
आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री
वैदिक ज्योतिष, धर्मनिर्णय एवं कर्मकांड विशेषज्ञ।
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 10 जून 2026, बुधवार
कालगणना
सृष्टि संवत् – 1,95,58,85,127
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083 (अधिक ज्येष्ठ – रौद्र संवत्सर)
शक संवत् – 1948
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – उत्तरायण
ऋतु – ग्रीष्म
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – अधिक ज्येष्ठ
पक्ष – कृष्ण
तिथि – दशमी सायं 05:56 तक, तत्पश्चात् एकादशी
वार – बुधवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – रेवती रात्रि 04:16 तक, तत्पश्चात् अश्विनी
योग – सौभाग्य मध्य रात्रि तक, तत्पश्चात् शोभन
करण – वणिज प्रातः 08:35 तक, तत्पश्चात् विष्टि (भद्रा) सायं 05:56 तक
चंद्र गोचर
चन्द्रमा – मीन राशि में रात्रि 04:16 तक, तत्पश्चात् मेष राशि में प्रवेश करेंगे।
सूर्य, काल एवं मुहूर्त (फर्रुखाबाद स्थानीय समय)
सूर्योदय – 05:25
सूर्यास्त – 07:34
अभिजित मुहूर्त – आज बुधवार होने के कारण अभिजित मुहूर्त मान्य नहीं है (वर्जित)।
राहुकाल – दोपहर 12:00 से 01:30 तक
दिशाशूल – उत्तर दिशा में (बुधवार होने के कारण)
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
- भद्रा (विष्टि करण): आज प्रातः 08:35 से लेकर सायं 05:56 तक भद्रा का प्रभाव रहेगा। इस दौरान सामान्य मांगलिक कार्य वर्जित रहेंगे, परंतु भद्रा प्रारंभ होने से पूर्व (प्रातः 08:35 से पहले) का समय शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त है।
- पंचक समाप्ति: पिछले पांच दिनों से चला आ रहा पंचक आज रात्रि 04:16 पर चन्द्रमा के रेवती नक्षत्र से निकलते ही पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।
शुभ मुहूर्त
आज भद्रा प्रारंभ होने से पूर्व (प्रातः 08:35 से पहले) पुंसवन, जातकर्म, नामकरण, शिशु ताम्बूल भक्षण, अन्नप्राशन, नववस्त्र धारण तथा औषधि सेवन (भैषज्य ग्रहण) के लिए अति उत्तम मुहूर्त विद्यमान है। इसके अतिरिक्त सायं 05:56 पर भद्रा समाप्त होने के बाद भी आवश्यक शुभ कार्य किए जा सकते हैं।
विशेष जानकारी
आज बुधवार को बुध के नक्षत्र रेवती और गुरु की राशि मीन का सुंदर योग है। आज के दिन विघ्नहर्ता भगवान गणेश की आराधना करने और उन्हें दूर्वा अंकुर अर्पित करने से व्यापार में आ रही बाधाएं दूर होती हैं। रत्न और परामर्श (Consultancy) क्षेत्र से जुड़े जातकों के लिए सायं काल के बाद का समय विशेष आर्थिक उन्नति देने वाला रहेगा।

आज का राशिफल: 10 जून 2026, बुधवार
मेष(चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
द्वादश भाव का चन्द्रमा रात्रि तक रहेगा, जिससे व्यावसायिक यात्राओं पर धन व्यय हो सकता है। भद्रा काल में किसी को उधार देने से बचें। रात्रि 04:16 के बाद चन्द्रमा का आपकी राशि में आना मानसिक शांति और नया उत्साह लेकर आएगा।
उपाय – भगवान गणेश को मोदक का भोग लगाएं और संकट नाशन स्तोत्र का पाठ करें।
वृषभ(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
एकादश भाव का चन्द्रमा आज पुराने निवेशों से बड़ा लाभ कराएगा। रत्न और आभूषण के व्यवसाय में दोपहर के बाद अच्छी प्रगति होगी। मित्रों और बड़े भाई-बहनों का पूर्ण सहयोग मिलेगा, जिससे कोई अटका हुआ काम पूरा होगा।
उपाय – मां लक्ष्मी की कपूर से आरती करें और श्रीसूक्त का पाठ करें।
मिथुन(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
दशम भाव में चन्द्रमा और सौभाग्य योग का प्रभाव आपके कार्यक्षेत्र में बड़ी सफलता दिलाएगा। आपकी निर्णय क्षमता और बुद्धिमत्ता की सराहना होगी। परामर्श (Consultancy) के कार्यों से जुड़े लोगों को नया क्लाइंट या बड़ा प्रोजेक्ट मिल सकता है।
उपाय – गाय को हरी घास खिलाएं और ‘ॐ बुं बुधाय नमः’ मंत्र का जप करें।
कर्क(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
भाग्य भाव का चन्द्रमा आपके सोचे हुए कार्यों को बल देगा। सुबह के शुभ मुहूर्त में किसी नए ज्ञान या विद्या की शुरुआत करना फलदायी रहेगा। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी और माता-पिता का पूर्ण आशीर्वाद प्राप्त होगा।
उपाय – शिवलिंग पर जल में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर अभिषेक करें।
सिंह(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
अष्टम भाव का चन्द्रमा होने के कारण भद्रा काल (प्रातः 08:35 से सायं 05:56) में कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचें। वाणी पर नियंत्रण रखें। सायं काल के बाद स्थितियां सुधरेंगी और अचानक कहीं से धन लाभ के रास्ते खुलेंगे।
उपाय – हनुमान चालीसा का पाठ करें और पक्षियों को लाल अनाज डालें।
कन्या(टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
सप्तम भाव का चन्द्रमा दाम्पत्य जीवन में मधुरता बनाए रखेगा। साझेदारी के व्यापार में पारदर्शिता रखना आज लाभ देगा। वस्त्र और मूल्यवान धातुओं के क्रय-विक्रय के लिए सायं काल के बाद का समय अत्यंत अनुकूल रहेगा।
उपाय – श्री गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें।
तुला(रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
छठे भाव का चन्द्रमा शत्रुओं और प्रतिस्पर्धियों पर आपका वर्चस्व बनाए रखेगा। यदि कोई अदालती या बैंक लोन का मामला अटका हुआ है, तो उसमें आज प्रगति देखने को मिलेगी। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें, ठंडी चीजों के सेवन से बचें।
उपाय – मां दुर्गा को सफेद पुष्प अर्पित करें और देवी कवच का पाठ करें।
वृश्चिक(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
पंचम भाव का चन्द्रमा विद्यार्थियों और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों को उत्तम परिणाम देगा। संतान की ओर से सुखद समाचार मिलेगा। आभूषण निर्माण या रत्नों के क्रय-विक्रय से जुड़े जातकों के लिए आज का दिन आर्थिक सुदृढ़ता लेकर आएगा।
उपाय – हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करें और बजरंग बाण का पाठ करें।
धनु(ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
चतुर्थ भाव का चन्द्रमा भूमि, भवन और वाहन से जुड़े मामलों में सफलता दिलाएगा। सुबह 08:35 से पहले नववस्त्र धारण करना या नए सुख-साधनों का प्रयोग करना शुभ रहेगा। माता का पूर्ण स्नेह और सहयोग आपको ऊर्जावान बनाए रखेगा।
उपाय – मस्तक पर पीला चंदन लगाएं और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
मकर(भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आपके पराक्रम और पुरुषार्थ में वृद्धि होगी। आपके द्वारा किए गए साहसिक निर्णय व्यापार को नई गति देंगे। भाई-बहनों के साथ संबंधों में सुधार होगा। छोटी दूरी की व्यावसायिक यात्राएं आज आपके लिए नए संपर्क स्थापित करेंगी।
उपाय – शनि देव के सम्मुख सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
कुंभ(गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
द्वितीय भाव (धन भाव) का चन्द्रमा संचित धन में वृद्धि कराएगा। यदि कोई पुराना भुगतान फंसा हुआ था, तो अपनी सौम्य वाणी के प्रभाव से आज आप उसे प्राप्त करने में सफल रहेंगे। परिवार में सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहेगा।
उपाय – पक्षियों को सात प्रकार का अनाज डालें और ॐ नमः शिवाय का जप करें।
मीन(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
चन्द्रमा आपकी ही राशि में गोचर कर रहे हैं, जिससे आत्मविश्वास और मानसिक स्पष्टता बनी रहेगी। सुबह के शुभ मुहूर्त में औषधि सेवन (भैषज्य ग्रहण) शुरू करना स्वास्थ्य के लिए अत्यंत उत्तम रहेगा। व्यापार में नई योजनाएं फलीभूत होंगी।
उपाय – नारायण कवच का पाठ करें और किसी विद्वान ब्राह्मण का आशीर्वाद लें।
शुभम भवतु।

