
तिर्वा। बाबा साहेब डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर राजकीय मेडिकल कॉलेज तिर्वा में इन दिनों मरीजों और उनके तीमारदारों को पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इमरजेंसी के पास मरीजों की सुविधा के लिए लगाया गया वाटर कूलर कई दिनों से खराब पड़ा है। ऐसे में इलाज के लिए आने वाले लोगों को शीतल पेयजल के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।
इमरजेंसी के पास लगा वाटर कूलर हुआ खराब
मरीजों और तीमारदारों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इमरजेंसी के पास वाटर कूलर लगाया गया था। बताया गया है कि इसे पूर्व सांसद के कोटे से कॉलेज प्रशासन की मांग पर स्थापित कराया गया था। इमरजेंसी और ओपीडी में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं, ऐसे में यह वाटर कूलर उनके लिए पेयजल का महत्वपूर्ण साधन था।
पानी की जगह निकल रही हवा, मरीजों की बढ़ी परेशानी
वाटर कूलर खराब होने के बाद अब जरूरतमंद लोगों को वहां पानी नहीं मिल पा रहा है। स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, कूलर से पानी की जगह हवा निकल रही है। एक तीमारदार ने बताया कि उनका मरीज चार दिन से अस्पताल में भर्ती है और इस दौरान उन्हें लगातार पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।मेडिकल कॉलेज में पेयजल व्यवस्था को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आती रही हैं। वर्ष 2022 में भी खराब वाटर कूलर और आरओ सिस्टम के कारण मरीजों एवं तीमारदारों को बाहर से बोतलबंद पानी खरीदने की समस्या की रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी।
सीएमएस बोले- टोटी टूटने से बंद हुई पानी की आपूर्ति
मामले को लेकर मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. दिलीप सिंह ने बताया कि किसी व्यक्ति द्वारा वाटर कूलर की टोटी तोड़ दी गई है, जिसके कारण पानी नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा कि वाटर कूलर को जल्द ठीक कराया जाएगा, ताकि मरीजों और तीमारदारों को शीतल पेयजल उपलब्ध हो सके।
मरीजों की सुविधाओं पर पहले भी उठते रहे हैं सवाल
तिर्वा मेडिकल कॉलेज जिले का प्रमुख चिकित्सा संस्थान है और यहां बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। हाल के महीनों में अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों के निरीक्षण भी हुए हैं। अगस्त 2026 में ऊर्जा मंत्री कैलाश सिंह राजपूत के निरीक्षण के दौरान भी मरीजों से जुड़े व्यवहार और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को सुधार के निर्देश दिए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। वहीं जून 2026 में बिजली आपूर्ति बाधित होने के दौरान मेडिकल कॉलेज में भी कई घंटे तक बिजली गुल रहने से मरीजों और तीमारदारों को परेशानी हुई थी। ऐसे में अब खराब वाटर कूलर को जल्द दुरुस्त कराकर पेयजल व्यवस्था बहाल करना मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए राहत भरा कदम होगा। कॉलेज प्रशासन के आश्वासन के बाद लोगों को उम्मीद है कि समस्या का शीघ्र समाधान किया जाएगा।






