
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 21 जुलाई 2026, मंगलवार
कालगणना
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948 (पराभव)
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – वर्षा
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – आषाढ़ (अमांत), आषाढ़ (पूर्णिमांत)
पक्ष – शुक्ल
तिथि – अष्टमी अगले दिन (22 जुलाई) प्रातः 05:18 AM तक, तत्पश्चात् नवमी
वार – मंगलवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – चित्रा रात 08:49 PM तक, तत्पश्चात् स्वाती
योग – सिद्ध शाम 06:25 PM तक, तत्पश्चात् साध्य
करण – विष्टि (भद्रा) शाम 04:37 PM तक, तत्पश्चात् बव अगले दिन (22 जुलाई) प्रातः 05:18 AM तक, तत्पश्चात् बालव
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 05:29 AM
सूर्यास्त – 07:06 PM
चन्द्रोदय – 12:18 PM
चन्द्रास्त – 11:30 PM
चन्द्र राशि – कन्या प्रातः 07:55 AM तक, तत्पश्चात् तुला
अभिजित मुहूर्त – 11:50 AM से 12:45 PM तक
विजय मुहूर्त – 02:34 PM से 03:29 PM तक (दुर्मुहूर्त/राहुकाल रहित काल गणनानुसार)
अशुभ काल
राहुकाल – 03:42 PM से 05:24 PM तक
यमगण्ड – 08:53 AM से 10:35 AM तक
गुलिक काल – 01:39 PM से 02:34 PM तक
दुर्मुहूर्त – 08:12 AM से 09:07 AM तक
कंटक – 06:23 AM से 07:18 AM तक
कालवेला / अर्द्धयाम – 08:12 AM से 09:07 AM तक
यमघण्ट – 10:01 AM से 10:56 AM तक
शुभ चौघड़िया
चर – 08:53 AM से 10:35 AM तक
लाभ – 10:35 AM से 12:17 PM तक
अमृत – 12:17 PM से 01:59 PM तक
शुभ – 03:42 PM से 05:24 PM तक
दिशाशूल एवं यात्रा विचार
दिशाशूल – उत्तर
यात्रा उपाय – मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा टालें। यदि अनिवार्य हो, तो गुड़ या धनिया खाकर अथवा भगवान हनुमान जी के दर्शन कर प्रस्थान करें।
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
दुर्गाष्टमी व्रत (आषाढ़ शुक्ल अष्टमी)
आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि देवी दुर्गा की आराधना के लिए परम फलदायी मानी जाती है। आज शाम 04:37 PM तक भद्रा (विष्टि करण) का प्रभाव रहेगा, इसलिए कोई भी नया मांगलिक कार्य या शुभ अनुष्ठान भद्रा की समाप्ति के पश्चात् ही प्रारंभ करें।
चित्रा नक्षत्र का प्रभाव
रात 08:49 PM तक चित्रा नक्षत्र रहेगा, जिसके स्वामी मंगल देव हैं। यह नक्षत्र रचनात्मकता, कलात्मक कार्यों, शिल्प और सौंदर्य से जुड़े कार्यों में विशेष सफलता प्रदान करता है। इसके बाद राहु के स्वामित्व वाले स्वाती नक्षत्र का आगमन होगा।
विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण
आज चन्द्रमा प्रातः 07:55 AM पर कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में प्रवेश करेंगे। तुला राशि में चन्द्रमा का गोचर साझेदारी के कार्यों, व्यापारिक वार्ताओं और दाम्पत्य जीवन में संतुलन स्थापित करने के लिए एक सकारात्मक ज्योतिषीय वातावरण तैयार करेगा।

आज का राशिफल – 21 जुलाई 2026 मंगलवार
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
प्रातः काल के बाद चन्द्रमा का गोचर आपके सप्तम भाव में होगा, जिससे व्यापारिक साझेदारों के साथ संबंध प्रगाढ़ होंगे। दाम्पत्य जीवन में चल रहा तनाव समाप्त होगा। नए व्यावसायिक संपर्क स्थापित हो सकते हैं।
उपाय – हनुमान जी को बूंदी का प्रसाद चढ़ाएं।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज शत्रुओं और प्रतिस्पर्धियों पर आपकी विजय होगी। नौकरीपेशा जातकों को कार्यक्षेत्र में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन आप अपनी बुद्धिमत्ता से पार पा लेंगे। सेहत का ध्यान रखें।
उपाय – सुंदरकांड का पाठ करें या श्रवण करें।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
विद्यार्थियों और प्रतियोगिता की तैयारी कर रहे जातकों के लिए दिन उत्तम है। संतान की ओर से सुखद समाचार मिलेगा। बुद्धि और कौशल के बल पर आर्थिक लाभ कमाने में सफल रहेंगे।
उपाय – भगवान गणेश को मोदक का भोग लगाएं।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
घरेलू सुख-साधनों में वृद्धि होगी। भूमि, भवन या वाहन के क्रय-विक्रय की योजना बन सकती है। माता के स्वास्थ्य को लेकर थोड़ा सजग रहें। कार्यक्षेत्र में दिन सामान्य रूप से फलदायी रहेगा।
उपाय – शिवलिंग पर लाल चंदन का तिलक लगाएं।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आपके पराक्रम और पुरुषार्थ में वृद्धि होगी। अटके हुए सरकारी कार्य किसी प्रभावशाली व्यक्ति की मदद से पूरे हो सकते हैं। छोटी दूरी की यात्राएं लाभप्रद रहेंगी। भाई-बहनों से सहयोग मिलेगा।
उपाय – हनुमान चालीसा का 3 बार पाठ करें।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज आपकी आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है। अटका हुआ धन वापस आने के योग हैं। परिवार के सदस्यों के साथ किसी मांगलिक विषय पर गंभीर चर्चा हो सकती है। वाणी पर नियंत्रण रखें।
उपाय – गाय को हरी घास या पालक खिलाएं।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
प्रातः काल के बाद चन्द्रमा आपकी ही राशि में गोचर करेंगे, जिससे मानसिक भ्रम दूर होगा और आत्मविश्वास लौटेगा। सामाजिक रूप से आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। कार्यक्षेत्र में आपके निर्णयों की सराहना होगी।
उपाय – देवी लक्ष्मी के सम्मुख घी का दीपक जलाएं।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
दिन के पूर्वार्ध में खर्चों की अधिकता मानसिक तनाव दे सकती है। अनावश्यक विवादों और अदालती चक्करों से दूर रहें। शाम के बाद स्थितियां सुधरेंगी और आप राहत की सांस लेंगे।
उपाय – बजरंग बाण का पाठ करें।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, FA, ढा, भे)
आर्थिक दृष्टिकोण से आज का दिन बेहद लाभकारी है। आय के नए स्रोतों का निर्माण होगा। मित्रों और बड़े भाई-बहनों का सहयोग आपके व्यापार को नई गति प्रदान करेगा। मन प्रसन्न रहेगा।
उपाय – श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
कार्यक्षेत्र और आजीविका के क्षेत्र में बड़ा बदलाव या पदोन्नति के योग बन रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारी आपके काम से प्रभावित रहेंगे। व्यावसायिक स्तर पर आपकी साख मजबूत होगी। पारिवारिक सुख मिलेगा।
उपाय – शनि चालीसा का पाठ करें।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
भाग्य का पूरा सहयोग आज आपके साथ है। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में आपकी रुचि बढ़ेगी। किसी लंबी दूरी की लाभकारी यात्रा पर जाने की योजना सफल हो सकती है।
उपाय – चींटियों को कसूर (आटा-चीनी का मिश्रण) डालें।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज का दिन थोड़ा सतर्क रहकर बिताने का है। स्वास्थ्य के प्रति असावधानी न बरतें। अचानक कुछ अनपेक्षित खर्च सामने आ सकते हैं। वाणी और क्रोध पर नियंत्रण रखना अत्यंत आवश्यक है।
उपाय – हनुमान जी के मंदिर में लाल सिंदूर अर्पित करें।
॥ शुभम भवतु ॥

