‘मेरे लिए मां और बड़ी बहन जैसी थीं’ : डॉ. रजनी सरीन को श्रद्धांजलि देने फर्रुखाबाद पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना

वरिष्ठ चिकित्सक और भाजपा नेत्री के निधन से जनपद ही नहीं, पूरे संगठन में शोक की लहर

फर्रुखाबाद की प्रख्यात चिकित्सक, समाजसेवी और भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता डॉ. रजनी सरीन के निधन पर बुधवार को आयोजित शांति पाठ एवं श्रद्धांजलि सभा भावुक माहौल में संपन्न हुई। उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना स्वयं उनके आवास पहुंचे और दिवंगत आत्मा को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। डॉ. सरीन का निधन 7 जून को हुआ था, जबकि 8 जून को पांचाल घाट गंगा तट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया था।

“पूरी भाजपा ने एक समर्पित कार्यकर्ता को खो दिया”

श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि डॉ. रजनी सरीन का निधन केवल फर्रुखाबाद की क्षति नहीं है, बल्कि पूरे भारतीय जनता पार्टी परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने भावुक होकर कहा, “मेरे लिए वह बड़ी बहन और मां के समान थीं। उनका स्नेह, ममता और मार्गदर्शन मुझे हमेशा मिलता रहा।”

महाना ने कहा कि डॉ. सरीन ने जीवनभर समाज सेवा और चिकित्सा सेवा को मिशन की तरह निभाया तथा कभी भी व्यक्तिगत स्वार्थ को प्राथमिकता नहीं दी।

चिकित्सा सेवा को बनाया जीवन का उद्देश्य

विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि डॉ. रजनी सरीन की पहचान केवल एक चिकित्सक तक सीमित नहीं थी। प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ के रूप में उन्होंने हजारों महिलाओं और नवजातों के जीवन से खुद को जोड़ा। चिकित्सा जगत में उनकी सेवा भावना का विशेष सम्मान था और उन्होंने अपने पेशे को व्यवसाय नहीं बल्कि मानव सेवा का माध्यम माना।

इंटरनेट पर उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने पांच दशकों से अधिक समय तक चिकित्सा क्षेत्र में सक्रिय रहकर जनसेवा की और अंतिम दिनों तक जरूरतमंदों का उपचार करती रहीं।

राजनीति में सक्रिय रहीं, लेकिन पद की नहीं की अपेक्षा

सतीश महाना ने कहा कि डॉ. सरीन भाजपा की समर्पित कार्यकर्ता थीं। उन्होंने कभी संगठन से किसी पद या लाभ की अपेक्षा नहीं रखी। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक उनके व्यापक संपर्क थे, लेकिन उनकी प्राथमिकता हमेशा समाज, संगठन और प्रदेश का विकास रहा।

उन्होंने कहा कि पार्टी से जुड़े विभिन्न विषयों पर उनकी राय को गंभीरता से लिया जाता था और उनका बौद्धिक स्तर अत्यंत उच्च था। लगभग 75 वर्ष की आयु में भी वे सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय बनी हुई थीं।

35 वर्षों से अधिक पुराना था आत्मीय संबंध

एक प्रश्न के उत्तर में विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि उनका और डॉ. रजनी सरीन का संबंध करीब 35-36 वर्षों पुराना था। उन्होंने कहा, “1991 में जब मैं पहली बार विधायक बना था, तभी उनसे परिचय हुआ था। फर्रुखाबाद का हर व्यक्ति उन्हें अपने परिवार का सदस्य मानता था। उनका विशाल हृदय और मातृत्व भाव सभी के लिए समान था।”

उन्होंने कहा कि डॉ. सरीन के निधन से केवल उनका परिवार ही नहीं, बल्कि वे सभी लोग आहत हैं जो किसी न किसी रूप में उनसे जुड़े रहे।

ईश्वर से आत्मा की शांति की प्रार्थना

सतीश महाना ने कहा कि जीवन और मृत्यु ईश्वर के हाथ में है तथा मनुष्य को उसकी इच्छा को स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए ईश्वर से परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।

उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से श्रद्धांजलि अर्पित करने आए हैं और विधानसभा अध्यक्ष के रूप में भी शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हैं।

भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने दी श्रद्धांजलि

श्रद्धांजलि सभा में सदर विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी, भाजपा जिलाध्यक्ष फतेहचंद वर्मा, जिला मीडिया प्रभारी शिवांग रस्तोगी, भाजपा उपाध्यक्ष जितेंद्र सिंह, वरिष्ठ भाजपा नेता वीरेंद्र सिंह राठौर सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता और शहर के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

डॉ. रजनी सरीन के निधन ने चिकित्सा, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में एक ऐसा शून्य छोड़ दिया है, जिसकी भरपाई आसान नहीं होगी। सेवा, संवेदनशीलता और समर्पण की उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी। डॉ. रजनी सरीन को श्रद्धांजलि देने फर्रुखाबाद पहुंचे सतीश महाना, बोले- मां और बड़ी बहन जैसी थींफर्रुखाबाद में वरिष्ठ चिकित्सक एवं भाजपा नेत्री डॉ. रजनी सरीन के निधन पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना शामिल हुए। उन्होंने उन्हें मां और बड़ी बहन समान बताते हुए भावुक श्रद्धांजलि दी।

Anuj Singh
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