
संवाद 24 नई दिल्ली । पश्चिम एशिया के अशांत पानी में एक ऐसी खौफनाक घटना घटी है जिसने पूरी दुनिया को थर्रा दिया है। ओमान की खाड़ी में ईरान के एक विशाल मालवाहक जहाज पर एक अज्ञात पनडुब्बी ने टॉरपीडो से हमला कर उसे जलसमाधि दे दी। इस भीषण हमले में अब तक 80 से अधिक लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग अब भी लापता हैं। यह घटना महज एक हमला नहीं, बल्कि मध्य पूर्व में जारी तनाव को एक नए और आत्मघाती स्तर पर ले जाने वाली कार्रवाई मानी जा रही है।
अंधेरे में हुआ हमला, देखते ही देखते डूब गया जहाज
ईरानी नौसेना के सूत्रों के अनुसार, यह हमला तब हुआ जब जहाज रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जलडमरूमध्य के पास से गुजर रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों और बचे हुए चालक दल के सदस्यों का कहना है कि अचानक एक जोरदार धमाका हुआ और जहाज के निचले हिस्से में बड़ा छेद हो गया। पानी इतनी तेजी से अंदर भरा कि किसी को संभलने या लाइफबोट तक पहुंचने का मौका ही नहीं मिला। कुछ ही मिनटों के भीतर, विशालकाय जहाज समुद्र के सीने में दफन हो गया। राहत और बचाव कार्य जारी है, लेकिन समुद्र की लहरों और अंधेरे ने रेस्क्यू ऑपरेशन को बेहद चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
किसका है हाथ? सस्पेंस गहराया
अभी तक किसी भी देश या संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। हालांकि, ईरान ने इस “कायरतापूर्ण कृत्य” के लिए सीधे तौर पर अपने दुश्मनों की ओर इशारा किया है। तेहरान में हड़कंप मचा हुआ है और वहां की सुरक्षा परिषद ने आपातकालीन बैठक बुलाई है। सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी सटीकता से पनडुब्बी हमला करना किसी बड़े और तकनीकी रूप से सक्षम देश का ही काम हो सकता है। क्या यह इजराइल की जवाबी कार्रवाई है, या फिर अमेरिका का कोई गुप्त मिशन? यह सवाल अब अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के गलियारों में गूंज रहा है।
क्षेत्र में तनाव चरम पर, तेल की कीमतों में उछाल की आशंका
इस हमले ने न केवल सुरक्षा बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी संकट में डाल दिया है। ओमान की खाड़ी दुनिया के तेल परिवहन का सबसे महत्वपूर्ण रास्ता है। इस हमले के बाद जहाजों की सुरक्षा को लेकर डर फैल गया है। अगर ईरान ने जवाबी कार्रवाई के तौर पर इस रास्ते को बंद करने या दूसरे जहाजों को निशाना बनाने की कोशिश की, तो दुनिया भर में ईंधन की भारी किल्लत हो सकती है और महंगाई का नया तूफान आ सकता है।
क्या अब समुद्र बनेगा महायुद्ध का मैदान?
पिछले कुछ हफ्तों से ईरान और उसके विरोधियों के बीच मिसाइल और ड्रोन हमले जारी थे, लेकिन अब युद्ध समुद्र की गहराइयों में उतर चुका है। पनडुब्बी हमले का मतलब है कि अब कोई भी सुरक्षित नहीं है।






