कुबेरपुर घाट में बालू से निकला नर कंकाल, 7 माह पुराने लापता चौकीदार से जुड़ रही कड़ी
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गंगा किनारे मछुआरों की नजर पड़ी, गांव में मचा हड़कंप
फर्रुखाबाद के मऊदरवाजा क्षेत्र स्थित कुबेरपुर घाट पर बुधवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब गंगा किनारे बालू में दबा एक नर कंकाल मिला। बताया गया है कि कुछ मछुआरे नदी किनारे मछली पकड़ रहे थे, तभी उनकी नजर बालू में आधे दबे कंकाल पर पड़ी। यह दृश्य देखते ही इलाके में हड़कंप मच गया और ग्रामीणों ने तत्काल चौकीदार के माध्यम से पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम
घटना की जानकारी मिलते ही थाना मऊदरवाजा प्रभारी निरीक्षक अजब सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में कंकाल का कुछ हिस्सा मिट्टी और बालू में दबा मिला, जिसे सावधानीपूर्वक बाहर निकाला गया। इसके बाद फॉरेंसिक टीम को बुलाकर मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस ने कंकाल को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
सात माह पहले बाढ़ के दौरान लापता हुआ था चौकीदार
ग्रामीणों के अनुसार, करीब सात माह पहले इसी क्षेत्र से लगभग एक किलोमीटर दूर एक चौकीदार बाढ़ के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। उस समय पुलिस ने उसकी तलाश के लिए अभियान भी चलाया था, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली थी। मामले में गुमशुदगी दर्ज होने के साथ दो लोगों के खिलाफ मुकदमा भी कायम किया गया था। अब नर कंकाल मिलने के बाद गांव में चर्चाएं तेज हो गई हैं कि यह उसी लापता चौकीदार का हो सकता है।
परिजन पहुंचे मौके पर, पहचान को लेकर बढ़ी बेचैनी
कंकाल मिलने की सूचना के बाद मृतक के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। ग्रामीणों और परिवार के लोगों के बीच यह चर्चा रही कि यदि कंकाल चौकीदार का निकला, तो मामले में नया मोड़ आ सकता है। पुलिस फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है और वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
डीएनए जांच से खुलेगा राज
प्रभारी निरीक्षक अजब सिंह ने बताया कि कंकाल की पहचान सुनिश्चित करने के लिए डीएनए परीक्षण कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद कंकाल किसका है और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है। फर्रुखाबाद और आसपास के जिलों में पहले भी कई पुराने लापता मामलों में महीनों बाद कंकाल मिलने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे इस मामले को भी गंभीरता से देखा जा रहा है।






