
आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री
वैदिक ज्योतिष, धर्मनिर्णय एवं कर्मकांड विशेषज्ञ।
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 11 जून 2027, गुरुवार
कालगणना
सृष्टि संवत् – 1,97,29,49,127
युगाब्द – 5129
विक्रम संवत् – 2084 (रौद्र संवत्सर)
शक संवत् – 1949
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – उत्तरायण
ऋतु – ग्रीष्म
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – ज्येष्ठ
पक्ष – कृष्ण पक्ष
तिथि – एकादशी – सायं 05:56 तक, तत्पश्चात् द्वादशी
वार – गुरुवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – अश्विनी – रात्रि 03:14 तक, तत्पश्चात् भरणी
योग – शोभन – मध्यरात्रि 10:10 तक, तत्पश्चात् अतिगण्ड
करण – वव – प्रातः 07:05 तक, तत्पश्चात् वलव सायं 06:20 तक, तत्पश्चात् कौलव
चंद्र गोचर
चन्द्रमा – मेष राशि में (अश्विनी से भरणी नक्षत्र की ओर गमन, रात्रि 03:14 के पश्चात्)
भद्रा – आज नहीं (भद्रारहित दिन — शुभ कार्यों हेतु विशेष अनुकूल)
सूर्य, काल एवं मुहूर्त (फर्रुखाबाद स्थानीय समय)
सूर्योदय – प्रातः 05:20
सूर्यास्त – सायं 07:11
अभिजित मुहूर्त – दोपहर 11:54 से 12:47 तक (गुरुवार को अभिजित अत्यन्त शुभ — सर्वकार्यसिद्धिकारक)
राहुकाल – दोपहर 01:30 से 03:00 तक (गुरुवार का राहुकाल)
दिशाशूल – दक्षिण दिशा (गुरुवार को दक्षिण दिशा में यात्रा वर्जित; अनिवार्य हो तो घर से दही लेकर प्रस्थान करें)
विशेष शुभ मुहूर्त – आज भद्रा का अभाव, शोभन योग एवं गुरुवार का संयोग अत्यन्त दुर्लभ एवं शुभकारी है। जातकर्म, नामकरण, शिशु-ताम्बूल भक्षण (अन्नप्राशन), शिशु को भूमि पर विठाना (भूमिस्पर्श संस्कार), प्रसूतिका स्नान, शय्यासनादि उपभोग (नवप्रसूता के बाहर आने का संस्कार), नव वस्त्र धारण, औषधि सेवन तथा वस्तु क्रय-विक्रय आदि सभी कार्यों के लिए आज का दिन अत्यन्त उत्तम एवं शास्त्रसम्मत है।
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
- ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी (योगिनी एकादशी): आज ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी है जिसे योगिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। पुराणों के अनुसार इस एकादशी का व्रत करने से कुष्ठ एवं समस्त पाप-रोगों से मुक्ति मिलती है। भगवान विष्णु की पूजा, तुलसी अर्पण एवं विष्णुसहस्रनाम पाठ का विशेष महत्त्व है।
- शोभन योग (मध्यरात्रि 10:10 तक): शोभन योग सौन्दर्य, समृद्धि एवं मङ्गल का योग है। इस योग में किए गए संस्कार, नामकरण, वस्त्र-क्रय एवं औषधि सेवन स्थायी शुभ फल देते हैं। आज का अधिकांश दिन इसी योग में बीतेगा जो समस्त शुभ कार्यों को और भी फलदायी बनाता है।
- अज शिशु-संस्कारों, विद्यारम्भ, नवान्न, ओषधि सेवन एवं व्यापारिक क्रय-विक्रय के लिए अनुपम अवसर है।
विशेष जानकारी
आज गुरुवार को बृहस्पति का प्रभाव सर्वोपरि है। गुरु मिथुन राशि में गोचर कर रहे हैं जिससे ज्ञान, विद्या एवं सन्तान सम्बन्धी कार्यों में विशेष सफलता मिलेगी। आज शोभन योग, भद्राराहित्य एवं गुरुवार के त्रिसंयोग में बालक-बालिकाओं के नामकरण, जातकर्म एवं अन्नप्राशन जैसे संस्कार सम्पन्न करना शास्त्रसम्मत एवं अत्यन्त शुभ है। प्रसूतिका स्नान एवं सूतिका गृह से बाहर निकलने के संस्कार के लिए यह दिन विशेष रूप से शुभ है। नए वस्त्र धारण एवं आभूषण क्रय के लिए भी आज का दिन उत्तम है। जिन जातकों को दीर्घकालिक रोग हो, वे आज औषधि-सेवन का शुभारम्भ कर सकते हैं। राहुकाल (दोपहर 01:30 से 03:00 तक) में कोई भी संस्कार या शुभ कार्य न करें। शनि दोष एवं केतु दोष शान्ति के लिए आज बृहस्पति की पूजा के साथ-साथ पीपल वृक्ष पर जल एवं कच्चा दूध अर्पित करें।

आज का राशिफल: 11 जून 2027, गुरुवार
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
चन्द्रमा आज आपकी स्वराशि में विराजमान है जिससे आत्मविश्वास एवं निर्णय-क्षमता चरम पर रहेगी। परिवार में कोई मांगलिक संस्कार सम्पन्न हो सकता है। व्यापार में नए सौदे करने के लिए सायं 05:56 से पहले का समय उत्तम है। रत्न एवं धातु व्यवसाय में आज विशेष लाभ के संकेत हैं। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा परन्तु रक्तचाप एवं सिरदर्द से सावधान रहें।
उपाय – लाल चन्दन से गणेश जी की पूजा करें और “ॐ गं गणपतये नमः” का 108 बार जप करें।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
गुरुवार का दिन आपके लिए धन एवं सम्पत्ति सम्बन्धी मामलों में शुभ समाचार लेकर आ सकता है। आभूषण, नव वस्त्र क्रय एवं रत्न व्यवसाय के लिए आज का शोभन योग अत्यन्त अनुकूल है। परिवार में प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। किसी नवजात शिशु के संस्कार में सहभागी होने का अवसर मिल सकता है। स्वास्थ्य ठीक रहेगा।
उपाय – केले के वृक्ष की पूजा करें, पीले वस्त्र धारण करें और “ॐ बृं बृहस्पतये नमः” का जप करें।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
गुरु आपकी राशि में विराजमान हैं जो आपके व्यक्तित्व को आज विशेष तेजस्वी बनाएगा। नई शिक्षा, लेखन एवं संचार कार्यों में असाधारण सफलता मिलेगी। व्यापारिक वार्ताएँ अनुकूल परिणाम देंगी। औषधि सेवन आरम्भ करने के लिए आज का शुभ मुहूर्त विशेष लाभकारी है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा; मन प्रसन्न एवं विचार स्पष्ट रहेंगे।
उपाय – भगवान विष्णु को पीताम्बर अर्पित करें और विष्णुसहस्रनाम का पाठ करें।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
चन्द्रमा आज मेष राशि में दशम भाव में गोचर कर रहे हैं जो कार्यक्षेत्र में सफलता का सूचक है। अधिकारियों का सहयोग एवं सामाजिक मान-सम्मान में वृद्धि होगी। पारिवारिक जीवन में किसी शुभ संस्कार का आयोजन हो सकता है। आर्थिक स्थिति सन्तोषजनक रहेगी। ग्रीष्म ऋतु में जलपान एवं आहार पर विशेष ध्यान दें।
उपाय – शिव मन्दिर में कच्चे दूध एवं बिल्वपत्र से जलाभिषेक करें।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
गुरुवार को सूर्यपुत्र के रूप में सिंह राशि के जातकों को गुरु का आशीर्वाद प्राप्त होगा। नव वस्त्र धारण एवं क्रय-विक्रय के लिए आज का दिन शुभ है। कार्यक्षेत्र में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी के संकेत हैं। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिल सकता है। प्रेम सम्बन्धों में मधुरता बनी रहेगी। स्वास्थ्य में हृदय एवं रीढ़ पर ध्यान दें।
उपाय – सूर्योदय के समय तांबे के लोटे से सूर्यार्घ्य दें और “ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः” का जप करें।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
शोभन योग एवं गुरुवार का संयोग आपके लिए व्यावसायिक उन्नति का सूचक है। लेखा-कार्य, स्वास्थ्य सेवा एवं शिल्प सम्बन्धी व्यवसाय में आज विशेष लाभ होगा। औषधि सेवन आरम्भ करने के लिए आज का दिन अत्यन्त शुभ है — रोग शीघ्र दूर होगा। नए वस्त्र एवं वस्तु क्रय भी आज फलदायी रहेगा। स्वास्थ्य ठीक रहेगा।
उपाय – हरी इलायची का भोग बुध यन्त्र पर लगाएँ और “ॐ बुं बुधाय नमः” का 108 बार जप करें।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
गुरुवार को शुक्र-गुरु का परस्पर सम्बन्ध आपके लिए वैवाहिक जीवन एवं सौन्दर्य-कार्यों में विशेष शुभ फल देगा। नव वस्त्र धारण एवं आभूषण क्रय के लिए आज का दिन उत्तम है। व्यापारिक साझेदारी में आज लाभकारी निर्णय लिए जा सकते हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा; मन प्रसन्न रहेगा।
उपाय – देवी लक्ष्मी को श्वेत कमल अर्पित करें और “ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः” का जप करें।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज चन्द्रमा आपके षष्ठ भाव में है जो शत्रु-पक्ष पर विजय का संकेत है। कानूनी एवं प्रशासनिक विवादों में आज अनुकूल निर्णय आ सकता है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा से जुड़े जातकों के लिए आज का दिन विशेष सफल रहेगा। औषधि सेवन का शुभारम्भ करने के लिए आज का मुहूर्त उत्तम है। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
उपाय – हनुमान जी को लाल पुष्प एवं सिन्दूर अर्पित करें और सुन्दरकाण्ड का पाठ करें।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे)
गुरु आपके सप्तम भाव में हैं और आज गुरुवार का दिन है — वैवाहिक जीवन एवं साझेदारी के लिए यह संयोग अत्यन्त शुभ है। परिवार में किसी शिशु के नामकरण या जातकर्म में सहभागी होने का अवसर मिल सकता है। धार्मिक कार्यों में मन लगेगा। उच्च शिक्षा एवं विदेश-सम्बन्धी कार्यों में प्रगति होगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।
उपाय – पीपल के वृक्ष पर जल एवं कच्चा दूध अर्पित करें और गुरु मन्त्र का जप करें।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी)
शनि स्वगृही होने के कारण आपके कार्यों में आज अनुशासन एवं दृढ़ता दिखेगी। गुरुवार के प्रभाव से आर्थिक लाभ एवं व्यापारिक विस्तार के अवसर बनेंगे। नव वस्त्र क्रय एवं वस्तु क्रय-विक्रय के लिए आज का शोभन योग शुभ है। परिवार में प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। जोड़ों के दर्द में आज आराम रहेगा।
उपाय – शनि मन्दिर में तिल के तेल का दीपक जलाएँ और “ॐ शं शनैश्चराय नमः” का 108 बार जप करें।
कुम्भ (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
शनि आपकी स्वराशि में हैं और गुरुवार का दिन होने से आज बुद्धि एवं विवेक से लिए गए निर्णय दीर्घकालिक लाभ देंगे। सामाजिक एवं वैज्ञानिक कार्यों में विशेष सफलता मिलेगी। मित्रों का सहयोग एवं प्रशंसा मिलेगी। औषधि सेवन एवं नवीन चिकित्सा का आरम्भ आज करना शुभ रहेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
उपाय – गरीब बच्चों को पीले वस्त्र एवं मिठाई का दान करें।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
गुरु का शुभ प्रभाव आपके पर विशेष रूप से पड़ रहा है। आध्यात्मिक एवं धार्मिक कार्यों में असाधारण सफलता मिलेगी। शिशु संस्कारों में सहभागी होने से विशेष पुण्य-लाभ होगा। कलात्मक एवं रचनात्मक कार्यों में आज मन लगेगा और सफलता भी मिलेगी। स्वास्थ्य में सुधार होगा; औषधि सेवन आरम्भ करने के लिए आज का दिन अत्यन्त उत्तम है।
उपाय – भगवान विष्णु को पीताम्बर एवं तुलसीदल अर्पित करें और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का 108 बार जप करें।
शुभम भवतु।

