
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 18 जुलाई 2026, शनिवार
कालगणना
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – उत्तरायण
ऋतु – वर्षा
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – आषाढ़ (अमांत), आषाढ़ (पूर्णिमांत)
पक्ष – शुक्ल
तिथि – चतुर्थी प्रातः 09:22 तक, तत्पश्चात् पंचमी
वार – शनिवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – पूर्वाफाल्गुनी रात्रि 09:57 तक, तत्पश्चात् उत्तराफाल्गुनी
योग – व्यतीपात रात्रि 12:37 तक (19 जुलाई प्रातः), तत्पश्चात् वरीयान
करण – विष्टि (भद्रा) प्रातः 09:22 तक, तत्पश्चात् बव रात्रि 10:31 तक, तत्पश्चात् बालव
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 05:39 AM
सूर्यास्त – 07:16 PM
चन्द्रोदय – 08:36 AM
चन्द्रास्त – 10:15 PM
चन्द्र राशि – सिंह अगले दिन (19 जुलाई) प्रातः 04:39 तक, तत्पश्चात् कन्या
अभिजित मुहूर्त – 12:00 PM से 12:54 PM तक
विजय मुहूर्त – 02:43 PM से 03:37 PM तक (दुर्मुहूर्त/राहुकाल रहित काल गणनानुसार)
अशुभ काल
राहुकाल – 09:03 AM से 10:45 AM तक
यमगण्ड – 02:09 PM से 03:51 PM तक
गुलिक काल – 05:39 AM से 07:21 AM तक
दुर्मुहूर्त – 05:39 AM से 07:28 AM तक
वर्ज्यम् – कोई नहीं
शुभ चौघड़िया
शुभ – 07:21 AM से 09:03 AM तक
चर – 02:09 PM से 03:51 PM तक
लाभ – 03:51 PM से 05:33 PM तक
अमृत – 05:33 PM से 07:16 PM तक
दिशाशूल एवं यात्रा विचार
दिशाशूल – पूर्व
यात्रा उपाय – शनिवार को पूर्व दिशा की यात्रा टालें। यदि अनिवार्य हो, तो अदरक या उड़द की दाल खाकर अथवा भगवान शनिदेव का स्मरण कर प्रस्थान करें।
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
वरद विनायकी चतुर्थी व्रत
आज आषाढ़ शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि होने से ‘वरद विनायकी गणेश चतुर्थी’ का व्रत रखा जाएगा। विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश की आराधना का यह महापर्व भक्तों के सभी संकटों को दूर करने और सुख, बुद्धि व समृद्धि प्रदान करने वाला है।
पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र व व्यतीपात योग का प्रभाव
रात्रि 09:57 तक पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र रहेगा, जिसके स्वामी भाग्य के देवता ‘भग’ और ग्रह शुक्र हैं। यह कला और आराम का कारक है। आज व्यतीपात योग होने के कारण मांगलिक कार्य वर्जित रहेंगे, परंतु इस योग में किया गया मंत्र जप और दान अक्षय फल देता है।
विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण
आज प्रातः काल 09:22 तक भद्रा (विष्टि करण) का प्रभाव रहेगा, अतः इस समय तक कोई भी शुभ या नया कार्य आरंभ करने से बचें। चंद्रमा पूरे दिन सिंह राशि में संचार करेंगे, जिससे लोगों में प्रशासनिक क्षमता, आत्मविश्वास और नेतृत्व के गुणों में वृद्धि देखने को मिलेगी।

आज का राशिफल – 18 जुलाई 2026 शनिवार
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
चंद्रमा का पंचम भाव में गोचर आपकी बुद्धि और निर्णय क्षमता को मजबूत करेगा। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिल सकता है। लॉटरी या शेयर बाजार से जुड़े लोगों को अचानक धन लाभ होने के योग हैं।
उपाय – शनि चालीसा का पाठ करें और हनुमान जी को बूंदी का भोग लगाएं।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
चतुर्थ चंद्रमा के कारण भूमि, भवन या वाहन की खरीदारी के विचार बन सकते हैं। माता के स्वास्थ्य को लेकर थोड़ा चिंतित हो सकते हैं। कार्यक्षेत्र में काम का दबाव अधिक रहेगा, धैर्य से काम लें।
उपाय – उड़द की दाल का दान करें और पीपल के वृक्ष के पास दीपक जलाएं।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
तृतीय भाव का चंद्रमा आपके पराक्रम और साहस में वृद्धि करेगा। छोटे भाई-बहनों का पूरा सहयोग मिलेगा। व्यावसायिक यात्राएं अत्यंत लाभकारी सिद्ध होंगी। शत्रु आपके सामने टिक नहीं पाएंगे।
उपाय – भगवान शिव पर काले तिल अर्पित करें।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
द्वितीय भाव का चंद्रमा आपकी वाणी में आकर्षण लाएगा, जिससे रुके हुए काम आसानी से बन जाएंगे। धन संचय करने में सफलता मिलेगी। पैतृक संपत्ति से जुड़ा कोई पुराना विवाद आज सुलझ सकता है।
उपाय – शनि देव के मंत्र ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ का जप करें।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
चंद्रमा आपकी ही राशि में गोचर कर रहे हैं, जिससे आपका आत्मविश्वास चरम पर रहेगा। सामाजिक मान-सम्मान और प्रतिष्ठा में भारी वृद्धि होगी। व्यापार में लिए गए साहसिक निर्णय लाभ देंगे।
उपाय – सुंदरकांड का पाठ करें या श्रवण करें।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
द्वादश चंद्रमा के कारण अनावश्यक दौड़भाग और खर्चों की अधिकता रह सकती है। सेहत के प्रति लापरवाही न बरतें, विशेषकर आंखों या पैरों में तकलीफ हो सकती है। कोर्ट-कचहरी के मामलों में सतर्क रहें।
उपाय – किसी जरूरतमंद या दिव्यांग व्यक्ति को भोजन कराएं।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
एकादश भाव का चंद्रमा आर्थिक रूप से शानदार परिणाम देगा। आय के नए स्रोत बनेंगे और पुराना अटका हुआ धन वापस मिल सकता है। मित्रों और वरिष्ठ अधिकारियों का भरपूर सहयोग प्राप्त होगा।
उपाय – हनुमान जी के सम्मुख चमेली के तेल का दीपक जलाएं।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
दशम चंद्रमा आपके करियर और कारोबार के लिए अत्यंत शुभ फलदायी है। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। समाज के रसूखदार लोगों से संपर्क मजबूत होंगे।
उपाय – शनि स्तोत्र का पाठ करें।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
भाग्य स्थान का चंद्रमा आपके अटके हुए कार्यों को गति देगा। धार्मिक और मांगलिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। लंबी दूरी की यात्रा या तीर्थ यात्रा के योग बन रहे हैं। विद्यार्थियों को अच्छे परिणाम मिलेंगे।
उपाय – चींटियों को आटा और शक्कर डालें।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
अष्टम भाव में चंद्रमा का गोचर होने से आज स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना होगा। वाहन चलाते समय गति पर नियंत्रण रखें। गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें और पैसों के लेन-देन में जल्दबाजी न करें।
*उपाय” – महामृत्युंजय मंत्र का यथासंभव जप करें।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
सप्तम चंद्रमा दाम्पत्य जीवन में मधुरता लाएगा। जीवनसाथी के नाम से किया गया व्यापार बड़ा मुनाफा दे सकता है। साझेदारी के कामों में सफलता मिलेगी और आपसी समझ बढ़ेगी।
उपाय – सरसों के तेल का दान करें।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
छठे भाव का चंद्रमा आपको विरोधियों और शत्रुओं पर विजय दिलाएगा। यदि कोई पुराना कर्ज था, तो आज उससे मुक्ति के रास्ते खुलेंगे। ननिहाल पक्ष से कोई शुभ समाचार मिल सकता है।
उपाय – हनुमान चालीसा का पाठ करें और पक्षियों को सात प्रकार का अनाज (सप्तधान्य) डालें।
॥ शुभम भवतु ॥

