5 जून 2026 का वैदिक पंचांग और राशिफल

आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री
वैदिक ज्योतिष, धर्मनिर्णय एवं कर्मकांड विशेषज्ञ।
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 05 जून 2026, शुक्रवार

कालगणना
सृष्टि संवत् – 1,95,58,85,127
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083 (अधिक ज्येष्ठ – रौद्र संवत्सर)
शक संवत् – 1948
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – उत्तरायण
ऋतु – ग्रीष्म

मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – अधिक ज्येष्ठ
पक्ष – कृष्ण
तिथि – पंचमी रात्रि 09:37 तक, तत्पश्चात् षष्ठी
वार – शुक्रवार

नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – श्रवण रात्रि 02:50 तक, तत्पश्चात् धनिष्ठा
योग – ऐंद्र प्रातः 07:24 तक, तत्पश्चात् वैधृति
करण – गर प्रातः 09:51 तक, तत्पश्चात् वणिज रात्रि 10:11 तक तत्पश्चात् कुंभ

चंद्र गोचर
चन्द्रमा – मकर राशि में दोपहर 03:28 तक

सूर्य, काल एवं मुहूर्त (फर्रुखाबाद स्थानीय समय)
सूर्योदय – 05:25
सूर्यास्त – 07:32
अभिजित मुहूर्त – दोपहर 11:59 से 12:46 तक
राहुकाल – प्रातः 10:30 से 12:00 तक
दिशाशूल – पश्चिम दिशा में (शुक्रवार होने के कारण)

व्रत-पर्व एवं विशेष योग

  1. वैधृति योग: प्रातः 07:54 के बाद ‘वैधृति योग’ प्रारंभ होगा। यह योग स्थिर और शांत रहकर साधना करने के लिए उपयुक्त है, परंतु इसमें कोई भी नया व्यावसायिक अनुबंध या मांगलिक कार्य का श्रीगणेश करना वर्जित माना जाता है।
  2. श्रवण नक्षत्र योग: आज श्रवण नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जिसके स्वामी चन्द्रमा हैं। यह नक्षत्र विद्या अध्ययन, नए ज्ञान की प्राप्ति और ज्योतिषीय चिंतन के लिए अत्यंत शुभ फलदायी होता है।

विशेष जानकारी
आज चन्द्रमा पूरा दिन न्याय के देवता शनिदेव की राशि मकर में गोचर करेंगे। शुक्रवार के दिन मकर राशि के चन्द्रमा और श्रवण नक्षत्र का संयोग होने से मां लक्ष्मी और भगवान नारायण की संयुक्त पूजा विशेष फल देती है। आज के दिन “ॐ नमो नारायणाय” अथवा “श्रीसूक्त” का पाठ करने से आर्थिक तंगी दूर होती है और व्यापार में आ रही मंदी समाप्त होती है।

आज का राशिफल: 05 जून 2026, शुक्रवार

मेष(चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
दशम भाव (कर्म भाव) का चन्द्रमा आज आपको कार्यक्षेत्र में अत्यधिक व्यस्त रखेगा। नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। रत्न और आभूषण व्यवसाय से जुड़े जातकों को दोपहर के बाद अच्छा लाभ होने के योग हैं। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग बना रहेगा।
उपाय – मां लक्ष्मी को मिश्री का भोग लगाएं और कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें।

वृषभ(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
भाग्य भाव का चन्द्रमा आज आपके सोचे हुए कार्यों को पूरा करेगा। धार्मिक कार्यों और आध्यात्मिक चिंतन में रुचि बढ़ेगी। व्यापार के सिलसिले में की गई यात्राएं दूरगामी लाभ देंगी। आर्थिक स्थिति दोपहर के बाद और मजबूत होगी।
उपाय – मस्तक पर सफेद चंदन का तिलक लगाएं और लक्ष्मी चालीसा का पाठ करें।

मिथुन(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
अष्टम भाव का चन्द्रमा होने से आज का दिन थोड़ा संभलकर चलने का है। वैधृति योग के प्रभाव के कारण किसी भी नए बड़े निवेश या नए सौदे से बचें। वाणी पर नियंत्रण रखें और वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें।
उपाय – भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करें और संकट नाशन स्तोत्र का पाठ करें।

कर्क(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
सप्तम भाव का चन्द्रमा दाम्पत्य जीवन में मधुरता लाएगा। जीवनसाथी के सहयोग से कोई बड़ा व्यावसायिक निर्णय ले सकते हैं। साझेदारी के कार्यों में चल रहा गतिरोध दूर होगा। रत्नों के क्रय-विक्रय के लिए शाम का समय उत्तम है।
उपाय – शिवलिंग पर जल में थोड़ा सा कच्चा दूध मिलाकर अभिषेक करें।

सिंह(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
छठे भाव का चन्द्रमा विरोधियों और शत्रुओं को शांत रखेगा। यदि कोर्ट-कचहरी या बैंक लोन से जुड़ा कोई मामला अटका हुआ है, तो उसमें आज गति आएगी। स्वास्थ्य के प्रति थोड़ी सावधानी रखें, खान-पान पर नियंत्रण जरूरी है।
उपाय – सूर्य देव को तांबे के पात्र से अर्घ्य दें और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।

कन्या(टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
पंचम भाव का चन्द्रमा विद्यार्थियों और लेखकों के लिए उत्तम बौद्धिक विकास लेकर आया है। संतान पक्ष से कोई शुभ समाचार मिल सकता है। रत्न व्यवसाय और परामर्श (Consultancy) के कार्य से जुड़े लोगों को आकस्मिक लाभ होने की संभावना है।
उपाय – श्री गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें और गाय को हरी घास खिलाएं।

तुला(रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
चतुर्थ भाव का चन्द्रमा भूमि, भवन या वाहन के क्रय-विक्रय की योजनाओं को बल देगा। माता का पूर्ण सानिध्य और आशीर्वाद मिलेगा। कार्यक्षेत्र में काम का दबाव अधिक रह सकता है, जिससे शाम को थोड़ी मानसिक थकान महसूस होगी।
उपाय – श्रीसूक्त का पाठ करें और किसी मंदिर में कपूर का दान करें।

वृश्चिक(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आपके पराक्रम और पुरुषार्थ में वृद्धि होगी। भाई-बहनों के साथ संबंधों में सुधार होगा और उनका व्यावसायिक सहयोग भी मिलेगा। छोटी दूरी की यात्राएं आपके व्यापार के लिए नए मार्ग खोलेंगी। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
उपाय – हनुमान चालीसा का पाठ करें और बजरंग बली को बूंदी का भोग लगाएं।

धनु(ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा,भे)
द्वितीय भाव का चन्द्रमा संचित धन और बैंक-बैलेंस में वृद्धि कराएगा। वाणी की सौम्यता से आज आप अटके हुए व्यावसायिक भुगतान प्राप्त करने में सफल रहेंगे। परिवार में किसी मांगलिक उत्सव की चर्चा होगी।
उपाय – मस्तक पर केसर का तिलक लगाएं और भगवान विष्णु के मंत्रों का जप करें।

मकर(भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
चन्द्रमा आपकी ही राशि में गोचर कर रहे हैं, जिससे आत्मविश्वास चरम पर रहेगा। श्रवण नक्षत्र के प्रभाव से आपकी निर्णय क्षमता बहुत सटीक रहेगी। हालांकि, वैधृति योग के कारण आज बड़े निवेश को टालना ही बेहतर होगा।
उपाय – शनि देव के सम्मुख सरसों के तेल का दीपक जलाएं और हनुमान बाण का पाठ करें।

कुंभ(गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
द्वादश भाव का चन्द्रमा होने से आज खर्चों की अधिकता रह सकती है। विलासिता या धार्मिक अनुष्ठानों पर धन व्यय होगा। सुदूर व्यापार या विदेशी संपर्कों से जुड़े जातकों के लिए दिन लाभदायक रहेगा। गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें।
उपाय – पक्षियों को सात प्रकार का अनाज डालें और ॐ नमः शिवाय का जप करें।

मीन(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
एकादश भाव का चन्द्रमा आय के स्रोतों में बड़ी वृद्धि का संकेत दे रहा है। पुराने किए गए निवेश या रत्नों के व्यापार से आज मनमुताबिक लाभ मिलेगा। बड़े भाई-बहनों और मित्रों का पूर्ण सहयोग आपके करियर को नई गति देगा।
उपाय – नारायण कवच का पाठ करें और किसी विद्वान ब्राह्मण का आशीर्वाद लें।

शुभम भवतु।

Samvad 24 Office
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