ठठिया आलू मंडी बना हरे मक्के के चारे का नया व्यापारिक केंद्र, गुजरात की कंपनी ने शुरू की बड़े पैमाने पर खरीद

संवाद 24 | ठठिया (कन्नौज)।
कन्नौज के ठठिया स्थित विशिष्ट आलू मंडी इन दिनों केवल आलू ही नहीं, बल्कि हरे मक्के के चारे के बड़े व्यापारिक केंद्र के रूप में भी उभर रही है। गुजरात के अहमदाबाद स्थित कॉरनेस्ट एग्री प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किसानों से 225 रुपये प्रति क्विंटल की दर से हरे मक्के के चारे की खरीद की जा रही है। इससे क्षेत्र के किसानों को अपनी फसल का एक नया और संगठित बाजार उपलब्ध हुआ है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार कंपनी अब तक करीब 8 हजार क्विंटल हरा चारा खरीद चुकी है।

9 जून से चल रही खरीद प्रक्रिया, पहले खेतों का निरीक्षण फिर कटाई

कंपनी ने खरीद अभियान 9 जून से शुरू किया है। खरीद से पहले कंपनी के कर्मचारी किसानों के खेतों का निरीक्षण कर मक्के की फसल की गुणवत्ता का आकलन करते हैं। गुणवत्ता के आधार पर दर तय होने के बाद अगले दिन मशीनों के माध्यम से कटाई कराई जाती है। चारे का वजन करने के बाद किसानों को भुगतान किया जाता है, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित बनी रहती है।

रोज 500 से 600 क्विंटल खरीद, पैकिंग के बाद भेजा जाएगा बाहर

कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर आकाश के अनुसार प्रतिदिन लगभग 500 से 600 क्विंटल हरे मक्के के चारे की खरीद की जा रही है। खरीदे गए चारे को मशीनों की सहायता से 50 किलोग्राम और 1 क्विंटल के पैकेटों में पैक कर सुरक्षित रखा जा रहा है। बाद में इसे अन्य राज्यों और आवश्यक स्थानों पर भेजा जाएगा। कंपनी के अनुसार इस परियोजना में स्थानीय स्तर पर भी रोजगार और कृषि गतिविधियों को गति मिल रही है।

एक बीघा से 25 से 35 क्विंटल तक उत्पादन, किसानों को मिल रहा नया विकल्प

जानकारी के अनुसार एक बीघा खेत से औसतन 25 से 35 क्विंटल तक हरा मक्का चारा प्राप्त हो रहा है। अब तक 53 किसानों से खरीद की जा चुकी है। कंपनी का यह अभियान बारिश का मौसम पूरी तरह शुरू होने तक जारी रहने की संभावना है। इससे उन किसानों को भी लाभ मिल रहा है, जो पारंपरिक फसलों के साथ पशु चारा उत्पादन को अतिरिक्त आय के स्रोत के रूप में अपना रहे हैं।

क्षेत्रीय कृषि अर्थव्यवस्था को मिल सकती है नई दिशा

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हरे चारे की संगठित खरीद इसी प्रकार जारी रहती है तो किसानों को फसल विविधीकरण का अवसर मिलेगा। साथ ही डेयरी और पशुपालन क्षेत्र की बढ़ती मांग को देखते हुए मक्का चारे की व्यावसायिक खेती आने वाले समय में किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन सकती है।

Shivpratap Singh
Shivpratap Singh

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