उत्तराखंड में आध्यात्मिक राजधानी बनने का सामर्थ्य: प्रधानमंत्री मोदी
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देहरादून। संवाद 24 ब्यूरो।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में भारत की आध्यात्मिक राजधानी बनने की अपार क्षमता है। राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर आयोजित राज्य स्थापना दिवस (रजत जयंती समारोह) में उन्होंने उत्तराखंड के विकास का “रोडमैप 2025” प्रस्तुत किया और राज्य के सुनहरे भविष्य का दृष्टिकोण रखा।
“उत्तराखंड भारत के आध्यात्मिक जीवन की धड़कन है”
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की आध्यात्मिक शक्ति और चेतना की जड़ें उत्तराखंड की धरती में समाई हैं। उन्होंने कहा,
“गंगा, यमुना, केदारनाथ, बदरीनाथ और कैलाश जैसे अनमोल तीर्थ उत्तराखंड की आत्मा हैं। यहां की संस्कृति, अध्यात्म और प्रकृति — तीनों मिलकर भारत की पहचान बनाते हैं।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड न केवल पर्यटन और तीर्थाटन का केंद्र बनेगा, बल्कि आध्यात्मिक नवाचार और विश्व-आकर्षण का केंद्र भी होगा।
राज्य के विकास के लिए नया रोडमैप
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने 8260 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया, जिनमें सड़क, जल, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी प्रमुख योजनाएँ शामिल हैं।
“विकास के साथ-साथ हमें अपने पर्वतीय इलाकों को पर्यावरण और रोजगार के दृष्टिकोण से सशक्त बनाना होगा,”
उन्होंने कहा।
मोदी बोले “उत्तराखंड, भारत के लिए आस्था और ऊर्जा का प्रतीक”
प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड भारत की आस्था, ऊर्जा और विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज भारत जब विश्व में अपनी भूमिका को सशक्त रूप से प्रस्तुत कर रहा है, तब उत्तराखंड इस यात्रा में आध्यात्मिक नेतृत्व की भूमिका निभा सकता है।
“हमारा लक्ष्य है कि 2047 तक भारत ‘विकसित राष्ट्र’ बने, और उत्तराखंड इस दिशा में ‘आध्यात्मिक विकास मॉडल’ के रूप में पहचाना जाए,” उन्होंने कहा।
मुख्य बिंदु
- ???????? राज्य स्थापना की रजत जयंती पर पीएम मोदी ने उत्तराखंड के विकास का रोडमैप 2025 प्रस्तुत किया।
- ????️ उत्तराखंड को भारत की आध्यात्मिक राजधानी बनाने की बात कही।
- ???? 8260 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
- ???? राज्य को आस्था, ऊर्जा और विकास का संगम बताया।






