
कन्नौज। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) एवं उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) के तहत कार्यरत समूह सखियों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया। समूह सखियों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
मानदेय बढ़ाने की उठी मांग
समूह सखियों ने ज्ञापन के माध्यम से मानदेय में वृद्धि की मांग प्रमुखता से उठाई। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों से जुड़े विभिन्न कार्यों में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है और कार्य के अनुरूप मानदेय में बढ़ोतरी की आवश्यकता है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी समूह सखियां मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर अधिकारियों को ज्ञापन दे चुकी हैं।
सीधे बैंक खाते में भुगतान की मांग
ज्ञापन में समूह सखियों ने मानदेय का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किए जाने की मांग रखी। इसके साथ ही भुगतान नियमित और समय से किए जाने की अपेक्षा भी जताई गई। अन्य जिलों में भी समूह सखियों की ओर से सीधे बैंक खाते में भुगतान और नियमित भुगतान की मांग सामने आई है।
तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर
समूह सखियों ने अपने कार्य को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए आवश्यक तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी रखी। इनमें ऑनलाइन एवं डिजिटल कार्यों के लिए स्मार्टफोन अथवा अन्य जरूरी उपकरण और इंटरनेट जैसी सुविधाएं शामिल हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों में ऐसी मांगें हाल में ज्ञापनों के माध्यम से उठाई गई हैं।
पहचान पत्र और ड्रेस कोड की भी मांग
समूह सखियों ने अपनी पहचान सुनिश्चित करने के लिए पहचान पत्र उपलब्ध कराने तथा कार्य के दौरान निर्धारित ड्रेस कोड लागू किए जाने की मांग रखी। उनका कहना है कि इससे क्षेत्र में कार्य करते समय उनकी अलग पहचान स्थापित हो सकेगी और कार्य में सुविधा मिलेगी।
सेवाओं के स्थायीकरण का मुद्दा भी उठाया
ज्ञापन में समूह सखियों ने अपनी सेवाओं को स्थायी किए जाने की मांग भी शामिल की। प्रदेश के कई जिलों में समूह सखियों की ओर से मानदेय वृद्धि के साथ सेवा को स्थायी अथवा नियमित किए जाने की मांग उठाई जा रही है।
प्रशासन से सकारात्मक कार्रवाई की उम्मीद
कन्नौज में ज्ञापन सौंपने वाली समूह सखियों ने जिला प्रशासन से उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए आवश्यक कार्रवाई किए जाने की उम्मीद जताई। समूह सखियों की मांगों से जुड़े विषय प्रदेश के अन्य जिलों में भी हाल के दिनों में सामने आए हैं, जिससे यह मुद्दा व्यापक स्तर पर चर्चा में है।






