
कन्नौज/तिर्वा। शिक्षक दिवस के अवसर पर कन्नौज के तिर्वा कोतवाली क्षेत्र के भुनियापुर गांव में बंद पड़े विद्यालय में सेवानिवृत्त शिक्षकों के सम्मान को लेकर सपा नेताओं और पुलिस के बीच नोकझोंक हो गई। सपा नेताओं का कहना है कि वे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर बंद किए गए विद्यालयों में पहुंचकर गांव के सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस मौके पर पहुंची और नेताओं से विद्यालय परिसर से बाहर जाने को कहा, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच बहस की स्थिति बन गई।
बंद स्कूलों में शिक्षक सम्मान का सपा ने बनाया था कार्यक्रम
समाजवादी पार्टी ने इस वर्ष शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रदेश में बंद और मर्ज किए गए परिषदीय विद्यालयों के आसपास शिक्षक सम्मान कार्यक्रम आयोजित करने का अभियान घोषित किया था। पार्टी की ओर से इसे बंद विद्यालयों और ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को उठाने के अवसर के रूप में पेश किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से भी कार्यकर्ताओं को बंद विद्यालयों तक पहुंचकर कार्यक्रम करने की बात कही गई थी।
तिर्वा में कुक्कू चौहान के नेतृत्व में निकली टीम
इसी अभियान के तहत तिर्वा क्षेत्र में सपा नेता कुक्कू चौहान के नेतृत्व में कार्यकर्ता विभिन्न स्थानों पर पहुंचे। सपा नेताओं के अनुसार, कई स्थानों पर सेवानिवृत्त शिक्षकों को सम्मानित किया गया। उनका कहना था कि शिक्षक समाज को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और शिक्षक दिवस पर उनका सम्मान करना कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था।
भुनियापुर पहुंचते ही पुलिस से हुआ सामना
बताया गया कि जब सपा नेता और कार्यकर्ता भुनियापुर गांव स्थित बंद विद्यालय में सेवानिवृत्त शिक्षकों के सम्मान के लिए पहुंचे, उसी दौरान पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने सपा नेताओं से विद्यालय परिसर से बाहर जाने के लिए कहा। इसको लेकर नेताओं और पुलिस के बीच नोकझोंक हुई। स्थानीय रिपोर्टों में भी भुनियापुर के बंद विद्यालय में सपा नेताओं और पुलिस के बीच विवाद तथा पुलिस द्वारा उन्हें विद्यालय से बाहर किए जाने की जानकारी सामने आई है।
सपा नेता बोले—पार्टी के निर्देश पर कर रहे थे कार्यक्रम
सपा नेता कुक्कू चौहान के मुताबिक, उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद खड़ा करना नहीं था। वे पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर बंद विद्यालय में सेवानिवृत्त शिक्षकों को सम्मानित करने पहुंचे थे। पुलिस द्वारा उन्हें बाहर जाने के लिए कहे जाने के बाद दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक हुई। सपा नेताओं ने इसे शिक्षक सम्मान कार्यक्रम को लेकर हुई कार्रवाई बताया।
बंद विद्यालयों का मुद्दा बना राजनीतिक बहस का केंद्र
शिक्षक दिवस पर बंद विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित करने का सपा का अभियान प्रदेश में सरकारी स्कूलों को लेकर चल रही राजनीतिक बहस से भी जुड़ा है। पार्टी ने दावा किया है कि प्रदेश में बंद किए गए हजारों प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों के मुद्दे को अभियान के जरिए उठाया जाएगा। विभिन्न जिलों में पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा बंद विद्यालयों के बाहर शिक्षक सम्मान कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की गई थी।कन्नौज के भुनियापुर में हुई नोकझोंक ने इसी अभियान को स्थानीय स्तर पर चर्चा में ला दिया है। फिलहाल सामने आई जानकारी में विवाद का केंद्र विद्यालय परिसर में कार्यक्रम आयोजित करने को लेकर पुलिस और सपा नेताओं के बीच बना मतभेद रहा।






