
कन्नौज। तिर्वा क्षेत्र के मढ़पुरा स्थित मां काली मंदिर में हरियाली तीज का पर्व श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में मनाया गया। पर्व के अवसर पर सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। बड़ी संख्या में भक्तों ने मां काली के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।धार्मिक परंपरा के अनुसार हरियाली तीज सावन शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाता है। वर्ष 2026 में यह पर्व 15 अगस्त को पड़ा। इस अवसर पर महिलाओं द्वारा व्रत, पूजा, झूला झूलने और पारंपरिक गीत गाने की परंपरा है।
मां काली के दरबार में हुई विशेष पूजा-अर्चना
हरियाली तीज के अवसर पर मढ़पुरा स्थित मां काली मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। मंदिर के पुजारी आलोक दीक्षित ने विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई। इसके बाद मां काली की महाआरती हुई।महाआरती के दौरान मंदिर परिसर भक्तों के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक मां के दर्शन किए और अपनी मनोकामनाओं के साथ माता का आशीर्वाद प्राप्त किया।
मंदिर परिसर में स्थापित किया गया नीम का पेड़
पर्व के दौरान मंदिर परिसर में नीम के एक नए पेड़ की स्थापना भी की गई। श्रद्धालुओं ने इस पहल को धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया।हरियाली तीज का पर्व स्वयं प्रकृति, हरियाली और सावन की सुंदरता से जुड़ा माना जाता है। ऐसे में मंदिर परिसर में पौधारोपण का आयोजन पर्व के पर्यावरणीय संदेश को भी मजबूत करता नजर आया।
माता काली को झूले में झुलाया, गूंजे तीज के गीत
आयोजन के दौरान माता काली को विधि-विधान से झूले में झुलाया गया। इस धार्मिक आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में मौजूद रहे।महिलाओं ने पारंपरिक तीज गीत गाकर पर्व की खुशियां मनाईं। हरियाली तीज पर झूला झूलने और लोकगीत गाने की परंपरा उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही है।
प्रसाद के लिए लगी लंबी कतारें
पूजा और महाआरती के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। प्रसाद प्राप्त करने के लिए मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें दिखाई दीं। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और भक्ति का माहौल बना रहा।मंदिर समिति से जुड़े सदस्यों ने आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग किया। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के बावजूद धार्मिक आयोजन को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने का प्रयास किया गया।
आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश
मढ़पुरा के मां काली मंदिर में आयोजित हरियाली तीज कार्यक्रम ने धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। एक ओर श्रद्धालुओं ने मां काली की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया, वहीं दूसरी ओर नीम का पौधा स्थापित कर हरियाली और प्रकृति संरक्षण की दिशा में पहल की गई।






