
उमर्दा/कन्नौज। लगातार हो रही बारिश ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। उमर्दा ब्लॉक के मीरुआन मड़हा गांव में बारिश के दौरान राजकुमार पुत्र जगमोहन का कच्चा मकान और झोपड़ी ढह गई। हादसे में घर में रखा गृहस्थी का सामान मलबे में दब गया और परिवार के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया।
मकान गिरने से मलबे में दबा घरेलू सामान
बारिश के बीच मकान और झोपड़ी गिरने के बाद परिवार को अपना बचा हुआ सामान सुरक्षित रखने के लिए दूसरे घर का सहारा लेना पड़ा। अचानक आई इस मुसीबत ने परिवार की आर्थिक परेशानी और बढ़ा दी है। पीड़ित परिवार का कहना है कि मकान गिरने के बाद रोजमर्रा की जरूरतों का सामान भी प्रभावित हुआ है।
शिकायत के बाद भी राहत का इंतजार
पीड़ित परिवार के अनुसार घटना की सूचना लेखपाल और नायब तहसीलदार को दी गई थी। परिवार का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद तत्काल राहत नहीं मिल सकी और उन्हें आश्वासन पर ही निर्भर रहना पड़ा। इसके बाद मामले की शिकायत जिलाधिकारी से भी की गई। पीड़ित के मुताबिक जिलाधिकारी की ओर से तहसीलदार को सूचना देने की बात कही गई थी।
कन्नौज में बारिश से कच्चे मकानों पर बढ़ा खतरा
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब सितंबर के अंतिम सप्ताह में कन्नौज जिले में लगातार भारी बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों में कई कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार 60 घंटे की बारिश के बाद जिले में 69 कच्चे मकान ढहने की सूचना सामने आई थी।
प्रशासन से राहत और मुआवजे की मांग
राजकुमार के परिवार ने प्रशासन से बारिश से हुए नुकसान का स्थलीय निरीक्षण कराकर नियमानुसार राहत एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं, हाल में जिला प्रशासन की ओर से बारिश से प्रभावित परिवारों के मकान, गृहस्थी और अन्य नुकसान का आकलन कर राहत पहुंचाने पर जोर दिया गया है।अब मीरुआन मड़हा के पीड़ित परिवार को उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन करेंगे और शासन के नियमानुसार उन्हें राहत उपलब्ध कराई जाएगी।






