दिया गया था। मंगलवार को समय सीमा पूरी होने पर जयपुर कूच का ऐलान किया गया, जिसने सरकार पर दबाव बढ़ाया। अंततः भोर में बनी सहमति के साथ आंदोलन का समापन हुआ।

Samvad 24 Office
Samvad 24 Office

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *